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गांव वाले बोले तेंदुआ तो रेंजर ने कहा भेड़िया यारसियार की संभावना
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पगचिह्नों की पहचान करते वन कर्मी। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
ईसानगर-धौरहरा (लखीमपुर खीरी)। थाना क्षेत्र के राजापुरवा के मजरा चहलार में मंगलवार रात जंगली जानवर ने दो बच्चों को हमलाकर जख्मी कर दिया था। उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार है। ग्रामीणों ने कहा कि हमलावर जानवर तेंदुआ था लेकिन सूचना पर पहुंची वन कर्मियों की टीम ने पदचिह्नों के आधार पर बताया कि हमला करने वाला जानवर तेंदुआ नहीं भेड़िया या सियार है। फिलहाल घटना से ग्रामीण दहशत में हैं।
मंगलवार रात गांव निवासी रामगोपाल का 10 वर्षीय बेटा विमल और उसका भाई विशाल (8) घर के बाहर खेल रहे थे कुछ ही दूरी पर उसके परिजन भी बैठे थे। इस बीच गन्ने के खेत से निकले एक जानवर ने दोनों बच्चों पर हमला कर दिया। यह देख परिजन और आसपास के लोग लाठी डंडे लेकर दौड़े तो जानवर जान बचाकर भाग गया। परिजन ने तेंदुए के हमला करने की बात कही तो बुधवार को मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने कहा कि पदचिह्न कुत्ते की तरह किसी जानवर के हैं। उन्होंने संभावना जताई कि सियार या भेड़िया हो सकता है। फिलहाल वन कर्मियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। रेंजर अनिल शाह ने बताया कि हमलावर जानवर तेंदुआ नहीं बल्कि सियार या भेड़िया हो सकता है।
ग्रामीण बोले-घर से निकलने में लगता है डर
दो बच्चों को मौत के घाट उतार चुके तेंदुए का खौफ कम नहीं हुआ था कि राजापुरवा में दो बच्चों पर हमला कर घायल कर दिया। जिससे दहशत है। खेतों में कदम रखने से पहले ग्रामीण जाने को सोचने पर विवश हो रहे हैं।
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-दिनेश कुमार, निवासी राजापुरवा
दो बच्चों पर हमला करने के बाद दिल में डर है। शाम ढलने से पहले ही खेत छोड़ने की मजबूरी हो गई है। बच्चों को खेत में जाने से रोका जा रहा है। तेंदुआ होने की सूचना के बाद शाम ढलते ही लोग घरों में कैद हो जा रहे हैं।
-सुरेश निवासी, चहलार
तेंदुए के खौफ से खेती का कामकाज प्रभावित हो रहा है। धान की कटाई का समय है अब तो मजदूर भी खेत में जाने से डर रहे है। वन विभाग को ठोस रणनीति बनाकर जल्द तेंदुए को पकड़ना चाहिए।
-अखिलेश वर्मा, निवासी चहलार
चकदहा व बेलागढ़ी में तेंदुए ने दो बच्चों को मौत के घाट उतार दिया अब घाघरा नदी पार कर तेंदुआ ईसानगर-हसनपुर कटौली रोड पर बसे राजापुरवा तक पहुंच गया। घर से निकलने में भी अब डर लगने लगा है।
-बदलू, निवासी सेमरिया
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मंगलवार रात गांव निवासी रामगोपाल का 10 वर्षीय बेटा विमल और उसका भाई विशाल (8) घर के बाहर खेल रहे थे कुछ ही दूरी पर उसके परिजन भी बैठे थे। इस बीच गन्ने के खेत से निकले एक जानवर ने दोनों बच्चों पर हमला कर दिया। यह देख परिजन और आसपास के लोग लाठी डंडे लेकर दौड़े तो जानवर जान बचाकर भाग गया। परिजन ने तेंदुए के हमला करने की बात कही तो बुधवार को मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने कहा कि पदचिह्न कुत्ते की तरह किसी जानवर के हैं। उन्होंने संभावना जताई कि सियार या भेड़िया हो सकता है। फिलहाल वन कर्मियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। रेंजर अनिल शाह ने बताया कि हमलावर जानवर तेंदुआ नहीं बल्कि सियार या भेड़िया हो सकता है।
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ग्रामीण बोले-घर से निकलने में लगता है डर
दो बच्चों को मौत के घाट उतार चुके तेंदुए का खौफ कम नहीं हुआ था कि राजापुरवा में दो बच्चों पर हमला कर घायल कर दिया। जिससे दहशत है। खेतों में कदम रखने से पहले ग्रामीण जाने को सोचने पर विवश हो रहे हैं।
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-दिनेश कुमार, निवासी राजापुरवा
दो बच्चों पर हमला करने के बाद दिल में डर है। शाम ढलने से पहले ही खेत छोड़ने की मजबूरी हो गई है। बच्चों को खेत में जाने से रोका जा रहा है। तेंदुआ होने की सूचना के बाद शाम ढलते ही लोग घरों में कैद हो जा रहे हैं।
-सुरेश निवासी, चहलार
तेंदुए के खौफ से खेती का कामकाज प्रभावित हो रहा है। धान की कटाई का समय है अब तो मजदूर भी खेत में जाने से डर रहे है। वन विभाग को ठोस रणनीति बनाकर जल्द तेंदुए को पकड़ना चाहिए।
-अखिलेश वर्मा, निवासी चहलार
चकदहा व बेलागढ़ी में तेंदुए ने दो बच्चों को मौत के घाट उतार दिया अब घाघरा नदी पार कर तेंदुआ ईसानगर-हसनपुर कटौली रोड पर बसे राजापुरवा तक पहुंच गया। घर से निकलने में भी अब डर लगने लगा है।
-बदलू, निवासी सेमरिया