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Lakhimpur Kheri: 68 साल पुरानी नगर पंचायत धौरहरा की कहानी, जगह-जगह फैली गंदगी... सड़कों पर बह रहा गंदी पानी
Tue, 25 Apr 2023 12:19 AM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 25 Apr 2023 12:19 AM IST
सार
68 साल पुरानी धौरहरा नगर पंचायत में कई अध्यक्ष आए और गए लेकिन धौरहरा कस्बे की न किस्मत बदली न यहां की तस्वीर, यहां अभी तक मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।
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धौरहरा नगर पंचायत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लखीमपुर खीरी में वर्ष 1955 में धौरहरा नगर पंचायत का गठन हुआ। नगर पंचायत बनने के बाद सबसे पहले सर्वसम्मति से लाला राजबहादुर धौरहरा के पहले अध्यक्ष बने। इसके बाद नसरत खां, लक्ष्मीनरायन जासवाल उर्फ बब्बू जायसवाल, आफताब खां, ताजदार खां, सना खां, पुत्तन खां और राजीव जायसवाल आदि अध्यक्ष बने।
धौरहरा नगर पंचायत में कई अध्यक्ष आए और गए लेकिन धौरहरा कस्बे की न किस्मत बदली न यहां की तस्वीर, यहां अभी तक मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। कस्बे में फैली गंदगी, जलभराव, खराब सड़कें और गलियां, गलियों में पसरा अंधेरा, और तो और शुद्ध पेयजल तक लोगों को मयस्सर नहीं है।
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धौरहरा नगर पंचायत में कई अध्यक्ष आए और गए लेकिन धौरहरा कस्बे की न किस्मत बदली न यहां की तस्वीर, यहां अभी तक मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। कस्बे में फैली गंदगी, जलभराव, खराब सड़कें और गलियां, गलियों में पसरा अंधेरा, और तो और शुद्ध पेयजल तक लोगों को मयस्सर नहीं है।
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धौरहरा नगर पंचायत की प्रमुख समस्याएं
- नगर में जल निकासी की व्यवस्था न होने से कस्बे के अधिकांश हिस्सों में जलभराव।
- नगर में शुद्ध पेयजल आपूर्ति न होना, केवल हैंडपंप के सहारे है पेयजल व्यवस्था
- कस्बे में स्थाई बस स्टॉप न होना आवागमन की सुविधाओं का अभाव
- कस्बे में सड़कों पर जानवरों का बांधा जाना।
- नगर के वार्डों में स्ट्रीट लाइटों की कमी, गलियों में अंधेरा।
- नगर में खेल के मैदान का ना होना
- कस्बे में पार्किंग व्यवस्था ना होना।
- सदर बाजार में शौचालय की व्यवस्था ना होना।
नगर पंचायत धौरहरा एक नजर में
नगर पंचायत का गठन- 1955 में
क्षेत्रफल- 5 वर्ग किलोमीटर
मौजूदा वार्डों की संख्या- 17
जनसंख्या- करीब 45000
कुल मतदाता- 28,225
महिला मतदाता-13537
पुरुष मतदाता-14688
युवा मतदाता- 6,000
नगर पंचायत का गठन- 1955 में
क्षेत्रफल- 5 वर्ग किलोमीटर
मौजूदा वार्डों की संख्या- 17
जनसंख्या- करीब 45000
कुल मतदाता- 28,225
महिला मतदाता-13537
पुरुष मतदाता-14688
युवा मतदाता- 6,000
जातीय समीकरण
मुस्लिम मतदाता-40 प्रतिशत
ब्राह्मण...............10 प्रतिशत
चौरसिया...........10 प्रतिशत
वैश्य.................14 प्रतिशत
क्षत्रिय................01 प्रतिशत
कायस्थ.............02 प्रतिशत
अन्य पिछड़ी......15 प्रतिशत
दलित................08 प्रतिशत
यह हैं चुनाव मैदान में
शंभू चौरसिया............भाजपा
नसीम अहमद............कांग्रेस
शरी .......................बसपा
नफीस खां................निर्दलीय
मो. इब्राहिम.............निर्दलीय
मिथलेश..................निर्दलीय
मो. मुराद.................निर्दलीय
राजीव जायसवाल.....निर्दलीय
राम लखन...............निर्दलीय
वसीम.....................निर्दलीय
मुस्लिम मतदाता-40 प्रतिशत
ब्राह्मण...............10 प्रतिशत
चौरसिया...........10 प्रतिशत
वैश्य.................14 प्रतिशत
क्षत्रिय................01 प्रतिशत
कायस्थ.............02 प्रतिशत
अन्य पिछड़ी......15 प्रतिशत
दलित................08 प्रतिशत
यह हैं चुनाव मैदान में
शंभू चौरसिया............भाजपा
नसीम अहमद............कांग्रेस
शरी .......................बसपा
नफीस खां................निर्दलीय
मो. इब्राहिम.............निर्दलीय
मिथलेश..................निर्दलीय
मो. मुराद.................निर्दलीय
राजीव जायसवाल.....निर्दलीय
राम लखन...............निर्दलीय
वसीम.....................निर्दलीय
नगर पंचायत की पहचान राम वाटिका धाम
धौरहरा कस्बे से बाहर राम वाटिका नाम से एक रमणीक स्थल है। यहां महाकवि गोस्वामी तुलसीदास ने कुछ समय प्रवास कर रामचरित मानस के कुछ अंशों की रचना की थी। तुलसीदास के हाथों से रोपित वटवृक्ष यहां आज भी मौजूद है। पास में तुलसीदास का भव्य मंदिर और हनुमान मंदिर बना हुआ है।
क्या कहते हैं मतदाता
स्थानीय निवासी मुकेश गुप्ता कहते है कस्बे में शुद्घ पेयजल की सबसे बड़ी समस्या है। लोगों को आर्सेनिक युक्त पानी पीना पड़ रहा है। अभी तक पाइप लाइन से पेयजल आपूर्ति नहीं है।
धौरहरा अधिवक्ता संघ अध्यक्ष राजू शुक्ला कहते हैं कि लड़कियों की शिक्षा के लिए इंटर कॉलेज में शिक्षिकाओं का अभाव है उच्च शिक्षा का प्रबंध नहीं है। इससे महिलाएं शिक्षा से वंचित रह जाती है।
कवि जगदीश पांडे के अनुसार कस्बे में बच्चों के खेलने के लिए खेल का मैदान होना चाहिए। बच्चों में खेल के प्रति घटते रुझान के पीछे खेल मैदान न होना सबसे बड़ा कारण है।
मालती निगम कहती हैं कि कस्बे में एक पार्क की बड़ी आवश्यकता है क्योंकि महिलाओं को सुबह मॉर्निंग वॉक करने के लिए कस्बे में कहीं पर कोई सुरक्षित जगह नहीं है।
धौरहरा कस्बे से बाहर राम वाटिका नाम से एक रमणीक स्थल है। यहां महाकवि गोस्वामी तुलसीदास ने कुछ समय प्रवास कर रामचरित मानस के कुछ अंशों की रचना की थी। तुलसीदास के हाथों से रोपित वटवृक्ष यहां आज भी मौजूद है। पास में तुलसीदास का भव्य मंदिर और हनुमान मंदिर बना हुआ है।
क्या कहते हैं मतदाता
स्थानीय निवासी मुकेश गुप्ता कहते है कस्बे में शुद्घ पेयजल की सबसे बड़ी समस्या है। लोगों को आर्सेनिक युक्त पानी पीना पड़ रहा है। अभी तक पाइप लाइन से पेयजल आपूर्ति नहीं है।
धौरहरा अधिवक्ता संघ अध्यक्ष राजू शुक्ला कहते हैं कि लड़कियों की शिक्षा के लिए इंटर कॉलेज में शिक्षिकाओं का अभाव है उच्च शिक्षा का प्रबंध नहीं है। इससे महिलाएं शिक्षा से वंचित रह जाती है।
कवि जगदीश पांडे के अनुसार कस्बे में बच्चों के खेलने के लिए खेल का मैदान होना चाहिए। बच्चों में खेल के प्रति घटते रुझान के पीछे खेल मैदान न होना सबसे बड़ा कारण है।
मालती निगम कहती हैं कि कस्बे में एक पार्क की बड़ी आवश्यकता है क्योंकि महिलाओं को सुबह मॉर्निंग वॉक करने के लिए कस्बे में कहीं पर कोई सुरक्षित जगह नहीं है।