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वोटर आईडी की खामियों का खामियाजा कार्डधारकों को

Thu, 01 Jan 2015 06:42 PM IST
लखीमपुर खीरी
लखीमपुर खीरी Updated Thu, 01 Jan 2015 06:42 PM IST
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Voter ID cardholders brunt of the drawbacks of
मतदान पहचानपत्रों में खामियों का खामियाजा अब राशनकार्ड धारकों को भुगतना पड़ रहा है। राशनकार्ड नवीनीकरण के लिए चल रही एंड टू एंड कंप्यूटराइजेशन प्रक्रिया में कार्ड धारक को मतदाता पहचानपत्र की प्रति लगाना अनिवार्य किया गया है। वोटर आईडी की जरा सी खामी होने पर साफ्टवेयर राशनकार्ड को रिजेक्ट कर रहा है। जिले में हजारों नहीं बल्कि लाखों की संख्या में राशनकार्ड धारकों के साथ ऐसा हुआ है।
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जिले में अब तक करीब 30 प्रतिशत ऐसे लोग है जिनके मतदाता पहचानपत्र अभी तक नहीं बन पाए हैं। जिनके मतदाता पहचानपत्र बने हैं उनमें तमाम खामियां हैं। किसी में नाम गलत है किसी में पिता का नाम। कई मतदाता पहचानपत्रों में तो मतदाता का लिंग ही बदल दिया गया है। कई ऐसे मतदाता पहचानपत्र हैं जिनका विवरण ही निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है।
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राशनकार्डों का डेटा ऑनलाइन करते समय जब मतदाता पहचानपत्रों का मिलान निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से किया गया तो कई वोटर कार्ड ऐसे निकले जिनमें एक ही एपिक नंबर पर दो-दो मतदाता पहचान पत्रों का विवरण मिल रहा है। एपिक नंबर सीपीएफ 1585926 पर मनीष कुमार और रुकसाना के मतदाता पहचान पत्र दिख रहे हैं। इसी तरह एपिक नंबर सीपीएफ 1586031 पर रामभरोसे और सोहन, एपिक नंबर सीपीएफ 1585876 पर जसकरन और पतलू के तथा एपिक नंबर 1586148 पर कलावती और रामनाथ के मतदाता पहचानपत्र दिख रहे हैं।
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ऐसी स्थिति में पूर्ति विभाग किस वोटर आईडी को मान्यता दे और किस को निरस्त करे। ऐसी स्थिति में दोनों राशनकार्डो को रिजेक्ट किया जा रहा है। मतदाता पहचानपत्रों की इन खामियों का खमियाजा राशनकार्ड धारकों को भुगतना पड़ रहा है। कई मतदाता पहचानपत्र निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर शो ही नहीं हो रहे हैं। इससे तमाम राशनकार्डों का नवीनीकरण अधर में है।

जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश तिवारी ने बताया कि राशनकार्ड के एंड टू एंड कंप्यूटराइजेशन में राशनकार्ड धारक को वोटर आईडी लगाना जरूरी है। डेटा फीडिंग के दौरान यदि उसकी वोटर आईडी निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से मेल नहीं खाती है तो राशनकार्ड स्वत: रिजेक्ट हो जाता है। फिलहाल इसका हल निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

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