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बाघिन ने नील गाय को मार डाला, दहशत
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Wild Animals
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निघासन (लखीमपुर खीरी)। क्षेत्र के गांव परमोधापुर में बाघिन ने नील गाय को मार डाला डाला। बाघिन को दो शावकों के साथ ग्रामीणों ने घूमते हुए देखा। वनविभाग ने भी बाघिन और उसके दो शावक होने की पुष्टि की है। दो सप्ताह में बाघ के हमले में तीन मवेशियों की मौत हो चुकी है।
गांव परमोधापुर निवासी मुन्ना मिश्रा, लल्लू राम पाल गुरुवार सुबह मजदूरों को साथ गन्ना छिलवाने के लिए खेत में गए थे, जहां उन्हें नील गाय का अधखाया शव पड़ा हुआ मिला। नीलगाय का शव देखकर दहशत में आए ग्रामीणों ने वन विभाग को जानकारी दी। जिस पर लुधौरी रेंज के वनदरोगा भूपेंद्र सिंह मय टीम मौके पर पहुंचे और पगचिह्न देखकर उन्होंने बाघिन और उसके दो शावकों के होने की पुष्टि की। उधर ग्रामीणों ने भी बाघिन और उसके दो बच्चों को देखा। यहां बता दें करीब दो सप्ताह पहले परमोधापुर निवासी इकबाल की दो बकरियों को बाघ ने मार डाला था। इसके पहले बाघ ने गोविंदपुर, पिरथी पुरवा, रानीगंज में मवेशियों को मौत के घाट उतार दिया। इसके अलावा दलराजपुर और मंझरा पूरब में बाघ ने चार लोगों को मार डाला था। लगातार बाघ के हमलों से ग्रामीण दहशत में है। संवाद
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गांव परमोधापुर निवासी मुन्ना मिश्रा, लल्लू राम पाल गुरुवार सुबह मजदूरों को साथ गन्ना छिलवाने के लिए खेत में गए थे, जहां उन्हें नील गाय का अधखाया शव पड़ा हुआ मिला। नीलगाय का शव देखकर दहशत में आए ग्रामीणों ने वन विभाग को जानकारी दी। जिस पर लुधौरी रेंज के वनदरोगा भूपेंद्र सिंह मय टीम मौके पर पहुंचे और पगचिह्न देखकर उन्होंने बाघिन और उसके दो शावकों के होने की पुष्टि की। उधर ग्रामीणों ने भी बाघिन और उसके दो बच्चों को देखा। यहां बता दें करीब दो सप्ताह पहले परमोधापुर निवासी इकबाल की दो बकरियों को बाघ ने मार डाला था। इसके पहले बाघ ने गोविंदपुर, पिरथी पुरवा, रानीगंज में मवेशियों को मौत के घाट उतार दिया। इसके अलावा दलराजपुर और मंझरा पूरब में बाघ ने चार लोगों को मार डाला था। लगातार बाघ के हमलों से ग्रामीण दहशत में है। संवाद
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