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वन विभाग ने महंत की कुटिया के पास पिंजरा लगाया
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बाघिन को पकड़ने के लिए खैरटिया में महंत की कुटी के पास लगाया गया पिंजरा
- फोटो : LAKHIMPUR
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तिकुनिया। खैरटिया गांव में मंदिर के पुजारी को निवाला बनाने वाली बाघिन को बेहोश करने की तैयारी वन विभाग ने शुरू कर दी है। दुधवा नेशनल पार्क से हाथी खैरटिया, मझरा पूरब जंगल भेजे गए हैं। इससे पहले कर्तनिया घाट वन्यजीव विहार की हथिनी चंपाकली और जयमाला जंगल में गश्त कर रही हैं।
बाघिन को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने पिंजरा लगाया है, लेकिन बाघिन उसमें नहीं गई। अब पिंजरे में शिकार रखकर बाघिन के पिंजरे में कैद करने की तैयारी हो रही है। इसके अलावा दुधवा टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सक डॉ. दया अपने सहयोगियों और वन कर्मचारियों के साथ खैरटिया जंगल पहुंच गए हैं। पिछले करीब दो साल में मझरा पूरब जंगल और खैरटिया क्षेत्र में 18 लोगों को मौत के घाट उतारने वाली बाघिन को पकड़ने के लिए वन विभाग ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया था।
बीते शुक्रवार को खैरेटिया के महंत मोहनदास को बाघिन द्वारा निवाला बनाने के बाद ग्रामीणों के रोड जाम कर जोरदार प्रदर्शन करने के बाद वन विभाग हरकत में आ गया और अधिकारियों को मानना पड़ा कि बाघिन आदमखोर है। इसे जल्दी से जल्द पकड़ा जाना चाहिए। इसकी मंजूरी भी मुख्य वन संरक्षक ने दे दी है। बाघिन को पिंजरे में कैद करने के लिए महंत की कुटिया के सामने पिंजरा लगाया गया है। अब पिंजरे के पास शिकार लगाकर बाघिन को कैद करने की तैयारी है। वन विभाग की कई टीमें यहां पहुंच गई हैं टीम का नेतृत्व डॉक्टर दया कर रहे हैं। डॉ. दया ही बाघिन को ट्रेंक्युलाइज करेंगे।
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बाघिन को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने पिंजरा लगाया है, लेकिन बाघिन उसमें नहीं गई। अब पिंजरे में शिकार रखकर बाघिन के पिंजरे में कैद करने की तैयारी हो रही है। इसके अलावा दुधवा टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सक डॉ. दया अपने सहयोगियों और वन कर्मचारियों के साथ खैरटिया जंगल पहुंच गए हैं। पिछले करीब दो साल में मझरा पूरब जंगल और खैरटिया क्षेत्र में 18 लोगों को मौत के घाट उतारने वाली बाघिन को पकड़ने के लिए वन विभाग ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया था।
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बीते शुक्रवार को खैरेटिया के महंत मोहनदास को बाघिन द्वारा निवाला बनाने के बाद ग्रामीणों के रोड जाम कर जोरदार प्रदर्शन करने के बाद वन विभाग हरकत में आ गया और अधिकारियों को मानना पड़ा कि बाघिन आदमखोर है। इसे जल्दी से जल्द पकड़ा जाना चाहिए। इसकी मंजूरी भी मुख्य वन संरक्षक ने दे दी है। बाघिन को पिंजरे में कैद करने के लिए महंत की कुटिया के सामने पिंजरा लगाया गया है। अब पिंजरे के पास शिकार लगाकर बाघिन को कैद करने की तैयारी है। वन विभाग की कई टीमें यहां पहुंच गई हैं टीम का नेतृत्व डॉक्टर दया कर रहे हैं। डॉ. दया ही बाघिन को ट्रेंक्युलाइज करेंगे।
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