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बारिश ने बढ़ाई सर्दी, जनजीवन रहा अस्तव्यस्त

Mon, 12 Feb 2018 08:39 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी Updated Mon, 12 Feb 2018 08:39 PM IST
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weather turn colder with rain and hue
rain
सर्दी को अलविदा कह रहे मौसम ने एक बार फिर अपना मिजाज बदला है। रविवार शाम से उमड़घुमड़ रहे घने काले बादल आखिर रविवार को बरस ही गए। सोमवार सुबह तड़के तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश दोपहर बाद तक जारी रही। इससे ठंड में इजाफा हुआ है। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और पतझड़ का मौसम होने के चलते हर तरफ पेड़ों के पत्ते फैले दिखाई दिए। हल्की बारिश में भी कई जगह जलभराव हो गया। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक यह बारिश फसलों के लिए अमृत समान है।
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पिछले कई दिनों से निकल रही धूप के बाद रविवार को सुबह से ही बादल छाने लगे। शाम को यह बादल और घने हो गए। रात भर बादल छाए रहने के बाद तड़के सुबह तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। हालांकि बारिश बहुत तेज नहीं थी, लेकिन तेज हवाओं के कारण ठंड बढ़ गई। बारिश रुक-रुक कर शाम तक होती रही। तेज हवाओं के कारण इतना पतझड़ हुआ कि हर तरफ पत्तियां ही पत्तियां बिछीं नजर आने लगीं। हल्की बारिश के बावजूद कलक्ट्रेट परिसर, सदर स्कूल, जिला अस्पताल समेत कई इलाके में जलभराव हो गया। इससे लोगों को आने जाने में परेशानी हुई।
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गोला गोकर्णनाथ। दो दिन से आसमान में बादल छाए रहने के बाद हुई बरसात से नगर की कच्ची गलियों में कीचड़ हो गया। मेला मैदान में लगी दुकानों पर त्योहार के बावजूद ग्राहकों की कमी के कारण उन्हें बेचैनी रही। वर्षा से जहां ठंड बढ़ी है वहीं गन्ना, अरहर, मसूर की फसलों को लाभ मिला है। असिंचित क्षेत्र के किसानों को यह वर्षा वरदान साबित हुई है।
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ममरी, संसारपुर, रजागंज। रविवार की रात और सोमवार को दिन भर हवा के साथ हुई बरसात से गेहूं, मसूर, मटर की फसल को लाभ पहुंचा है। वहीं लाही की फसल गिरकर चौपट हो गई है। आम के बौर को भी क्षति हुई है। सर्द हवाएं चलने से मौसम ठंडा हो गया है। वर्षा का सर्वाधिक लाभ गन्ने की फसल को हुआ है।
पलियाकलां। रविवार को हुई बदरी देर रात बारिश के रूप में बरस गई और सोमवार को पूरे दिन बारिश होती रही। बारिश से इलाके में कंपकंपी बढ़ गई और बाजार में सन्नाटा पसरा रहा है। आम लोग घरों में कैद हो गए। मजदूरी पेशा लोगों को काम नहीं मिल पाया। बारिश ने जहां ठंड बढ़ाई है तो वहीं गेहूं की फसल के लिए काफी फायदा पहुंचाया है। सैकड़ों किसानों की लाही की फसल कटी पड़ी है और वह बारिश से खराब हो सकती है।
मोहम्मदी, बरवर, अमीरनगर। तेज हवा और बारिश से ठंड बढ़ने के साथ-साथ फसलों को फायदा पहुंचा है। गेहूं, चना, मसूर जिन्हें कम पानी की जरूरत थी इन फसलों को फायदा हुआ है। अचानक हुई बारिश से ठंड बढ़ गई जिससे आमजन प्रभावित हुआ है।
खमरिया। रविवार की रात से हो रही लगातार बूंदाबांदी से कस्बे के मुख्य मार्ग जलमग्न होकर नाले में तब्दील हो गया। इससे आम लोगों का सड़क पर चलना दूभर हो गया है। मुख्य रूप से स्कूली बच्चों को कस्बे के सदर चौराहे से निकलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
तिकुनिया। बीती रात से तेज हवा के साथ हुई हल्की बारिश के चलते ठंड फिर बढ़ गई है। बारिश तथा ठंड के चलते लोग अपने घरों में दुबके रहे। हल्की बारिश से खेतों में खड़ी गेहूं मसूर तथा गन्ने की फसल को लाभ पहुंचा है जिससे किसानों के चेहरे खिल गए हैं।
बांकेगंज। सोमवार सुबह तड़के शुरू हुई तेज हवाओं के साथ बारिश ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया। एकाएक ठंड बढ़ गई है। पानी बरसने से कई जगह जलभराव हो गया। बारिश से फसलों को फायदा पहुंचा है।

पड़ोसी मुल्क और सीमा पर भी हुई बारिश
धनगढ़ी (नेपाल)। सोमवार को मौसम का मिजाज एकदम बदल गया। सुबह से ही धनगढ़ी क्षेत्र तथा आसपास क्षेत्र में बूंदाबांदी के साथ तेज बारिश होने लगी। बारिश से ठंड भी बढ़ गई। बाजार में बारिश के चलते ग्राहकों की भी आमद कम दिखाई दी। इसके साथ ही सीमा पर भी बारिश के कारण सन्नाटा पसरा रहा।


फसलों के लिए काफी फायदेमंद साबित हुई बारिश
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुहेल कहते हैं कि इस समय हुई बारिश से गेहूं, लाही, सरसों, मसूर और गन्ना आदि फसलों को काफी फायदा पहुंचा है। ज्यादा पानी बरसता और ओले गिरते तो फसलों को नुकसान पहुं्च सकता था। तेज हवाओं से लाही सरसों की फसल पलट जाने से कुछ नुकसान जरूर हुआ है। गेहूं, सरसों और मसूर पर इधर माहू का असर दिख रहा था, जो बारिश के पानी में धुल गया है। किसानों को चाहिए कि वह पांच मिलीलीटर इमेडा क्लोप्रिड को प्रति टंकी के हिसाब से मिलाकर गेहूं, सरसों और मसूर पर स्प्रे करें इससे माहू पूरी तरह नष्ट हो जाएगा। उन्होंने बताया कि आम अभी बौर की स्थिति में है उसे कोई नुकसान नहीं हुआ है। कुल मिलाकर यह बरसात फसलों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी।
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