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115 दिनों में पककर तैयार होगी नरेंद्र देव प्रजाति धान की फसल

Mon, 17 May 2021 01:54 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 17 May 2021 01:54 AM IST
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Will be ready to cook in 115 days
खरीफ सीजन के लिए राजकीय बीज भंडार पर बीजों की हुई उपलब्धता
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बीजों के अनुदान की धनराशि सीधे किसानों के खाते में होगी ट्रांसफर
लखीमपुर खीरी। खरीफ सीजन के लिए राजकीय बीज भंडारों पर बीजों की उपलब्धता हो गई है, जहां पर धान की कई प्रजातियां आई हैं। सबसे कम समय यानी 115 दिनों में पककर तैयार होने वाली धान की नरेंद्र देव प्रजाति भी उपलब्ध है। इसके अलावा ज्यादा उत्पादन वाली कई प्रजातियों के बीज आए हैं। बीजों पर देय अनुदान की धनराशि डीबीटी के जरिए सीधे किसानों के खाते में भेजी जाएगी।
धान बीज की उन्नति प्रजातियों नरेंद्र देव 2064, पीआर 121, पंत धान 24, गोतंरा विधान-2 आदि मोटी प्रजातियां हैं। मोटी प्रजातियों की फुटकर बिक्री दर 3580 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि महीन प्रजातियों का रेट 3610 रुपये प्रति क्विंटल है। मूंगफली बीज का रेट 7530 रुपये और तिल बीज का रेट 15940 रुपये प्रति क्विंटल है। जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि धान की 10 वर्ष से कम अवधि में रिलीज हुई प्रजातियों पर फुटकर बिक्री का 50 प्रतिशत अनुदान और 10 वर्ष से अधिक अवधि में रिलीज हुई प्रजातियों पर 1300 रुपये प्रति क्विंटल का अनुदान डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में भेजा जाएगा।
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उन्होंने बताया कि धान नरेंद्र देव 115 दिनों की अवधि में पक जाती है और 55 से 60 क्विंटल उपज प्रति हेक्टेअर प्राप्त होती है। इसका दाना मोटा गोलाईदार होता है। पीआर प्रजाति एक मध्यम बौनी प्रजाति का धान है, जिसकी लंबाई 96 सेमी और 140 दिनों में पककर तैयार हो जाती है। इसकी उपज करीब 70 क्विंटल प्रति हेक्टेअर है। पंत धान की प्रजाति पंतनगर विश्वविद्यालय द्वारा रिलीज की गई है। इसकी पकने की अवधि 130 से 135 दिन है और सामान्य दशा में 55 से 60 क्विंटल प्रति हेक्टेअर उपज प्राप्त होती है। धान गोतंरा विधान के पकने की अवधि 110 से 115 दिन है और इसकी लंबाई 100 से 110 सेमी तक होती है। इससे 50 से 55 क्विंटल प्रति हेक्टेअर उपज प्राप्त होती है।
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अनुदान प्राप्त करने के लिए किसानों को पंजीकरण कराना अनिवार्य है। उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी के लिए किसान अपने ब्लॉक के प्रभारी राजकीय बीज भंडार या एडीओ कृषि से संपर्क कर सकते हैं। कोविड गाइड लाइन का अनुपालन करते हुए बीजों का क्रय करें। - सत्येंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी।
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