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सावधान ! छूट सरकार ने दी है...कोरोना ने नहीं
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नहीं दिख रही सामाजिक दूरी..महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए बैठीं महिलाएं। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए 22 मार्च से चल रहा लॉकडाउन अब खत्म हो गया है। व्यापारियों की अब रविवार को जिले में होने वाले लॉकडाउन की चिंता भी खत्म हो गई है। अब बाजार कोरोनाकाल से पहले की तरह खुलेगा। खरीदारी से लेकर घूमने तक के लिए लोग घर से निकल सकेंगे। इससे सड़क से लेकर दुकानों तक भीड़भाड़ होगी जो संक्रमण फैलने का कारण बन सकती है। ऐसे में लोगों को संक्रमण से बचने के लिए जागरूक रहना होगा, क्योंकि छूट सरकार ने दी है न कि कोरोना ने। जरा सी लापरवाही संक्रमण की चपेट में आने का कारण बन सकती है। इसलिए शासन ने कोरोना से बचने के लिए जो गाइड लाइन जारी की है उसका पालन करें और घर से बेवजह निकलने से बचें।
लॉकडाउन खत्म करने के पीछे शासन की क्या मंशा है। इसके बारे में उच्चाधिकारी ही बता सकते हैं। मगर, सरकार के इस निर्णय को लेकर शहर के लोगों की अपनी अलग-अलग राय है। कुछ लोग अर्थव्यवस्था को देखते हुए लॉकडाउन समाप्त करने को उचित मान रहे है तो वहीं कुछ लोगों का कहना है कि देश में गिनती के संक्रमित थे तो तीन माह का सख्त लॉकडाउन रहा। मगर, इनकी संख्या बढ़ते ही सरकार ने भी ढील देेनी शुरू कर दी। इसी का परिणाम है कि अब जिले में कोरोना पॉजिटिव का आंकड़ा 2900 के पार पहुंच गया है। ऐसे में लोगों को अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए स्वयं जागरूक रहकर सुरक्षा कवच अपनाने होंगे, अन्यथा आने वाले माह में इसके गंभीर परिणाम दिखाई देंगे।
अल्ट्रासाउंड के लिए बैठीं महिलाएं, नहीं दिखी सामाजिक दूरी
महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए सुबह से ही महिलाओं की भीड़ लग जाती है। जबकि अस्पताल में संक्रमण फैलने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। टोकने के बाद भी महिलाएं सामाजिक दूरी का पालन नहीं करती हैं।
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इन्हें नहीं कोरोना की चिंता..बिन मास्क ही घूम रहे बाजार
लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलें, लेकिन इसके बावजूद लोग लापरवाही बरत कर बिना मास्क के ही बाजार और सार्वजनिक स्थलों पर घूम रहे हैं। जबकि ऐसा करना भारी पड़ सकता है।
कहीं यह टाइम पास करना महंगा न पड़ जाए
कोरोना को लेकर जिला अस्पताल अति संवेदनशील है। जांच के बाद लोग रिपोर्ट के लिए अस्पताल आते हैं। एक दूसरे से पूछताछ कर हेल्प डेस्क पहुंचकर रिपोर्ट प्राप्त करते हैं, जिसमें कई संक्रमित निकलते हैं। इसलिए अस्पताल आना और वहां बैठना खतरे से खाली नहीं है।
कोरोना से बचने को स्वयं जागरूक हों। मास्क के बिना घर से बाहर न निकलें। सार्वजनिक स्थलों पर सामाजिक दूरी कायम रखें। अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए कतई लापरवाही न करें।
-सुमित्रा यादव, समाजसेविका
यदि लोग स्वयं जागरूक रहें तो कोरोना की जंग आसानी से जीती जा सकती है। इससे सुरक्षित रहने का सबसे आसान तरीका स्वच्छता और सतर्कता है। लापरवाही भारी पड़ सकती है।
-डॉ.एमआर खान, नेत्र सर्जन
देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित है। ऐसे में ज्यादा दिन तक लॉकडाउन रखना उचित नहीं है। लोग स्वयं जागरूक हों। अपनी और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा कवच अपनाएं।
-डॉ.मीनाक्षी तिवारी, प्रधानाचार्य गुरुनानक विद्यक सभा कन्या इंटर कॉलेज
बाजार खुलने से अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। कोरोना से बचने के लिए शासन ने जो गाइड लाइन जारी की है। लोग उसका ईमानदारी से पालन कर अपने परिवारवालों को भी सुरक्षित करें।
-डॉ.सुरचना त्रिवेदी प्राचार्य आर्य कन्या डिग्री कॉलेज
रविवार को ही बंदी रखे जाने की मांग
मोहम्मदी। कस्बे के तमाम व्यापारियों ने डीएम को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम स्वाति शुक्ला को सौंपा। जिसमें रविवार को ही बंदी रखे जाने की मांग की गई। व्यापारी शरद गुप्ता, सचिन, शिशिर गुप्ता, गौरव, नैमिष, शानू, लव गुप्ता आदि ने ज्ञापन में कहा है कि व्यापारी कोरोना महामारी के चलते भयभीत हैं। देश में प्रतिदिन संक्रमित लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। शासन ने शनिवार और रविवार से पूर्णत बंदी समाप्त करके साप्ताहिक बंदी की घोषणा की है। व्यापारियों का कहना है कि पूर्व की भांति रविवार को ही साप्ताहिक बंदी की घोषणा कर उसका कड़ाई से पालन किया जाए। जिससे व्यापारी व समाज के लोग कोरोना से बचें और महामारी को रोकने में मददगार बनें।
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लॉकडाउन खत्म करने के पीछे शासन की क्या मंशा है। इसके बारे में उच्चाधिकारी ही बता सकते हैं। मगर, सरकार के इस निर्णय को लेकर शहर के लोगों की अपनी अलग-अलग राय है। कुछ लोग अर्थव्यवस्था को देखते हुए लॉकडाउन समाप्त करने को उचित मान रहे है तो वहीं कुछ लोगों का कहना है कि देश में गिनती के संक्रमित थे तो तीन माह का सख्त लॉकडाउन रहा। मगर, इनकी संख्या बढ़ते ही सरकार ने भी ढील देेनी शुरू कर दी। इसी का परिणाम है कि अब जिले में कोरोना पॉजिटिव का आंकड़ा 2900 के पार पहुंच गया है। ऐसे में लोगों को अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए स्वयं जागरूक रहकर सुरक्षा कवच अपनाने होंगे, अन्यथा आने वाले माह में इसके गंभीर परिणाम दिखाई देंगे।
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अल्ट्रासाउंड के लिए बैठीं महिलाएं, नहीं दिखी सामाजिक दूरी
महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए सुबह से ही महिलाओं की भीड़ लग जाती है। जबकि अस्पताल में संक्रमण फैलने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। टोकने के बाद भी महिलाएं सामाजिक दूरी का पालन नहीं करती हैं।
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इन्हें नहीं कोरोना की चिंता..बिन मास्क ही घूम रहे बाजार
लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलें, लेकिन इसके बावजूद लोग लापरवाही बरत कर बिना मास्क के ही बाजार और सार्वजनिक स्थलों पर घूम रहे हैं। जबकि ऐसा करना भारी पड़ सकता है।
कहीं यह टाइम पास करना महंगा न पड़ जाए
कोरोना को लेकर जिला अस्पताल अति संवेदनशील है। जांच के बाद लोग रिपोर्ट के लिए अस्पताल आते हैं। एक दूसरे से पूछताछ कर हेल्प डेस्क पहुंचकर रिपोर्ट प्राप्त करते हैं, जिसमें कई संक्रमित निकलते हैं। इसलिए अस्पताल आना और वहां बैठना खतरे से खाली नहीं है।
कोरोना से बचने को स्वयं जागरूक हों। मास्क के बिना घर से बाहर न निकलें। सार्वजनिक स्थलों पर सामाजिक दूरी कायम रखें। अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए कतई लापरवाही न करें।
-सुमित्रा यादव, समाजसेविका
यदि लोग स्वयं जागरूक रहें तो कोरोना की जंग आसानी से जीती जा सकती है। इससे सुरक्षित रहने का सबसे आसान तरीका स्वच्छता और सतर्कता है। लापरवाही भारी पड़ सकती है।
-डॉ.एमआर खान, नेत्र सर्जन
देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित है। ऐसे में ज्यादा दिन तक लॉकडाउन रखना उचित नहीं है। लोग स्वयं जागरूक हों। अपनी और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा कवच अपनाएं।
-डॉ.मीनाक्षी तिवारी, प्रधानाचार्य गुरुनानक विद्यक सभा कन्या इंटर कॉलेज
बाजार खुलने से अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। कोरोना से बचने के लिए शासन ने जो गाइड लाइन जारी की है। लोग उसका ईमानदारी से पालन कर अपने परिवारवालों को भी सुरक्षित करें।
-डॉ.सुरचना त्रिवेदी प्राचार्य आर्य कन्या डिग्री कॉलेज
रविवार को ही बंदी रखे जाने की मांग
मोहम्मदी। कस्बे के तमाम व्यापारियों ने डीएम को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम स्वाति शुक्ला को सौंपा। जिसमें रविवार को ही बंदी रखे जाने की मांग की गई। व्यापारी शरद गुप्ता, सचिन, शिशिर गुप्ता, गौरव, नैमिष, शानू, लव गुप्ता आदि ने ज्ञापन में कहा है कि व्यापारी कोरोना महामारी के चलते भयभीत हैं। देश में प्रतिदिन संक्रमित लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। शासन ने शनिवार और रविवार से पूर्णत बंदी समाप्त करके साप्ताहिक बंदी की घोषणा की है। व्यापारियों का कहना है कि पूर्व की भांति रविवार को ही साप्ताहिक बंदी की घोषणा कर उसका कड़ाई से पालन किया जाए। जिससे व्यापारी व समाज के लोग कोरोना से बचें और महामारी को रोकने में मददगार बनें।