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Lalitpur News: 31 दिन में आग लगने की 110 घटनाएं
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। आग की घटनाओं से बड़े पैमाने पर गेहूं की फसल राख हो रही है। ऊपर से बढ़ता तापमान आग में घी का काम कर रहा है। मार्च में आग लगने की 110 घटनाएं सामने आईं, जिसमें 100 एकड़ से अधिक गेहूं की फसल राख हो गई।
रबी की फसलें मार्च तक पक जाती हैं। एक से 31 मार्च तक ऐसा कोई दिन नहीं गया, जब आग लगने की घटना न हुई हो और अग्निशमन विभाग का सायरन न बजा हो। अग्निशमन विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस साल मार्च में ही करीब 110 घटनाएं आग लगने की हुईं। इन घटनाओं में सैकड़ों एकड़ खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जल गई। जबकि आग लगने कुछ की घटनाएं फसल के अवशेषों में लगने की रही।
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बिजली के जर्जर तार ढा रहे कहर
ग्रामीणों के अनुसार अधिकांश क्षेत्रों में बिजली की लाइनें जर्जर हो चुकी हैं। कई जगह तार जमीन से कुछ फीट ऊपर ही लटक रहे हैं। जब हवा चलती है तो तार आपस में टकराते हैं और उससे उठने वाली स्पार्किंग खेत में आग लगने का कारण बन जाती है।
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कई किसानों पर संकट
खरीफ सीजन के बाद रबी की फसल से किसानों को बहुत उम्मीदें थीं। गेहूं की बोआई पर बीज, खाद, जोताई-बोआई, कीटनाशक और देखरेख पर हजारों रुपये खर्च इस उम्मीद से किए कि फसल आने पर सब कुछ ठीक हो जाएगा। लेकिन, खेत में पक कर तैयार फसल में आग लगने पर किसानों की उम्मीद समाप्त हो गई। किसानों के परिवारों पर संकट आ गया है।
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ललितपुर। आग की घटनाओं से बड़े पैमाने पर गेहूं की फसल राख हो रही है। ऊपर से बढ़ता तापमान आग में घी का काम कर रहा है। मार्च में आग लगने की 110 घटनाएं सामने आईं, जिसमें 100 एकड़ से अधिक गेहूं की फसल राख हो गई।
रबी की फसलें मार्च तक पक जाती हैं। एक से 31 मार्च तक ऐसा कोई दिन नहीं गया, जब आग लगने की घटना न हुई हो और अग्निशमन विभाग का सायरन न बजा हो। अग्निशमन विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस साल मार्च में ही करीब 110 घटनाएं आग लगने की हुईं। इन घटनाओं में सैकड़ों एकड़ खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जल गई। जबकि आग लगने कुछ की घटनाएं फसल के अवशेषों में लगने की रही।
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बिजली के जर्जर तार ढा रहे कहर
ग्रामीणों के अनुसार अधिकांश क्षेत्रों में बिजली की लाइनें जर्जर हो चुकी हैं। कई जगह तार जमीन से कुछ फीट ऊपर ही लटक रहे हैं। जब हवा चलती है तो तार आपस में टकराते हैं और उससे उठने वाली स्पार्किंग खेत में आग लगने का कारण बन जाती है।
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कई किसानों पर संकट
खरीफ सीजन के बाद रबी की फसल से किसानों को बहुत उम्मीदें थीं। गेहूं की बोआई पर बीज, खाद, जोताई-बोआई, कीटनाशक और देखरेख पर हजारों रुपये खर्च इस उम्मीद से किए कि फसल आने पर सब कुछ ठीक हो जाएगा। लेकिन, खेत में पक कर तैयार फसल में आग लगने पर किसानों की उम्मीद समाप्त हो गई। किसानों के परिवारों पर संकट आ गया है।