{"_id":"e28b62be7f82f6ef241b3f0604b3a149","slug":"yoga-better-career-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"योग से बेहतर करियर भी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
योग से बेहतर करियर भी
लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 20 Jun 2015 06:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। लोगों में योग को लेकर जबरदस्त उत्सुकता देखी जा रही है, जिससे गांवों तक में योग प्रासंगिक हो गया है। इसी क्रम में लखीमपुर के युवा मंगेश त्रिवेदी ने 10 साल पहले योग को अपनाकर अच्छा मुकाम हासिल कर लिया है। इस युवा की सफल कोशिश ने योग को बेहतर करियर के तौर पर प्रस्तुत किया है। मंगेश त्रिवेदी इस समय दिल्ली में लोगों को योग के माध्यम से निरोग रहने के गुर सिखा रहे हैं।
दिल्ली में लोगों को योग के माध्यम से शारीरिक एवं मानसिक लाभ पहुंचा रहे मंगेश त्रिवेदी मूल रूप से सदर ब्लाक के ग्राम सैदापुर भाऊ के निवासी हैं। वह वैदिक पावर योग के माध्यम से दिल्ली समेत भारत के विभिन्न प्रांतों में व्यक्तिगत योग प्रशिक्षक उपलब्ध कराते हैं। इसके अलावा वह कारपोरेट जगत के योग एवं तनाव प्रबंधन की वर्कशाप का आयोजन करते हैं। मंगेश बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही योग में रुचि है। उन्होंने योग का प्रारंभिक ज्ञान अपने पिता शिव सहाय लाल जी से प्राप्त किया। मंगेश ने नगर के धर्मसभा इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट, युवराज दत्त महाविद्यालय से बीएससी की शिक्षा ग्रहण की, जिसके बाद देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज हरिद्वार से योग विज्ञान एवं मानव चेतना विषय से विज्ञान परास्नातक (एमएससी) की डिग्री सत्र 2003-2005 में प्राप्त की। इसके बाद 10 वर्षों से लगातार योग के माध्यम से लोगों की शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं का निवारण कर रहे हैं। उन्होंने अपने गुरु स्वामी राजेश राज के साथ काफी समय हिमालय में भी बिताया है। वह देश के प्रमुख लोगों के योग गुरु हैं।
मंगेश को मिलेगा बेस्ट योग गुरू का सम्मान
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को मंगेश त्रिवेदी के योग के क्षेत्र में योगदान को देखते हुए उन्हें दिल्ली फैशन एवं फिल्म सोसायटी द्वारा आर्य आडोटोरियम ईस्ट आफ कैलाश में ‘आज की दिल्ली एचीवमेंट अवार्ड’ (बेस्ट योग गुरु) से सम्मानित किया जाएगा।
विज्ञापन
दवा के साथ योग दिलाएगा बीमारियों से निजात
योग गुरु मंगेश ने बताया कि बड़ी से बड़ी बीमारियों में दवा के साथ एक्सपर्ट की सलाह से योग किया जाए तो बीमारी जल्द ठीक होती है। शारीरिक लाभ से ज्यादा मानसिक लाभ प्राप्त होता है। उनका मानना है कि योग एक क्रिया न होकर संपूर्ण जीवन जीने की कला है। सूर्य नमस्कार एवं अनुलोम-विलोम प्राणायाम के नियमित अभ्यास से शारीरिक एवं मानसिक बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने योग के महत्व को पूरे देश में पुनर्स्थापित करने एवं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सराहनीय कार्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया है।
विज्ञापन
दिल्ली में लोगों को योग के माध्यम से शारीरिक एवं मानसिक लाभ पहुंचा रहे मंगेश त्रिवेदी मूल रूप से सदर ब्लाक के ग्राम सैदापुर भाऊ के निवासी हैं। वह वैदिक पावर योग के माध्यम से दिल्ली समेत भारत के विभिन्न प्रांतों में व्यक्तिगत योग प्रशिक्षक उपलब्ध कराते हैं। इसके अलावा वह कारपोरेट जगत के योग एवं तनाव प्रबंधन की वर्कशाप का आयोजन करते हैं। मंगेश बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही योग में रुचि है। उन्होंने योग का प्रारंभिक ज्ञान अपने पिता शिव सहाय लाल जी से प्राप्त किया। मंगेश ने नगर के धर्मसभा इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट, युवराज दत्त महाविद्यालय से बीएससी की शिक्षा ग्रहण की, जिसके बाद देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज हरिद्वार से योग विज्ञान एवं मानव चेतना विषय से विज्ञान परास्नातक (एमएससी) की डिग्री सत्र 2003-2005 में प्राप्त की। इसके बाद 10 वर्षों से लगातार योग के माध्यम से लोगों की शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं का निवारण कर रहे हैं। उन्होंने अपने गुरु स्वामी राजेश राज के साथ काफी समय हिमालय में भी बिताया है। वह देश के प्रमुख लोगों के योग गुरु हैं।
विज्ञापन
मंगेश को मिलेगा बेस्ट योग गुरू का सम्मान
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को मंगेश त्रिवेदी के योग के क्षेत्र में योगदान को देखते हुए उन्हें दिल्ली फैशन एवं फिल्म सोसायटी द्वारा आर्य आडोटोरियम ईस्ट आफ कैलाश में ‘आज की दिल्ली एचीवमेंट अवार्ड’ (बेस्ट योग गुरु) से सम्मानित किया जाएगा।
विज्ञापन
दवा के साथ योग दिलाएगा बीमारियों से निजात
योग गुरु मंगेश ने बताया कि बड़ी से बड़ी बीमारियों में दवा के साथ एक्सपर्ट की सलाह से योग किया जाए तो बीमारी जल्द ठीक होती है। शारीरिक लाभ से ज्यादा मानसिक लाभ प्राप्त होता है। उनका मानना है कि योग एक क्रिया न होकर संपूर्ण जीवन जीने की कला है। सूर्य नमस्कार एवं अनुलोम-विलोम प्राणायाम के नियमित अभ्यास से शारीरिक एवं मानसिक बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने योग के महत्व को पूरे देश में पुनर्स्थापित करने एवं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सराहनीय कार्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया है।