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Lakhimpur Kheri News: गर्मी में महिलाओं में बढ़ने लगी यूटीआई की समस्या
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लखीमपुर खीरी। गर्मी बढ़ने के साथ ही महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) की समस्या बढ़ रही है। जिला महिला अस्पताल में आने वाली हर 10वीं महिला में यूटीआई के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। यह कोई गंभीर समस्या नहीं है। सही समय पर इलाज से तीन से चार दिन में ठीक हो सकती है।
यूटीआई की समस्या सर्दी की अपेक्षा गर्मी में ज्यादा होती है। गर्मी में पानी कम पीने, देर तक पेशाब रोकने, गर्भावस्था, किडनी से जुड़ी समस्या, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने या मधुमेह होने पर यूटीआई की समस्या होती है। पेशाब के दौरान दर्द होना, पेट में दर्द होना, हल्का बुखार रहना इसके लक्षण होते हैं। शुगर के रोगियों में यह संक्रमण तेजी से से फैलता है।
ग्रामीण अंचलों को महिलाएं इन लक्षणों को किसी के साथ साझा नहीं करती हैं। ऐसे में यह बीमारी धीरे-धीरे बढ़ने लगती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि ई-कोलाई वैक्टीरिया के चलते यह संक्रमण फैलता है। इसके लक्षणों को नजरंदाज करने पर मरीज को आगे चलकर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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रखें सावधानी
मसालेदार भोजन से बचें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पियें।
चाय पीने से बचें।
एसिड युक्त खाद्य उत्पादों से बचें।
विटामिन-सी का सेवन बढ़ाएं।
खाने में लहसुन का प्रयोग करें।
संभव हो तो दही का सेवन करें।
लक्षण दिखते ही डॉक्टर से लें सलाह
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. ज्योति मेहरोत्रा ने बताया कि यूटीआई के लक्षणों को पहचानना काफी आसान होता है। इस तरह के मरीज मिलने के बाद लक्षणों के हिसाब से एंटीबायोटिक दवाओं के साथ ही अन्य जरूरी दवाएं दी जाती हैं। यदि लक्षण गंभीर दिखते हैं तो यूरिन की जांच के अलावा अन्य जांचें भी कराई जाती हैं। यह कोई गंभीर समस्या नहीं है। लक्षण दिखते ही डॉक्टरी सलाह जरूर लें।
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यूटीआई की समस्या सर्दी की अपेक्षा गर्मी में ज्यादा होती है। गर्मी में पानी कम पीने, देर तक पेशाब रोकने, गर्भावस्था, किडनी से जुड़ी समस्या, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने या मधुमेह होने पर यूटीआई की समस्या होती है। पेशाब के दौरान दर्द होना, पेट में दर्द होना, हल्का बुखार रहना इसके लक्षण होते हैं। शुगर के रोगियों में यह संक्रमण तेजी से से फैलता है।
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ग्रामीण अंचलों को महिलाएं इन लक्षणों को किसी के साथ साझा नहीं करती हैं। ऐसे में यह बीमारी धीरे-धीरे बढ़ने लगती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि ई-कोलाई वैक्टीरिया के चलते यह संक्रमण फैलता है। इसके लक्षणों को नजरंदाज करने पर मरीज को आगे चलकर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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रखें सावधानी
मसालेदार भोजन से बचें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पियें।
चाय पीने से बचें।
एसिड युक्त खाद्य उत्पादों से बचें।
विटामिन-सी का सेवन बढ़ाएं।
खाने में लहसुन का प्रयोग करें।
संभव हो तो दही का सेवन करें।
लक्षण दिखते ही डॉक्टर से लें सलाह
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. ज्योति मेहरोत्रा ने बताया कि यूटीआई के लक्षणों को पहचानना काफी आसान होता है। इस तरह के मरीज मिलने के बाद लक्षणों के हिसाब से एंटीबायोटिक दवाओं के साथ ही अन्य जरूरी दवाएं दी जाती हैं। यदि लक्षण गंभीर दिखते हैं तो यूरिन की जांच के अलावा अन्य जांचें भी कराई जाती हैं। यह कोई गंभीर समस्या नहीं है। लक्षण दिखते ही डॉक्टरी सलाह जरूर लें।