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समस्या: एसडीएम ने कचहरी चौराहे पर बने फव्वारे का रोका निर्माण
Updated Wed, 21 Mar 2018 02:05 AM IST
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एसडीएम ने रोका निर्माण फव्वारे का निर्माण
ललितपुर। उप जिलाधिकारी ने कचहरी चौराहे पर बने फव्वारे में चल रहे निर्माण को रोक दिया है। कुछ लोग इस कदम को सही ठहरा रहे हैं तो कुछ लोग फव्वारे को नया रूप दिए जाने के पक्ष में खड़े दिखाई दे रहे हैं।
मालूम हो कि तत्कालीन डीएम जुहेरबिन सगीर ने चौराहों को सुंदर बनाने के लिए विभिन्न स्थानों पर राजस्थानी नक्काशी से फव्वारों का निर्माण कराया था, इसमें कचहरी चौराहा, तुवन चौराहा, पाली स्थित चौराहा शामिल है। इसके निर्माण की जिम्मेदारी डूडा को सौंपी गई। तुवन चौराहे का फव्वारे कुछ महीनों तक नगरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा, लेकिन कचहरी चौराहे के फव्वारे में तकनीकी खामियां बनी रहीं, जिससे यह फव्वारा ज्यादा दिन तक नहीं चल सका। कभी इसका पानी सड़क पर गिरता दिखा तो कभी फव्वारे ने ठीक से काम नहीं किया। डीएम जुहेर बिन सगीर के जाते ही किसी डीएम ने इस ओर पलटकर नहीं देखा। तुवन चौराहे के फव्वारे की रैलिंग क्षतिग्रस्त हो चुकी है तो कचहरी चौराहे के फव्वारे की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। कमोवेश यही हाल पाली के फव्वारे का है। जिम्मेदार विभागों ने इन फव्वारों की मरम्मत कराना उचित नहीं समझा। इसके विपरीत कमियों को छिपाने के लिए कचहरी चौराहे के फव्वारे में नए निर्माण को अनुमति दे दी गई। इस बात को लेकर नगर के लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का तर्क है कि तत्कालीन डीएम की एक अच्छी योजना पर पानी फेरा जा रहा है। उन्होंने इसका खास लाल पत्थरों से निर्माण कराया था, इसमें अब सफेद पत्थर का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे उसकी सुंदरता प्रभावित हो रही है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि प्रशासन तो इस फव्वारे को चालू नहीं करा सका। अब जब एक संस्था कार्य करा रही है तो वह पूर्व की भांति पानी छोड़ सकेगा। इसमें किसी को ऐतराज नहीं होना चाहिए। लेकिन इसका निर्माण रुकने से शहर में तरह-तरहकी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
.......
पालिका ने दी है अनुमति
नगरपालिका परिषद में नए निर्माण की अनुमति के लिए आवेदन किया गया था। इसे अनुमति देने से पहले प्राप्त आवेदन को जिलाधिकारी कार्यालय भेजा गया था। उसके उपरांत अनुमति प्रदान की गई है।
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अवनींद्र कुमार
अधिशासीअधिकारी
नगरपालिका परिषद ललितपुर।
.......
अनुमति का मामला जांच का विषय
कचहरी चौराहे के फव्वारे में कराए जा रहे निर्माण कार्य को रोक दिया गया है। इस निर्माण के लिए अनुमति ली गई या नहीं। यह जांच का विषय है।
महेश प्रसाद दीक्षित
एसडीएम सदर
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लागत राशि नहीं जानकारी
डूडा द्वारा फव्वारे का निर्माण कराया गया है लेकिन यह मेरे समय का नहीं है। इस कारण इसकी लागत राशि की जानकारी नही ंहै। जब कोई निर्माण पूर्ण होता है तो वह संबंधित विभाग की देखरेख में पहुंच जाता है। नगर पालिका या प्रशासन ही इसके निर्माण के संबंध में कोई जानकारी दे सकता है।
मुहम्मद आरिफ
सहायक परियोजना अधिकारी डूडा
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ललितपुर। उप जिलाधिकारी ने कचहरी चौराहे पर बने फव्वारे में चल रहे निर्माण को रोक दिया है। कुछ लोग इस कदम को सही ठहरा रहे हैं तो कुछ लोग फव्वारे को नया रूप दिए जाने के पक्ष में खड़े दिखाई दे रहे हैं।
मालूम हो कि तत्कालीन डीएम जुहेरबिन सगीर ने चौराहों को सुंदर बनाने के लिए विभिन्न स्थानों पर राजस्थानी नक्काशी से फव्वारों का निर्माण कराया था, इसमें कचहरी चौराहा, तुवन चौराहा, पाली स्थित चौराहा शामिल है। इसके निर्माण की जिम्मेदारी डूडा को सौंपी गई। तुवन चौराहे का फव्वारे कुछ महीनों तक नगरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा, लेकिन कचहरी चौराहे के फव्वारे में तकनीकी खामियां बनी रहीं, जिससे यह फव्वारा ज्यादा दिन तक नहीं चल सका। कभी इसका पानी सड़क पर गिरता दिखा तो कभी फव्वारे ने ठीक से काम नहीं किया। डीएम जुहेर बिन सगीर के जाते ही किसी डीएम ने इस ओर पलटकर नहीं देखा। तुवन चौराहे के फव्वारे की रैलिंग क्षतिग्रस्त हो चुकी है तो कचहरी चौराहे के फव्वारे की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। कमोवेश यही हाल पाली के फव्वारे का है। जिम्मेदार विभागों ने इन फव्वारों की मरम्मत कराना उचित नहीं समझा। इसके विपरीत कमियों को छिपाने के लिए कचहरी चौराहे के फव्वारे में नए निर्माण को अनुमति दे दी गई। इस बात को लेकर नगर के लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का तर्क है कि तत्कालीन डीएम की एक अच्छी योजना पर पानी फेरा जा रहा है। उन्होंने इसका खास लाल पत्थरों से निर्माण कराया था, इसमें अब सफेद पत्थर का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे उसकी सुंदरता प्रभावित हो रही है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि प्रशासन तो इस फव्वारे को चालू नहीं करा सका। अब जब एक संस्था कार्य करा रही है तो वह पूर्व की भांति पानी छोड़ सकेगा। इसमें किसी को ऐतराज नहीं होना चाहिए। लेकिन इसका निर्माण रुकने से शहर में तरह-तरहकी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
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पालिका ने दी है अनुमति
नगरपालिका परिषद में नए निर्माण की अनुमति के लिए आवेदन किया गया था। इसे अनुमति देने से पहले प्राप्त आवेदन को जिलाधिकारी कार्यालय भेजा गया था। उसके उपरांत अनुमति प्रदान की गई है।
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अवनींद्र कुमार
अधिशासीअधिकारी
नगरपालिका परिषद ललितपुर।
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अनुमति का मामला जांच का विषय
कचहरी चौराहे के फव्वारे में कराए जा रहे निर्माण कार्य को रोक दिया गया है। इस निर्माण के लिए अनुमति ली गई या नहीं। यह जांच का विषय है।
महेश प्रसाद दीक्षित
एसडीएम सदर
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लागत राशि नहीं जानकारी
डूडा द्वारा फव्वारे का निर्माण कराया गया है लेकिन यह मेरे समय का नहीं है। इस कारण इसकी लागत राशि की जानकारी नही ंहै। जब कोई निर्माण पूर्ण होता है तो वह संबंधित विभाग की देखरेख में पहुंच जाता है। नगर पालिका या प्रशासन ही इसके निर्माण के संबंध में कोई जानकारी दे सकता है।
मुहम्मद आरिफ
सहायक परियोजना अधिकारी डूडा