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मजदूर संघों के समर्थन में भाकपा माले का प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Fri, 02 Sep 2016 10:59 PM IST
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kisan
- फोटो : amar ujala
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तहसील स्तर पर निकाले जुलूस, ज्ञापन भी सौंपे, केंद्र और प्रदेश सरकार की निंदा की
शारदा सहायक परियोजना के डूब क्षेत्र में बाढ़ कटान पीड़ितों ने भाकपा माले के नेतृत्व में शुक्रवार को दूसरे दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रखा। भाकपा माले ने केंद्रीय श्रम संगठनों, औद्योगिक फेडरेशनों और कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर आम हड़ताल के समर्थन में धरना प्रदर्शन भी किया।
धरना सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले केंद्रीय कमेटी सदस्य कृष्णा अधिकारी ने कहा कि मजदूर वर्ग की राष्ट्रव्यापी हड़ताल और बाढ़ कटान पीड़ितों का आंदोलन मोदी और अखिलेश सरकार की कारपोरेट परस्त नीतियों के खिलाफ है। इसके खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन करना होगा।
सभा को सीपीआई के बालेश्वर यादव, अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष रामदरस, खेमस के जिला सचिव श्रीनाथ, जिला कमेटी सदस्य जवाहर और बिकाऊ ने भी संबोधित किया। संचालन इंद्रजीत ने किया। धरनास्थल पर ज्ञापन लेने किसी जिलास्तरीय अधिकारी के न पहुंचने पर बाढ़ कटान पीड़ितों ने एसडीएम कार्यालय घेर लिया।
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पलियाकलां। संयुक्त ट्रेड यूनियन और ग्रामीण मजदूरों की देशव्यापी हड़ताल में शारदा वर्कर्स एसोसिएशन, भाकपा माले, खेत मजदूर सभा, ऐपवा ने संयुक्त रूप से मिलकर जुलूस निकाला। तहसील पहुंचकर राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार को दिया। धरना सभा में किसान मजदूर नेता कमलेश राय ने कहा कि केंद्र ने अच्छे दिन के नाम पर जनता को बेवकूफ बनाया। मजदूरों ने सैकड़ों वर्षों की कुर्बानी के बाद जो अधिकार प्राप्त किए थे उन अधिकारों को मोदी सरकार लगातार छीनने का प्रयास कर ही है। महामंत्री निर्भय सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार पूंजीपतियों की सेवा में लगी है और मजदूरों को उपेक्षित छोड़ दिया गया। ऐपवा की जिला अध्यक्ष आरती राय ने कहा कि ग्रामीण खेत मजदूरों की दशा दयनीय होती जा रही है।
राज्यपाल को दिए ज्ञापन में मांग की गई कि श्रम कानूनों को लागू कर शुगर वेज बोर्ड की सिफारिशें लागू की जाएं। न्यूनतम मजदूरी 18000 प्रतिमाह सुनिश्चित की जाए। तीसरा वेतन आयोग हटाकर सभी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग से वेतन दिया जाए। सभी गरीबों को बीपीएल राशन कार्ड दिए जाने की भी मांग की गई। इस दौरान रामकिशुन, रंगीलाल, लक्ष्मी नारायण, गजेंद्र, हनीफ संजय, परशुराम, सुनील, मुमताज समेत सैकड़ों मजदूर, मिल कर्मी आदि मौजूद रहे।
मितौली। अखिल भारतीय किसान महासभा व भाकपा माले ने ब्लाक गेट के सामने स्थित खेल मैदान में प्रशासन के विरुद्ध जोरदार प्रदर्शन किया। माले नेता क्रांति कुमार सिंह की अगुवाई में सात सूत्री ज्ञापन एसडीएम मंसाराम को दिया। भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने बड़ागांव तिराहे से एसडीएम कार्यालय तक नारे बाजी करते हुए जुलूस निकाला। बाद में ब्लाक गेट के सामने स्थित खेल मैदान में सभा की। सभा को अफ रोज आलम, क्रांति कुमार सिंह, सुरेन्द्र कुमार, रामकिशुन गौतम, आदेश जोशी आदि ने संबोधित किया। बैठक की अध्यक्षता बृजेश तिवारी ने की। अंत में सात सूत्री ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
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शारदा सहायक परियोजना के डूब क्षेत्र में बाढ़ कटान पीड़ितों ने भाकपा माले के नेतृत्व में शुक्रवार को दूसरे दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रखा। भाकपा माले ने केंद्रीय श्रम संगठनों, औद्योगिक फेडरेशनों और कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर आम हड़ताल के समर्थन में धरना प्रदर्शन भी किया।
धरना सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले केंद्रीय कमेटी सदस्य कृष्णा अधिकारी ने कहा कि मजदूर वर्ग की राष्ट्रव्यापी हड़ताल और बाढ़ कटान पीड़ितों का आंदोलन मोदी और अखिलेश सरकार की कारपोरेट परस्त नीतियों के खिलाफ है। इसके खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन करना होगा।
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सभा को सीपीआई के बालेश्वर यादव, अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष रामदरस, खेमस के जिला सचिव श्रीनाथ, जिला कमेटी सदस्य जवाहर और बिकाऊ ने भी संबोधित किया। संचालन इंद्रजीत ने किया। धरनास्थल पर ज्ञापन लेने किसी जिलास्तरीय अधिकारी के न पहुंचने पर बाढ़ कटान पीड़ितों ने एसडीएम कार्यालय घेर लिया।
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पलियाकलां। संयुक्त ट्रेड यूनियन और ग्रामीण मजदूरों की देशव्यापी हड़ताल में शारदा वर्कर्स एसोसिएशन, भाकपा माले, खेत मजदूर सभा, ऐपवा ने संयुक्त रूप से मिलकर जुलूस निकाला। तहसील पहुंचकर राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार को दिया। धरना सभा में किसान मजदूर नेता कमलेश राय ने कहा कि केंद्र ने अच्छे दिन के नाम पर जनता को बेवकूफ बनाया। मजदूरों ने सैकड़ों वर्षों की कुर्बानी के बाद जो अधिकार प्राप्त किए थे उन अधिकारों को मोदी सरकार लगातार छीनने का प्रयास कर ही है। महामंत्री निर्भय सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार पूंजीपतियों की सेवा में लगी है और मजदूरों को उपेक्षित छोड़ दिया गया। ऐपवा की जिला अध्यक्ष आरती राय ने कहा कि ग्रामीण खेत मजदूरों की दशा दयनीय होती जा रही है।
राज्यपाल को दिए ज्ञापन में मांग की गई कि श्रम कानूनों को लागू कर शुगर वेज बोर्ड की सिफारिशें लागू की जाएं। न्यूनतम मजदूरी 18000 प्रतिमाह सुनिश्चित की जाए। तीसरा वेतन आयोग हटाकर सभी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग से वेतन दिया जाए। सभी गरीबों को बीपीएल राशन कार्ड दिए जाने की भी मांग की गई। इस दौरान रामकिशुन, रंगीलाल, लक्ष्मी नारायण, गजेंद्र, हनीफ संजय, परशुराम, सुनील, मुमताज समेत सैकड़ों मजदूर, मिल कर्मी आदि मौजूद रहे।
मितौली। अखिल भारतीय किसान महासभा व भाकपा माले ने ब्लाक गेट के सामने स्थित खेल मैदान में प्रशासन के विरुद्ध जोरदार प्रदर्शन किया। माले नेता क्रांति कुमार सिंह की अगुवाई में सात सूत्री ज्ञापन एसडीएम मंसाराम को दिया। भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने बड़ागांव तिराहे से एसडीएम कार्यालय तक नारे बाजी करते हुए जुलूस निकाला। बाद में ब्लाक गेट के सामने स्थित खेल मैदान में सभा की। सभा को अफ रोज आलम, क्रांति कुमार सिंह, सुरेन्द्र कुमार, रामकिशुन गौतम, आदेश जोशी आदि ने संबोधित किया। बैठक की अध्यक्षता बृजेश तिवारी ने की। अंत में सात सूत्री ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।