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Lakhimpur Kheri News: दिल्ली रूट की दस बसों के पहिये थमे
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लखीमपुर खीरी/ गोला गोकर्णनाथ। कोहरे की वजह से दिल्ली रूट पर चलने वाली गोला और लखीमपुर डिपो की करीब दस बसों का संचालन बंद है। इनमें अधिकांश बसें गोला डिपो की हैं, जो वर्कशाप और शिफ्ट निरस्त होने पर अन्य स्थानों पर रोक दी जाती हैं। बसों का संचालन न होने से डिपो को रोजाना लाखों रुपये की राजस्व क्षति हो रही है। वहीं दिल्ली जाने वाले यात्रियों को भी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
लखीमपुर डिपो की दो एसी बसें दिल्ली रूट पर संचालित हैं। कोहरा और सर्दी की वजह से यात्रियोंं की संख्या कम हुई तो डिपो ने दिल्ली रूट की एक बस का संचालन रोक दिया। करीब 15 दिन से दिल्ली रूट पर एक ही बस संचालित हो रही है। केंद्र प्रभारी नफासत अली ने बताया कि शाम 6.15 से 8.30 बजे तक बस अड्डे से चार बसें दिल्ली रूट पर चलती हैं। इनमें दो लखीमपुर, एक गोला और एक अवध डिपो की है। शाम सात बजे कौशांबी जाने वाली लखीमपुर डिपो की बस इस समय संचालित नहीं हो रही। एआरएम मुकेश मेहरोत्रा ने बताया कि मौसम साफ रहा तो यह बस एक फरवरी से संचालित की जाएगी।
संचालन रुकने से गोला डिपो रोजाना झेल रहा पांच लाख रुपये की क्षति
गोला गोकर्णनाथ। कोहरे में डिपो की बसों के पहिए थमे तो डिपो की आय भी घट गई। डिपो को प्रतिदिन करीब पांच लाख रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है।
गोला डिपो में निगम की 82 और अनुबंधित 33 बसें हैं। लोकल एवं लंबी दूरी पर प्रतिदिन 14 से 15 हजार यात्री सफर करते हैं। सामान्य दिनों में डिपो की आय रोजाना 14 से 15 लाख रहती है। जनवरी में भीषण सर्दी और घने कोहरे ने बसों के पहिए रोक दिए हैं। दिल्ली, हरिद्वार व अन्य रूट की कई बसों का संचालन रुका है। इनमें दिल्ली रूट की नौ से 10 बसें शामिल हैं। रात्रिकालीन सेवा में बसों का संचालन यात्रियों की उपलब्धता के आधार पर किया जा रहा है। इससे डिपो को प्रतिदिन पांच लाख रुपये का नुकसान हो रहा हैं। वहीं रात के दिल्ली-कौशांबी जाने वाले यात्रियों को भी भटकना पड़ रहा है। डिपो इन यात्रियों को निर्धारित क्षमता से कम सवारी और कोहरे का हवाला देता है। एआरएम महेश चंद्र कमल ने बताया कि 50 प्रतिशत से कम आमदनी देने वाली दिल्ली व अन्य रूट पर संचालित रात्रिकालीन बसों का संचालन रोक दिया गया है। यात्रियों के अभाव में बस जहां निरस्त होती हैं, वहीं खड़ी कर दी जाती है। संवाद
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एआरएम ने जांच कर बसों में फॉग लाइट की स्थिति जानी
लखीमपुर खीरी। एआरएम लखीमपुर मुकेश मेहरोत्रा ने मंगलवार को गोला, सीतापुर-लखनऊ व ऐरा रूट पर बसों की जांच की। बसों में फॉग लाइट, खिड़कियों के शीशे और अन्य व्यवस्थाओं का हाल जाना। चालक-परिचालकों को लगातार कम आ रहे लोड फैक्टर को बढ़ाने की हिदायत दी। गौरतलब है कि बीते एक सप्ताह से डिपो की बसों का लोड फैक्टर 58 से 60 फीसदी आ रहा है, जबकि सामान्य दिनों में यह 65 से 70 प्रतिशत रहता है। लोड फैक्टर बढ़ाने के लिए सभी निर्धारित स्टापेज पर बस रोकने, समय से गंतव्य को रवाना होने और यात्रियों से अच्छा व्यवहार करने का निर्देश चालक-परिचालकों को दिया। इस दौरान एआरएम ने यात्रियों से भी बात की। संवाद
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लखीमपुर डिपो की दो एसी बसें दिल्ली रूट पर संचालित हैं। कोहरा और सर्दी की वजह से यात्रियोंं की संख्या कम हुई तो डिपो ने दिल्ली रूट की एक बस का संचालन रोक दिया। करीब 15 दिन से दिल्ली रूट पर एक ही बस संचालित हो रही है। केंद्र प्रभारी नफासत अली ने बताया कि शाम 6.15 से 8.30 बजे तक बस अड्डे से चार बसें दिल्ली रूट पर चलती हैं। इनमें दो लखीमपुर, एक गोला और एक अवध डिपो की है। शाम सात बजे कौशांबी जाने वाली लखीमपुर डिपो की बस इस समय संचालित नहीं हो रही। एआरएम मुकेश मेहरोत्रा ने बताया कि मौसम साफ रहा तो यह बस एक फरवरी से संचालित की जाएगी।
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संचालन रुकने से गोला डिपो रोजाना झेल रहा पांच लाख रुपये की क्षति
गोला गोकर्णनाथ। कोहरे में डिपो की बसों के पहिए थमे तो डिपो की आय भी घट गई। डिपो को प्रतिदिन करीब पांच लाख रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है।
गोला डिपो में निगम की 82 और अनुबंधित 33 बसें हैं। लोकल एवं लंबी दूरी पर प्रतिदिन 14 से 15 हजार यात्री सफर करते हैं। सामान्य दिनों में डिपो की आय रोजाना 14 से 15 लाख रहती है। जनवरी में भीषण सर्दी और घने कोहरे ने बसों के पहिए रोक दिए हैं। दिल्ली, हरिद्वार व अन्य रूट की कई बसों का संचालन रुका है। इनमें दिल्ली रूट की नौ से 10 बसें शामिल हैं। रात्रिकालीन सेवा में बसों का संचालन यात्रियों की उपलब्धता के आधार पर किया जा रहा है। इससे डिपो को प्रतिदिन पांच लाख रुपये का नुकसान हो रहा हैं। वहीं रात के दिल्ली-कौशांबी जाने वाले यात्रियों को भी भटकना पड़ रहा है। डिपो इन यात्रियों को निर्धारित क्षमता से कम सवारी और कोहरे का हवाला देता है। एआरएम महेश चंद्र कमल ने बताया कि 50 प्रतिशत से कम आमदनी देने वाली दिल्ली व अन्य रूट पर संचालित रात्रिकालीन बसों का संचालन रोक दिया गया है। यात्रियों के अभाव में बस जहां निरस्त होती हैं, वहीं खड़ी कर दी जाती है। संवाद
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एआरएम ने जांच कर बसों में फॉग लाइट की स्थिति जानी
लखीमपुर खीरी। एआरएम लखीमपुर मुकेश मेहरोत्रा ने मंगलवार को गोला, सीतापुर-लखनऊ व ऐरा रूट पर बसों की जांच की। बसों में फॉग लाइट, खिड़कियों के शीशे और अन्य व्यवस्थाओं का हाल जाना। चालक-परिचालकों को लगातार कम आ रहे लोड फैक्टर को बढ़ाने की हिदायत दी। गौरतलब है कि बीते एक सप्ताह से डिपो की बसों का लोड फैक्टर 58 से 60 फीसदी आ रहा है, जबकि सामान्य दिनों में यह 65 से 70 प्रतिशत रहता है। लोड फैक्टर बढ़ाने के लिए सभी निर्धारित स्टापेज पर बस रोकने, समय से गंतव्य को रवाना होने और यात्रियों से अच्छा व्यवहार करने का निर्देश चालक-परिचालकों को दिया। इस दौरान एआरएम ने यात्रियों से भी बात की। संवाद