{"_id":"f18602d30d5d76904010ab686b787d1f","slug":"weather-spoiled-the-mood-bothering-people-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौसम के बिगड़े मिजाज से लोग परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसम के बिगड़े मिजाज से लोग परेशान
लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 09 Jan 2015 07:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले के लोग मौसम के रोज बदलते मिजाज से आजिज आ गए हैं। एक दिन हल्की धूप निकलने के बाद शुक्रवार को फिर आसमान में बादल घिर आए और बर्फीली हवाओं ने कहर ढाना शुरू कर दिया। सुबह करीब नौ बजे कोहरा तो छंट गया लेकिन बादलाें के कारण सूरज अपनी चमक नहीं दिखा सका। दिनभर धूप न निकलने और लगातार सर्द हवाएं चलने से शीतलहर का प्रकोप और ज्यादा बढ़ गया।
ठंडी हवाओं और धूप न होने से शुक्रवार को तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 14.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 03.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। शुक्रवार की सुबह पूरा शहर कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया। ठंडी हवाओं के कारण इतनी ज्यादा गलन थी कि लोग देर तक बिस्तर से चिपके रहे। कोहरा छटा तो बादल घिर आए इससे सूरज को अपनी चमक दिखाने का मौका भी नहीं मिला। दिन भर लोग धूप के लिए तरसते रहे।
गुरुवार रात जिले में पाला भी खूब गिरा। ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार की सुबह जब लोग सुबह सोकर उठे तो छप्परों पर मोटी सफेद पर्त जमी दिखाई दी। गांव वालों ने बताया कि रात में जमकर पाला गिरा है। इससे फसलें मुरझाने लगी हैं। यदि इसी तरह पाला गिरता रहा तो यह रबी फसल के लिए काफी नुकसानदेह साबित होगी। पाले के बाद यदि पानी बरसता है तो यह फसलों को फायदा पहुंचाएगा। फिलहाल इस पाले ने आम जनजीवन को जाम करके रख दिया है।
विज्ञापन
भीषण शीतलहर का असर उद्योग और व्यापार पर भी पड़ रहा है। ठंड के कारण लोग ज्यादा बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से भी वही लोग आ रहे हैं जिनका काम बेहद जरूरी है। इसके चलते बाजार में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। दुकानदारों का कहना है कि शीतलहर से व्यापार पर बुरा प्रभाव पड़ा है। इन दिनों आम दिनों के मुकाबले व्यापार केवल 60 फीसदी रह गया है।
शहर में सार्वजनिक स्थलों पर जलने वाले अलाव और रेैन बसेरे शहर को गर्म नहीं कर पा रहे हैं। बाहर से काम की तलाश में आने वाले मजदूरों को ठंड के कारण काम मिलना मुश्किल पड़ रहा है। मजदूर, रिक्शाचालक और खानाबदोश जिंदगी जीने वाले लोग पूरा दिन अलाव के सहारे काटने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
ठंडी हवाओं और धूप न होने से शुक्रवार को तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 14.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 03.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। शुक्रवार की सुबह पूरा शहर कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया। ठंडी हवाओं के कारण इतनी ज्यादा गलन थी कि लोग देर तक बिस्तर से चिपके रहे। कोहरा छटा तो बादल घिर आए इससे सूरज को अपनी चमक दिखाने का मौका भी नहीं मिला। दिन भर लोग धूप के लिए तरसते रहे।
विज्ञापन
गुरुवार रात जिले में पाला भी खूब गिरा। ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार की सुबह जब लोग सुबह सोकर उठे तो छप्परों पर मोटी सफेद पर्त जमी दिखाई दी। गांव वालों ने बताया कि रात में जमकर पाला गिरा है। इससे फसलें मुरझाने लगी हैं। यदि इसी तरह पाला गिरता रहा तो यह रबी फसल के लिए काफी नुकसानदेह साबित होगी। पाले के बाद यदि पानी बरसता है तो यह फसलों को फायदा पहुंचाएगा। फिलहाल इस पाले ने आम जनजीवन को जाम करके रख दिया है।
विज्ञापन
भीषण शीतलहर का असर उद्योग और व्यापार पर भी पड़ रहा है। ठंड के कारण लोग ज्यादा बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से भी वही लोग आ रहे हैं जिनका काम बेहद जरूरी है। इसके चलते बाजार में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। दुकानदारों का कहना है कि शीतलहर से व्यापार पर बुरा प्रभाव पड़ा है। इन दिनों आम दिनों के मुकाबले व्यापार केवल 60 फीसदी रह गया है।
शहर में सार्वजनिक स्थलों पर जलने वाले अलाव और रेैन बसेरे शहर को गर्म नहीं कर पा रहे हैं। बाहर से काम की तलाश में आने वाले मजदूरों को ठंड के कारण काम मिलना मुश्किल पड़ रहा है। मजदूर, रिक्शाचालक और खानाबदोश जिंदगी जीने वाले लोग पूरा दिन अलाव के सहारे काटने को मजबूर हैं।