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Lakhimpur Kheri News: पलिया-भीरा मार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया कटने से आवागमन ठप
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पलिया-भीरा मार्ग पर अतरिया रेलवे क्रासिंग से नाव पर शारदा की तरफ जाते लोग। संवाद
पलियाकलां। शारदा और सुहेली नदियों की बाढ़ का पानी धीरे-धीरे इलाके से उतरने लगा है, लेकिन पलिया-भीरा मार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया कट गई और तेज धार में पानी बहने के कारण रास्ते को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। प्रशासन पानी कम होने के बाद पुलिया निर्माण के बाद आवागमन शुरू होने की बात कह रहा है। उधर, पलिया-निघासन मार्ग पर छोटे दो और चार पहिया वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है। बड़े वाहनों और मालवाहक वाहनों को फिलहाल बंद ही रखा गया है।
बनबसा बैराज से पानी छोड़े जानेे के बाद पहाड़ों पर होने वाली बारिश के चलते सुहेली व शारदा नदियां उफना गईं थीं और नदियों के पानी ने दोनों तरफ से बहते हुए दर्जनों गांवों में बाढ़ ला दी थी। बृहस्पतिवार को बाढ़ का पानी सड़कों से उतरने के साथ ही गांवों में भी कम होने लगा। पलिया चीनी मिल के आगे नगला मोड़ से कुछ दूरी पर अभी एक फुट पानी तेज धार से चल रहा है।
अतरिया रेलवे क्रॉसिंग तक पानी नहीं है। वहीं अतरिया क्रॉसिंग के आगे सड़क पर लोग रुके हैं। प्रशासन ने यहां पेड़ आदि लगाकर आवागमन बंद कर दिया है। आवागमन पुलिया ठीक होने के बाद शुरू हो सकेगा। पलिया-दुधवा मार्ग पर बंशीनगर रपटा पुल पर अभी धार में पानी बह रहा है, लेकिन पानी कम होने के चलते बुधवार की देर शाम से इस पर आवागमन शुरू कर दिया।
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संपूर्णानगर क्षेत्र में भी बसों का संचालन शुरू होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
प्रति सवारी 100 रुपये देकर नावों पर बैठकर जाने को विवश लोग
अतरिया रेलवे क्रॉसिंग के पास मेलाघाट जाने वाले रास्ते पर कई नाविक सवारियों से किराया लेते हुए उनको शारदा पुल के किनारे सूखे में उतार रहे हैं। जहां से वह आगे के साधनों से अपने गंतव्य को रवाना हो रहे हैं। नाव वालों ने बताया कि प्रति सवारी 100 रुपये लिए जा रहे हैं। क्योंकि यहां से शारदा पुल दूर है, बाकी अगर कोई कम किराया भी दे रहा है तो उसको भी छोड़ देते हैं।
ई-रिक्शा चालकों का भी क्रॉसिंग पर लग रहा जमावड़ा
नाव से आने व जाने वाली सवारियों को पलिया से अतरिया और अतरिया से पलिया पहुंचाने के लिए अतरिया रेलवे क्रॉसिंग पर ई-रिक्शा चालकों का भी जमावड़ा लगा रहा और वह सवारियों को अपनी तरफ खींचते दिखाई दिए। अतरिया से पलिया तक भी उन्होंने मनमाना किराया वसूला।
बराबर बंटवाए जा रहे हैं लंच पैकेट
बाढ़ प्रभावित गांवों में लंच पैकेटों का वितरण लेखपालों के जरिये प्रशासन करा रहा है। बृहस्पतिवार को पानी कम होने के बाद भी तहसील में बाढ़ पीड़ितों के लिए तहरी और अचार तैयार किया गया। जिसको लंच पैकेटों में भरने के बाद प्रशासन द्वारा बाढ़ पीड़ितों को पहुंचाया गया। एसडीएम कार्तिकेय सिंह ने बताया कि बचाव व राहत कार्य में किसी भी लेखपाल को लापरवाही न बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं।
रास्तों पर पानी होने के कारण आधा दर्जन गांव बने टापू
मझगईं। बाढ़ का पानी तो कम होने लगा है, लेकिन रास्तों पर पानी होने के कारण अब भी आधा दर्जन गांव टापू बने हुए हैं। बाढ़ पीड़ित ग्रामीण सड़क पर डेरा डाले हुए हैं। बेला कलां से बेला खुर्द जाने वाला डामर मार्ग बाढ़ की तेज धार में कट गया है। जिससे इस मार्ग पर आवागमन बंद हो गया है। बाढ़ का पानी खेतों में आने से सैकड़ों बीघा मूंगफली की फसल भी नष्ट हो गई है। संवाद
संपूर्णानगर-पलिया मार्ग पर बस संचालन शुरू
संपूर्णानगर। बाढ़ का पानी कम होने के बाद संपूर्णानगर-पलिया मार्ग पर बृहस्पतिवार सुबह बसों का संचालन शुरू हो गया है। बसें हालांकि अभी भी खजुरिया नहीं जा रही हैं। बाढ़ के पानी ने संपूर्णानगर-हजारा जाने वाले मार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया को बहाकर तोड़ दिया है। जिससे हजारा के साथ ही रामनगर, शांतिनगर, गांधीनगर, कबीरगंज जाने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और नावों के सहारे वह आवागमन कर रहे हैं। संवाद
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दोनों नदियों का कम हुआ है। पलिया-निघासन मार्ग पर छोटे दो व चार पहिया वाहनों का आवागमन भी शुरू कर दिया है। लेखपालों के जरिये बाढ़ प्रभावित गांवों में लंच पैकेटों का वितरण कराया जा रहा है। पलिया-भीरा मार्ग पर अभी धार से पानी बह रहा है, यहां पानी कम होने के बाद पुलिया की स्थिति देखते हुए उसके निर्माण के बाद ही आवागमन सुचारू हो पाएगा।
-कार्तिकेय सिंह, एसडीएम पलिया
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बनबसा बैराज से पानी छोड़े जानेे के बाद पहाड़ों पर होने वाली बारिश के चलते सुहेली व शारदा नदियां उफना गईं थीं और नदियों के पानी ने दोनों तरफ से बहते हुए दर्जनों गांवों में बाढ़ ला दी थी। बृहस्पतिवार को बाढ़ का पानी सड़कों से उतरने के साथ ही गांवों में भी कम होने लगा। पलिया चीनी मिल के आगे नगला मोड़ से कुछ दूरी पर अभी एक फुट पानी तेज धार से चल रहा है।
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अतरिया रेलवे क्रॉसिंग तक पानी नहीं है। वहीं अतरिया क्रॉसिंग के आगे सड़क पर लोग रुके हैं। प्रशासन ने यहां पेड़ आदि लगाकर आवागमन बंद कर दिया है। आवागमन पुलिया ठीक होने के बाद शुरू हो सकेगा। पलिया-दुधवा मार्ग पर बंशीनगर रपटा पुल पर अभी धार में पानी बह रहा है, लेकिन पानी कम होने के चलते बुधवार की देर शाम से इस पर आवागमन शुरू कर दिया।
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संपूर्णानगर क्षेत्र में भी बसों का संचालन शुरू होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
प्रति सवारी 100 रुपये देकर नावों पर बैठकर जाने को विवश लोग
अतरिया रेलवे क्रॉसिंग के पास मेलाघाट जाने वाले रास्ते पर कई नाविक सवारियों से किराया लेते हुए उनको शारदा पुल के किनारे सूखे में उतार रहे हैं। जहां से वह आगे के साधनों से अपने गंतव्य को रवाना हो रहे हैं। नाव वालों ने बताया कि प्रति सवारी 100 रुपये लिए जा रहे हैं। क्योंकि यहां से शारदा पुल दूर है, बाकी अगर कोई कम किराया भी दे रहा है तो उसको भी छोड़ देते हैं।
ई-रिक्शा चालकों का भी क्रॉसिंग पर लग रहा जमावड़ा
नाव से आने व जाने वाली सवारियों को पलिया से अतरिया और अतरिया से पलिया पहुंचाने के लिए अतरिया रेलवे क्रॉसिंग पर ई-रिक्शा चालकों का भी जमावड़ा लगा रहा और वह सवारियों को अपनी तरफ खींचते दिखाई दिए। अतरिया से पलिया तक भी उन्होंने मनमाना किराया वसूला।
बराबर बंटवाए जा रहे हैं लंच पैकेट
बाढ़ प्रभावित गांवों में लंच पैकेटों का वितरण लेखपालों के जरिये प्रशासन करा रहा है। बृहस्पतिवार को पानी कम होने के बाद भी तहसील में बाढ़ पीड़ितों के लिए तहरी और अचार तैयार किया गया। जिसको लंच पैकेटों में भरने के बाद प्रशासन द्वारा बाढ़ पीड़ितों को पहुंचाया गया। एसडीएम कार्तिकेय सिंह ने बताया कि बचाव व राहत कार्य में किसी भी लेखपाल को लापरवाही न बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं।
रास्तों पर पानी होने के कारण आधा दर्जन गांव बने टापू
मझगईं। बाढ़ का पानी तो कम होने लगा है, लेकिन रास्तों पर पानी होने के कारण अब भी आधा दर्जन गांव टापू बने हुए हैं। बाढ़ पीड़ित ग्रामीण सड़क पर डेरा डाले हुए हैं। बेला कलां से बेला खुर्द जाने वाला डामर मार्ग बाढ़ की तेज धार में कट गया है। जिससे इस मार्ग पर आवागमन बंद हो गया है। बाढ़ का पानी खेतों में आने से सैकड़ों बीघा मूंगफली की फसल भी नष्ट हो गई है। संवाद
संपूर्णानगर-पलिया मार्ग पर बस संचालन शुरू
संपूर्णानगर। बाढ़ का पानी कम होने के बाद संपूर्णानगर-पलिया मार्ग पर बृहस्पतिवार सुबह बसों का संचालन शुरू हो गया है। बसें हालांकि अभी भी खजुरिया नहीं जा रही हैं। बाढ़ के पानी ने संपूर्णानगर-हजारा जाने वाले मार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया को बहाकर तोड़ दिया है। जिससे हजारा के साथ ही रामनगर, शांतिनगर, गांधीनगर, कबीरगंज जाने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और नावों के सहारे वह आवागमन कर रहे हैं। संवाद
दोनों नदियों का कम हुआ है। पलिया-निघासन मार्ग पर छोटे दो व चार पहिया वाहनों का आवागमन भी शुरू कर दिया है। लेखपालों के जरिये बाढ़ प्रभावित गांवों में लंच पैकेटों का वितरण कराया जा रहा है। पलिया-भीरा मार्ग पर अभी धार से पानी बह रहा है, यहां पानी कम होने के बाद पुलिया की स्थिति देखते हुए उसके निर्माण के बाद ही आवागमन सुचारू हो पाएगा।
-कार्तिकेय सिंह, एसडीएम पलिया

पलिया-भीरा मार्ग पर अतरिया रेलवे क्रासिंग से नाव पर शारदा की तरफ जाते लोग। संवाद

पलिया-भीरा मार्ग पर अतरिया रेलवे क्रासिंग से नाव पर शारदा की तरफ जाते लोग। संवाद