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तीन दिन बाद भी बाघिन और शावकों का नहीं मिला सुराग

Sun, 15 Nov 2020 11:30 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 15 Nov 2020 11:30 PM IST
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Wild Animals
कांबिंग करतीं मादा हाथी। - फोटो : LAKHIMPUR
बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी में शावकों को बचाने के लिए बाघ से भिड़ने वाली बाघिन और उसके तीन शावकों की लोकेशन अब तक ट्रेस नहीं हुई है, जबकि हमलावर बाघ दो दिन तक घटनास्थल के आसपास चक्कर लगाने के बाद उल्ल नदी की ओर चला गया है। बाघिन की तलाश में अब तक वन विभाग की टीमें लगी हुईं हैं।
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दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी में गुरुवार को बाघ और बाघिन के बीच हुए कड़े संघर्ष में एक शावक की मौत हो गई थी, जबकि उसके तीन शावक बचकर भाग गए थे। कई घंटे तक चले संघर्ष के बाद बाघिन घास के मैदान में चली गई थी। जबकि बाघ दो दिन तक घटनास्थल पर ही इधर-उधर चक्कर लगाता रहा। दुधवा पार्क की टीमें बाघिन और उसके शावकों की तलाश में लगी हुई हैं, लेकिन अब तक उनकी कोई लोकेशन नहीं मिल सकी है। बाघिन और उसके शावकों की तलाश में डायना, सुलोचना और पवनकली दुधवा की एक्स्पर्ट मादा हाथियों से भी पेट्रोलिंग की जा रही है। इधर हमलावर बाघ की निगरानी में लगी वन कर्मियों की टीम को तीसरे दिन घटनास्थल के इर्द-गिर्द चक्कर काट रहे बाघ के उल्ल नदी की ओर लौटने के पगचिह्न मिले हैं। इससे पार्क प्रशासन आश्वस्त हुआ है कि शायद अब संघर्ष का खतरा टल गया है।
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हमलावर बाघ को नाम मिला गब्बर सिंह
पिछले साल एक बाघिन पर हमला कर उसे मार डालने और गुरुवार को एक शावक को मारने के अलावा कई घंटे तक जमकर संघर्ष करने वाले इस बाघ का नाम पार्क प्रशासन ने रख दिया है। दुधवा टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक / फील्ड निदेशक संजय पाठक के मुताबिक किशनपुर सेंक्चुरी के प्राकृतिवास में विचरण करने वाले इस हेकड़ बाघ का नाम गब्बर सिंह रखा गया है, अब इस बाघ पर कड़ी नजर रखी जाएगी। ताकि वह दूसरे बाघ या बाघिन को नुकसान न पहुंचा सके। उन्होंने बताया कि इस साल अगस्त माह में इसी बाघ ने एक बाघिन पर हमला करने की कोशिश की थी, इससे डर कर बाघिन एक पेड़ की डाल पर बैठ गई और बाघ करीब चार घंटे तक उसके पेड़ से उतरने के इंतजार में चक्कर काटता रहा था। वन कर्मियों की गश्ती टीम ने जब यह नजारा देखा तो उनके होश उड़ गए। उनके शोर मचाने पर बाघ वहां से भागा। इसके बाद डरी-सहमी बाघिन पेड़ की डाल से उतरकर जंगल में गुम हो गई थी। संवाद
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