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भूलने की बीमारी से बचने के लिए करें नियमित व्यायाम
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विश्व अल्जाइमर दिवस पर जागरूक्तर गोष्ठी में विचार रखते डॉ. रविंद्र शर्मा। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। विश्व अल्जाइमर दिवस पर सोमवार को जिला अस्पताल सभागार में जागरूकता गोष्ठी हुई। इसमें बुजुर्गों और बच्चों को इससे बचाने के बारे में जानकारी दी गई। कहा गया कि यदि नियमित व्यायाम किया जाए तो इससे काफी हद तक राहत मिल सकती है।
एसीएमओ एवं कार्यक्रम के नोडल अफसर डॉ. रविंद्र शर्मा ने कहा कि अल्जाइमर एक भूलने की बीमारी है। इसमें दिमाग की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। देश भर में करीब 10 लाख लोग इससे पीड़ित हैं। इससे मनुष्य की याददाश्त कम हो जाती है। यह रोग अधिकतर 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को होता है। मानसिक रोग चिकित्सक डॉ. अखिलेश शुक्ला ने बताया कि यह बीमारी बुजुर्गों में बड़ी समस्या बन जाती है। दैनिक कार्य करने में अक्षम होकर परिवारवालों पर पूर्णतया निर्भर हो जाता है। इस बीमारी की कोई दवा नहीं है। हां, इतना जरूर है कि कुछ दवाओं से इसके बढ़ने की गति को धीमा किया जा सकता है। इसलिए इसके लक्षण दिखने पर अस्पताल आकर संपर्क करें। सीएमएस डॉ. आरसी अग्रवाल, डॉ. राकेश गुप्ता, विजय वर्मा, देवनंदन श्रीवास्तव, अतुल पांडे, विवेक मित्तल आदि मौजूद रहे।
अनियमित खानपान, धूम्रपान एवं अल्कोहल है कारण
डॉ. रविंद्र शर्मा का कहना है कि देश में जिन लोगों को यह बीमारी हो रही है उनमें धूम्रपान, अल्कोहल का प्रयोग करने वाले एवं मधुमेह पीड़ित अधिक हैं। असंतुलित आहार एवं फास्ट फूड भी इसे बढ़ाने के प्रमुख कारण है। बुजुर्गों के साथ बच्चों में भी इसके होने की संभावना बढ़ने लगी है। इसलिए बच्चों को संतुलित आहार का सेवन कराने के साथ नियमित व्यायाम कराकर सुरक्षित रखें। संवाद
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एसीएमओ एवं कार्यक्रम के नोडल अफसर डॉ. रविंद्र शर्मा ने कहा कि अल्जाइमर एक भूलने की बीमारी है। इसमें दिमाग की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। देश भर में करीब 10 लाख लोग इससे पीड़ित हैं। इससे मनुष्य की याददाश्त कम हो जाती है। यह रोग अधिकतर 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को होता है। मानसिक रोग चिकित्सक डॉ. अखिलेश शुक्ला ने बताया कि यह बीमारी बुजुर्गों में बड़ी समस्या बन जाती है। दैनिक कार्य करने में अक्षम होकर परिवारवालों पर पूर्णतया निर्भर हो जाता है। इस बीमारी की कोई दवा नहीं है। हां, इतना जरूर है कि कुछ दवाओं से इसके बढ़ने की गति को धीमा किया जा सकता है। इसलिए इसके लक्षण दिखने पर अस्पताल आकर संपर्क करें। सीएमएस डॉ. आरसी अग्रवाल, डॉ. राकेश गुप्ता, विजय वर्मा, देवनंदन श्रीवास्तव, अतुल पांडे, विवेक मित्तल आदि मौजूद रहे।
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अनियमित खानपान, धूम्रपान एवं अल्कोहल है कारण
डॉ. रविंद्र शर्मा का कहना है कि देश में जिन लोगों को यह बीमारी हो रही है उनमें धूम्रपान, अल्कोहल का प्रयोग करने वाले एवं मधुमेह पीड़ित अधिक हैं। असंतुलित आहार एवं फास्ट फूड भी इसे बढ़ाने के प्रमुख कारण है। बुजुर्गों के साथ बच्चों में भी इसके होने की संभावना बढ़ने लगी है। इसलिए बच्चों को संतुलित आहार का सेवन कराने के साथ नियमित व्यायाम कराकर सुरक्षित रखें। संवाद
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