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अब तक दो मादा तेंदुए पकड़े, नर की तलाश अभी जारी
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लखीमपुर के ईसानगर में पकड़ा गया मादा तेंदुआ। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। ईसानगर रेंज के बेलागढ़ी और बन टुकरा गांव में दो बालकों को निवाला बनाने के साथ ही कई लोगों को घायल कर चुके नर तेंदुए को पकडने में वन विभाग को अभी कामयाबी नहीं मिल पाई है, जबकि तीन माह से वन विभाग की टीम क्षेत्र में डेरा डाले है। हालांकि इस बीच दो मादा तेंदुआ पकड़ने में सफलता जरूर मिली हैै।
वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजड़े में 29 अक्तूबर 2020 को मादा तेंदुआ फंसी थी, जिसके बाद 15 दिसंबर को दूसरी मादा तेंदुआ पकड़ी गई है। इन मादा तेंदुओं को दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन में छोड़ा गया है। नर तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम अभी क्षेत्र में डेरा डाले हुए है, क्योंकि तेंदुए के हमले का खौफ लोगों में अभी कम नहीं हुआ है।
घाघरा नदी की तलहटी से निकलकर बेलागढ़ी और बनटुकरा गांवों में पहुंचकर तेंदुए आतंक मचाते थे, जिसमें दो बालकों की जान चुकी है। तेंदुओं को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने गांव की सीमा पर छह पिंजड़े लगाए हैं, जिनमें बनटुकरा गांव के उत्तर में लगे एक पिंजड़े में मंगलवार को एक तेंदुआ फस गया। पिंजड़े में फंसे तेंदुए की गुर्राहट सुनकर ग्रामीणों की इसकी जानकारी हुई। प्रधान तीरथराम ने इसकी सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद वन कर्मियों ने पिंजड़ा सहित तेंदुए को अपने कब्जे में लेकर दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के जंगल में छोड़ दिया है। उपनिदेशक बफर जोन डॉ अनिल कुमार पटेल ने बताया कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक की अनुमति लेकर ईसानगर रेंज में तेंदुए को पकड़ने के लिए ट्रैप कैमरे और छह पिंजड़े लगाए गए हैं। अभी तक दोनों मादा तेंदुए पकड़े गए हैं। जबकि नर तेंदुए की तलाश की जा रही है, जिसके पकड़े जाने के बाद ही ग्रामीणों को तेंदुए के हमलों से निजात मिल सकेगी। संवाद
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वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजड़े में 29 अक्तूबर 2020 को मादा तेंदुआ फंसी थी, जिसके बाद 15 दिसंबर को दूसरी मादा तेंदुआ पकड़ी गई है। इन मादा तेंदुओं को दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन में छोड़ा गया है। नर तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम अभी क्षेत्र में डेरा डाले हुए है, क्योंकि तेंदुए के हमले का खौफ लोगों में अभी कम नहीं हुआ है।
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घाघरा नदी की तलहटी से निकलकर बेलागढ़ी और बनटुकरा गांवों में पहुंचकर तेंदुए आतंक मचाते थे, जिसमें दो बालकों की जान चुकी है। तेंदुओं को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने गांव की सीमा पर छह पिंजड़े लगाए हैं, जिनमें बनटुकरा गांव के उत्तर में लगे एक पिंजड़े में मंगलवार को एक तेंदुआ फस गया। पिंजड़े में फंसे तेंदुए की गुर्राहट सुनकर ग्रामीणों की इसकी जानकारी हुई। प्रधान तीरथराम ने इसकी सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद वन कर्मियों ने पिंजड़ा सहित तेंदुए को अपने कब्जे में लेकर दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के जंगल में छोड़ दिया है। उपनिदेशक बफर जोन डॉ अनिल कुमार पटेल ने बताया कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक की अनुमति लेकर ईसानगर रेंज में तेंदुए को पकड़ने के लिए ट्रैप कैमरे और छह पिंजड़े लगाए गए हैं। अभी तक दोनों मादा तेंदुए पकड़े गए हैं। जबकि नर तेंदुए की तलाश की जा रही है, जिसके पकड़े जाने के बाद ही ग्रामीणों को तेंदुए के हमलों से निजात मिल सकेगी। संवाद
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