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बाघों पर नजर रखेंगी ‘जयमाला’ और ‘चंपाकली’
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मझरा पूरब जंगल की सीमा पर पेट्रोलिंग को जातीं जयमाला और चंपाकली हाथी। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उत्तर निघासन रेंज के मझरा वन ब्लॉक में जंगल से बाहर निकल रहे बाघों पर नियंत्रण और निगरानी के लिए दो मादा हाथियों जयमाला और चंपाकली की जंगली सीमा पर गश्त को गश्त पर लगाया गया है। इसके साथ ही ड्रोन कैमरों से सक्रिय बाघों पर नजर रखी जा रही है।
उत्तर निघासन रेंज के मझरा वन ब्लॉक में पिछले दिनों जंगल से निकले बाघों के हमलों में तीन लोग मारे गए और कई लोग घायल हुए। आबादी के निकट खेतों में बाघों की मौजूदगी और ग्रामीणों की सुरक्षा के मद्देनजर वन विभाग लगातार बाघों की निगरानी में लगा हुआ है। उनकी लोकेशन जानने के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ और डब्ल्यूटीआई के सहयोग से कैमरा ट्रैप लगवाए गए हैं। इसके अलावा ड्रोन कैमरों और एसटीपीएफ ( स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स) के जवानों के जरिए इन बाघों पर नजर रखी जा रही है। खैरटिया रेलवे स्टेशन पर जाने वाले रास्ते पर बाघ का मूवमेंट होने के कारण कई कॉशन बोर्ड लगाए गए हैं। डीटीआर प्रशासन इन बाघों की निगरानी के लिए कतर्निया घाट (वन्यजीव विहार) से दो पालतू मादा हाथियों को बुलाया है, जिनसे पेट्रोलिंग कराई जा रही है। जयमाला और चंपाकली नामक यह मादा हाथी जंगल की सीमा पर लगातार पेट्रोलिंग कर बाघों को उनके प्राकृतिवास में ही रोकने का प्रयास करेंगी। ताकि किसान अपने गन्ने की फसल निडर होकर काट सकें।
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उत्तर निघासन रेंज के मझरा पूरब वन ब्लॉक में बाघ हमले की बढ़ती हुई घटनाओं को देखते हुए ग्रामीणों की सुरक्षा के मद्देनजर अब दो मादा हाथियों को पेट्रोलिंग पर लगाया गया है। इसके अलावा ड्रोन कैमरों से भी बाघों पर नजर रखी जा रही है।
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- डॉ अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन
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उत्तर निघासन रेंज के मझरा वन ब्लॉक में पिछले दिनों जंगल से निकले बाघों के हमलों में तीन लोग मारे गए और कई लोग घायल हुए। आबादी के निकट खेतों में बाघों की मौजूदगी और ग्रामीणों की सुरक्षा के मद्देनजर वन विभाग लगातार बाघों की निगरानी में लगा हुआ है। उनकी लोकेशन जानने के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ और डब्ल्यूटीआई के सहयोग से कैमरा ट्रैप लगवाए गए हैं। इसके अलावा ड्रोन कैमरों और एसटीपीएफ ( स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स) के जवानों के जरिए इन बाघों पर नजर रखी जा रही है। खैरटिया रेलवे स्टेशन पर जाने वाले रास्ते पर बाघ का मूवमेंट होने के कारण कई कॉशन बोर्ड लगाए गए हैं। डीटीआर प्रशासन इन बाघों की निगरानी के लिए कतर्निया घाट (वन्यजीव विहार) से दो पालतू मादा हाथियों को बुलाया है, जिनसे पेट्रोलिंग कराई जा रही है। जयमाला और चंपाकली नामक यह मादा हाथी जंगल की सीमा पर लगातार पेट्रोलिंग कर बाघों को उनके प्राकृतिवास में ही रोकने का प्रयास करेंगी। ताकि किसान अपने गन्ने की फसल निडर होकर काट सकें।
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उत्तर निघासन रेंज के मझरा पूरब वन ब्लॉक में बाघ हमले की बढ़ती हुई घटनाओं को देखते हुए ग्रामीणों की सुरक्षा के मद्देनजर अब दो मादा हाथियों को पेट्रोलिंग पर लगाया गया है। इसके अलावा ड्रोन कैमरों से भी बाघों पर नजर रखी जा रही है।
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- डॉ अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन