लखीमपुर खीरी में दर्दनाक हादसा: काल बनकर आए बेकाबू ट्रक ने सड़क किनारे सो रहे लोगों को कुचला, दो की मौत, एक घायल
लखीमपुर खीरी के तिकुनिया कस्बे में कौड़ियाला रोड पर बेकाबू ट्रक ने सड़क किनारे सो रहे लोगों को रौंद दिया। जिसमें दो किशोरों की मौत हो गई। मामले को लेकर कोतवाली प्रभारी बाल इंदु गौतम ने बताया अज्ञात वाहन की तलाश सीसीटीवी फुटेज में की जा रही है। आरोपी जल्द ही गिरफ्त में होगा।
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लखीमपुर खीरी के तिकुनिया कस्बे में कौड़ियाला मार्ग पर गुरुवार देर रात करीब 1:30 बजे सड़क किनारे सो रहे तीन लोगों को बेलरायां से आ रहे ट्रक ने कुचल दिया, जिससे दो किशोरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक घायल हो गया। मामले में मृतक के पिता ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर अज्ञात वाहन से दुर्घटना का आरोप लगाया है। उधर पुलिस ने दोनों किशोरों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर सीसीटीवी फुटेज के जरिए ट्रक की तलाश में जुट गई है।
जानकारी के मुताबिक गुरुवार देर रात डेढ़ बजे तिकुनिया कौड़ियाला मार्ग पर मंडी समिति के निकट बसे कंजर बिरादरी के लोग उस समय चीखने चिल्लाने लगे जब बेलरायां की ओर से आ रहे एक ट्रक ने घर के सामने चारपाई पर सो रहे शंकर 15, रवि 8 पुत्र कमलेश और विनोद 22 पर ट्रक चढ़ा दिया, जिससे शंकर और रवि की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। जबकि विनोद गंभीर रुप से घायल है।
घटना की सूचना पर पुलिस ने रात से ही निगहबानी शुरु की, लेकिन ट्रक का पता नहीं लगा सका। जबकि कस्बावासियों को घटना की जानकारी अगली सुबह हुई। पुलिस के अनुसार मृतक शंकर के पिता बुधराम ने कोतवाली में तहरीर देकर अज्ञात वाहन द्वारा दुर्घटना करने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
घर के बाहर सोये थे लाडले, काली रात की नहीं हो सकी सुबह
तिकुनिया कस्बे में कौड़ियाला मार्ग पर गुरुवार की रात हुए हादसे में घर के बाहर सोए तीन लोगों कों एक ट्रक के कुचलने के बाद पीड़ित परिवार में मातम है। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि नहीं पता था कि बाहर सोने से उनकी मौत हो जाएगी वरना वह अपने बच्चों को घर में सुला लेते।
सड़क किनारे अस्थायी घर बनाकर रहने वाले बुधराम बताते हैं कि मृतक शंकर और दूसरा बेटा रामू पत्थर काटने और मजदूरी का काम करते हैं। पूरा परिवार वर्षों से इस काम में लगा हुआ है। अनियंत्रित ट्रक ने उनकी गृहस्थी उजाड़ दी है। मां छम्मा दुख के कारण बार-बार बेहोश हो रही थी और अपने पुत्र शंकर को पुकार रही है। जबकि, दूसरे मृतक रवि पुत्र कमलेश के परिवार में भी मातम है। रवि की मां रेशमा ने बताया कि उसके चार पुत्र थे, जिनमें रवि सबसे बड़ा था। अब बाकी तीन भाइयों का भरण पोषण कैसे होगा इसकी परिवार को चिंता सताने लगी है।
चौड़ी होती रोड तो नहीं होता हादसा
कंजर बस्ती के निवासी धर्मेंद्र, राकेश, रमेश, कलीराम, राजेंद्र, व राजा बाबू बताते हैं कि उन्हें काफी दिनों से सही जगह पर रहने को कहा जा रहा है। लेकिन अभी तक नहीं बसाया गया। यहां पर आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं, जिसके चलते कंजर बस्ती के लोग हमेशा दहशत में रहते हैं। लोगों का कहना है कि हम स्वयं को बचाएं कि अपना काम करें। बताया कि शराब के नशे में ट्रक चालक ने रोड से काफी दूर सो रहे कमलेश और शंकर को रौंद दिया था और विनोद घायल हो गया। इसकी जांच होनी चाहिए और दोषी को तत्काल सजा मिलनी चाहिए।