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नसबंदी फेल होने से गर्भवती हो गई दो महिलाएं
अमर उजाला ब्यूरो बांकेगंज।
Updated Sun, 26 Nov 2017 10:55 PM IST
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pregnancy
- फोटो : telegraph
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बांकेगंज ब्लॉक का है मामला, सीएचसी पर लगे कैंप में हुई था ऑपरेशन
सीएचसी क्षेत्र के दो अलग-अलग गांवों में रहने वाली दो महिलाओं के नसबंदी कराने के बाद भी गर्भवती होने का मामला प्रकाश में आया है। महिलाओं ने इसकी सूचना सीएचसी अधीक्षक को दे दी है। सीएचसी अधीक्षक ने मामले की जांच करा कर महिलाओं को आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।
गांव बरगदिया निवासी हीरालाल की पत्नी कलावती और सिकंदरपुर पंचायत के मजरा लैलून नगर निवासी दिपंकर की पत्नी ज्योति ने 26 जुलाई 2017 को सीएचसी पर लगे नसबंदी कैंप में अपना ऑपरेशन कराया था। ऑपरेशन के दो माह बाद जब दोनों महिलाओं को गर्भवती होने की शंका हुई तो उन्होंने जांच कराई। जांच कराने पर उन्हें गर्भवती होने की जानकारी हुई, जिससे उनके होश उड़ गए। दोनो महिलाओं ने नसबंदी कराने के बाद भी गर्भवती हो जाने की सूचना सीएचसी अधीक्षक को दी है। महिलाओं के परिवारवालों का आरोप है कि मामले की जानकारी देने के बावजूद सीएचसी अधीक्षक उन्हें एक माह से टरका रहे हैं।
एक गर्भवती है मूक बधिर
गांव बरगदिया निवासी कलावती मूक बधिर है। नसबंदी के बाद भी गर्भवती हो जाने से वह काफी परेशान है। पति हीरालाल का कहना है कि उसके तीन बच्चे है। गरीबी के चलते बच्चों का पालन-पोषण करना मुश्किल हो रहा था, इसलिए नसबंदी कराई थी, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से वह भी फेल हो गई। इस मंहगाई में अब कैसे गुजर बसर होगी।
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नसबंदी कराने वाली दो महिलाओं के गर्भवती होने का मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराई जाएगी और उसके बाद महिलाओं को शासन की ओर से दी जाने वाली तीस हजार की धनराशि दिलवाई जाएगी।
डॉ. सुशील कुमार नरवरिया,अधीक्षक, सीएचसी बांकेगंज
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सीएचसी क्षेत्र के दो अलग-अलग गांवों में रहने वाली दो महिलाओं के नसबंदी कराने के बाद भी गर्भवती होने का मामला प्रकाश में आया है। महिलाओं ने इसकी सूचना सीएचसी अधीक्षक को दे दी है। सीएचसी अधीक्षक ने मामले की जांच करा कर महिलाओं को आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।
गांव बरगदिया निवासी हीरालाल की पत्नी कलावती और सिकंदरपुर पंचायत के मजरा लैलून नगर निवासी दिपंकर की पत्नी ज्योति ने 26 जुलाई 2017 को सीएचसी पर लगे नसबंदी कैंप में अपना ऑपरेशन कराया था। ऑपरेशन के दो माह बाद जब दोनों महिलाओं को गर्भवती होने की शंका हुई तो उन्होंने जांच कराई। जांच कराने पर उन्हें गर्भवती होने की जानकारी हुई, जिससे उनके होश उड़ गए। दोनो महिलाओं ने नसबंदी कराने के बाद भी गर्भवती हो जाने की सूचना सीएचसी अधीक्षक को दी है। महिलाओं के परिवारवालों का आरोप है कि मामले की जानकारी देने के बावजूद सीएचसी अधीक्षक उन्हें एक माह से टरका रहे हैं।
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एक गर्भवती है मूक बधिर
गांव बरगदिया निवासी कलावती मूक बधिर है। नसबंदी के बाद भी गर्भवती हो जाने से वह काफी परेशान है। पति हीरालाल का कहना है कि उसके तीन बच्चे है। गरीबी के चलते बच्चों का पालन-पोषण करना मुश्किल हो रहा था, इसलिए नसबंदी कराई थी, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से वह भी फेल हो गई। इस मंहगाई में अब कैसे गुजर बसर होगी।
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नसबंदी कराने वाली दो महिलाओं के गर्भवती होने का मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराई जाएगी और उसके बाद महिलाओं को शासन की ओर से दी जाने वाली तीस हजार की धनराशि दिलवाई जाएगी।
डॉ. सुशील कुमार नरवरिया,अधीक्षक, सीएचसी बांकेगंज