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स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
Updated Mon, 18 Sep 2017 01:51 AM IST
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तीन एएनएम और 11 आशाएं निलंबित
ललितपुर।
स्वास्थ्य विभाग के कार्यों में शिथिलता बरतने और काम में दिलचस्पी न लेने पर डीएम के निर्देश पर सीएमओ डॉ. प्रताप सिंह ने तीन एएनएम और 11 आशाओं के खिलाफ कार्रवाई की है। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा बार स्वास्थ्य केंद्र पर अधीक्षक के स्थानांतरण के बाद उपजे विवाद के बाद सीएमओ ने अधीक्षक का तबादला निरस्त कर दिया है।
कुछ दिन पूर्व स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में डीएम ने सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं में शिथिलता बरतने और नियमानुसार काम न किए जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए सीएमओ को संबंधितों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके अतिरिक्त मिशन इंद्रधनुष के अंतर्गत हेड काउंट सर्वे में रुचि न लेने वाली चार एएमएम को निलंबित करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में रविवार को सीडीओ प्रताप सिंह ने मड़ावरा ब्लाक में संविदा पर कार्यरत एएनएम दीपिका कुशवाहा और अर्चना जैन की सेवा समाप्त कर दी है। इसके अतिरिक्त विरधा ब्लाक में कार्यरत एएनएम सुषमा श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, डीएम के निर्देश पर महरौनी ब्लाक की एएनएम आरती गुप्ता की जांच करने पर पता चला कि वह हार्ट की बीमारी होने के कारण अस्पताल में भर्ती थीं, इस कारण काम नहीं कर पाईं। इस कारण उन पर कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं, आशाओं पर कार्रवाई करने के क्रम में मड़ावरा से राजकुमारी, सावित्री देवी, सुलोचना और उत्तम देवी, महरौनी से भागवती, जनकराजा और शांति, विरधा से राजकुमारी व बार से रीना यादव, मनीषा और इंद्रेश राजा को निलंबित कर दिया गया है। सीएमओ ने बताया कि विभाग के काम में शिथिलता बरतने और टीकाकरण में लापरवाही बरतने के कारण इन सभी कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है।
वहीं बार स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर चल रहे हाई प्रोफाइल ड्रामे में अधीक्षक ध्रुव कुमार का स्थानांतरण आखिर निरस्त कर दिया गया है। गौरतलब हो कि गलत जन्म प्रमाणपत्र बनाने के आरोप में सीएमओ ने जांच कमेटी गठित कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे। इस पूरे प्रकरण में एक स्टाफ नर्स की भूमिका संदेह के घेरे में है। वहीं, अस्पताल के कर्मचारी भी इस नर्स का खुलकर विरोध कर रहे हैं। जांच कमेटी की रिपोर्ट आने से पहले ही सीएमओ ने चिकित्सा अधीक्षक का तबादला मड़ावरा कर दिया और मड़ावरा चिकित्सा अधीक्षक का तबादला बार स्वास्थ्य केंद्र कर दिया। इससे नाराज बार स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों ने तालाबंदी कर हड़ताल का एलान कर दिया। इसके उपरांत रात नौ बजे से कर्मचारियों ने मुख्य द्वार पर ताला डालकर स्वास्थ्य सेवाएं बाधित कर दीं। इससे दबाव में आए सीएमओ ने तत्काल प्रभाव से तबादलों को निरस्त करने का निर्देश दे दिया। हालांकि अभी आधिकारिक पत्र जारी नहीं किया गया है। सीएमओ ने बताया कि सोमवार को तबादला निरस्तीकरण का पत्र जारी कर दिया जाएगा। वहीं फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए जाने की जांच कर रही कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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ललितपुर।
स्वास्थ्य विभाग के कार्यों में शिथिलता बरतने और काम में दिलचस्पी न लेने पर डीएम के निर्देश पर सीएमओ डॉ. प्रताप सिंह ने तीन एएनएम और 11 आशाओं के खिलाफ कार्रवाई की है। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा बार स्वास्थ्य केंद्र पर अधीक्षक के स्थानांतरण के बाद उपजे विवाद के बाद सीएमओ ने अधीक्षक का तबादला निरस्त कर दिया है।
कुछ दिन पूर्व स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में डीएम ने सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं में शिथिलता बरतने और नियमानुसार काम न किए जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए सीएमओ को संबंधितों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके अतिरिक्त मिशन इंद्रधनुष के अंतर्गत हेड काउंट सर्वे में रुचि न लेने वाली चार एएमएम को निलंबित करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में रविवार को सीडीओ प्रताप सिंह ने मड़ावरा ब्लाक में संविदा पर कार्यरत एएनएम दीपिका कुशवाहा और अर्चना जैन की सेवा समाप्त कर दी है। इसके अतिरिक्त विरधा ब्लाक में कार्यरत एएनएम सुषमा श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, डीएम के निर्देश पर महरौनी ब्लाक की एएनएम आरती गुप्ता की जांच करने पर पता चला कि वह हार्ट की बीमारी होने के कारण अस्पताल में भर्ती थीं, इस कारण काम नहीं कर पाईं। इस कारण उन पर कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं, आशाओं पर कार्रवाई करने के क्रम में मड़ावरा से राजकुमारी, सावित्री देवी, सुलोचना और उत्तम देवी, महरौनी से भागवती, जनकराजा और शांति, विरधा से राजकुमारी व बार से रीना यादव, मनीषा और इंद्रेश राजा को निलंबित कर दिया गया है। सीएमओ ने बताया कि विभाग के काम में शिथिलता बरतने और टीकाकरण में लापरवाही बरतने के कारण इन सभी कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है।
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वहीं बार स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर चल रहे हाई प्रोफाइल ड्रामे में अधीक्षक ध्रुव कुमार का स्थानांतरण आखिर निरस्त कर दिया गया है। गौरतलब हो कि गलत जन्म प्रमाणपत्र बनाने के आरोप में सीएमओ ने जांच कमेटी गठित कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे। इस पूरे प्रकरण में एक स्टाफ नर्स की भूमिका संदेह के घेरे में है। वहीं, अस्पताल के कर्मचारी भी इस नर्स का खुलकर विरोध कर रहे हैं। जांच कमेटी की रिपोर्ट आने से पहले ही सीएमओ ने चिकित्सा अधीक्षक का तबादला मड़ावरा कर दिया और मड़ावरा चिकित्सा अधीक्षक का तबादला बार स्वास्थ्य केंद्र कर दिया। इससे नाराज बार स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों ने तालाबंदी कर हड़ताल का एलान कर दिया। इसके उपरांत रात नौ बजे से कर्मचारियों ने मुख्य द्वार पर ताला डालकर स्वास्थ्य सेवाएं बाधित कर दीं। इससे दबाव में आए सीएमओ ने तत्काल प्रभाव से तबादलों को निरस्त करने का निर्देश दे दिया। हालांकि अभी आधिकारिक पत्र जारी नहीं किया गया है। सीएमओ ने बताया कि सोमवार को तबादला निरस्तीकरण का पत्र जारी कर दिया जाएगा। वहीं फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए जाने की जांच कर रही कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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