लखीमपुर खीरी: वन विभाग के पिंजरों में कैद हुए दो तेंदुए, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
लखीमपुर खीरी के निघासन क्षेत्र में एक ही दिन में दो तेंदुए पकड़े गए हैं। वन विभाग ने इन तेंदुओं को पकड़ने के लिए उत्तर और दक्षिण वन रेंज में तेंदुए लगाए थे। दोनों पिंजरों में तेंदुए कैद हो गए।
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लखीमपुर खीरी के निघासन की उत्तर और दक्षिण वन रेंज में लगाए गए पिंजरों में एक-एक तेंदुआ कैद हो गया। एक ही दिन में दो तेंदुओं के पकड़े जाने से प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। दोनों तेंदुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उन्हें सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ने या चिड़ियाघर भेजने की तैयारी की जाएगी।
उत्तर निघासन वन रेंज के हीरालालपुरवा गांव में तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरा लगाया था। इसमें बकरे को चारे के रूप में बांधा गया था। मंगलवार सुबह बकरे के लालच में तेंदुआ पिंजरे में पहुंच गया और कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। रेंजर मोबीन आरिफ ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ नर है। उसकी उम्र करीब छह वर्ष और वजन लगभग 50 किलो है।
इधर, दक्षिण निघासन वन रेंज के बेलरायां क्षेत्र की बथुआ बीट में प्रधानपुरवा गांव के पास लगाए गए पिंजरे में भी मंगलवार सुबह तेंदुआ कैद हो गया। लंबे समय से तेंदुए की मौजूदगी से दहशत में रह रहे ग्रामीणों के लिए इसके पकड़े जाने की खबर राहत लेकर आई। क्षेत्रीय वन अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ नर है और उसकी उम्र करीब आठ वर्ष है। उनके अनुसार बेलरायां रेंज में पकड़ा गया यह 15वां तेंदुआ है।
मार्च से तेंदुओं की दहशत
निघासन और आस-पास के इलाकों में तेंदुओं के हमलों का सिलसिला 25 मार्च से शुरू हुआ था। सिंगाही थाना क्षेत्र के फुटहा फार्म में किसान जोगा सिंह की सात वर्षीय बेटी सिमरन को तेंदुआ घर से उठाकर खेत में ले गया था। गंभीर चोटों के चलते उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद 18 अप्रैल को निबौरिया गांव के नया पुरवा में खेत से चार वर्षीय दिलशाद को तेंदुआ उठा ले गया था। देर रात उसका अधखाया शव बरामद हुआ था।
25 अप्रैल को सहिजना गांव में बरामदे में सो रही संध्या देवी पर भी तेंदुए ने हमला कर दिया था। तेंदुआ उन्हें घसीटकर खेत की ओर ले गया, जहां उनकी मौत हो गई। लगातार हुई घटनाओं के बाद लट्ठौहा, बैरिया समेत आसपास के गांवों में ग्रामीणों में दहशत बनी हुई थी।
छह माह में पकड़े गए 15 तेंदुए
वन विभाग के अनुसार पिछले छह माह में कटैला फार्म, सिंधौना, नौरंगाबाद, रननगर, सिंगहा, भिड़ौरी, मूर्तिहा, इंदरनगर और बैरिया समेत विभिन्न इलाकों से तेंदुए पकड़े गए हैं। मंगलवार को उत्तर और दक्षिण रेंज में दो तेंदुओं के पकड़े जाने के बाद यह संख्या बढ़कर 15 हो गई है। निघासन वन विभाग के एसडीओ मनोज तिवारी ने बताया कि दोनों तेंदुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देशन के अनुसार उन्हें सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा या चिड़ियाघर भेजा जाएगा।