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Lakhimpur Kheri News: आज थारुओं पर लगाए गए मुकदमों की होगी जनसुनवाई
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पलियाकलां। थारू आदिवासी और तराई क्षेत्र महिला मजदूर किसान मंच ने प्रेस वार्ता कर चार जून को होने वाले जनसुनवाई कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। बताया कि इस जनसुनवाई में बाहर से आई ज्यूरी टीम के सामने थारू समुदाय के लोग वन विभाग की तरफ से लादे गए फर्जी मुकदमों का जिक्र करेंगे।
प्रेसवार्ता में अखिल भारतीय वन जन श्रमजीवी यूनियन के राष्ट्रीय सचिव रजनीश गंभीर ने कहा कि वन विभाग द्वारा थारू क्षेत्र के लोगों पर लगातार अत्याचार किया गया। वनाधिकार कानून 2006 में लागू हो जाने के बाद भी सन् 1927, 1972, 1980 के वन अधिनियम की धाराओं के तहत थारू समुदाय पर मुकदमे दर्ज किए गए।
करीब 27 मुकदमों में 2200 से अधिक थारुओं को फर्जी तरीके से फंसाया गया है। कुछ ऐसे लोग हैं जिनका मुकदमा दर्ज होने से पहले ही निधन हो चुका है। जबकि दृष्टिबाधित, विकलांग, बुजुर्ग और बेगुनाह लोगों पर वनाधिकार कानून लागू कराने के लिए कार्य करने पर वन विभाग ने फर्जी मुकदमे लादे हैं।
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इन मुकदमों को चार जून को होने वाली जनसुनवाई में ज्यूरी के सामने पेश किया जाएगा। मृतकों के परिजन अपना बयान देंगे। सभी 2200 लोगों को एकत्र किया जाएगा। अखिल भारतीय वन जन श्रमजीवी यूनियन के राष्ट्रीय सलाहकार धनंजय उपाध्याय ने कहा कि ज्यूरी टीम में उनके अलावा वनाधिकार कानून नियामवली ड्राफ्टिंग कमेटी की नंदिनी सुंदर, पूर्व सहायक निदेशक जनजाति निदेशालय समाज कल्याण डीएन सिंह, पूर्व डीजीसी लखीमपुर धर्मेंद्र शुक्ला, लखनऊ उच्च न्यायालय की अधिवक्ता नंदिनी वर्मा, यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोकालो गोंड व अमित सेन गुप्ता आदि लोग शामिल होंगे। 05 जून को संगठन का वार्षिक प्रतिनिधि सम्मेलन भी यहां आयोजित होगा।
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प्रेसवार्ता में अखिल भारतीय वन जन श्रमजीवी यूनियन के राष्ट्रीय सचिव रजनीश गंभीर ने कहा कि वन विभाग द्वारा थारू क्षेत्र के लोगों पर लगातार अत्याचार किया गया। वनाधिकार कानून 2006 में लागू हो जाने के बाद भी सन् 1927, 1972, 1980 के वन अधिनियम की धाराओं के तहत थारू समुदाय पर मुकदमे दर्ज किए गए।
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करीब 27 मुकदमों में 2200 से अधिक थारुओं को फर्जी तरीके से फंसाया गया है। कुछ ऐसे लोग हैं जिनका मुकदमा दर्ज होने से पहले ही निधन हो चुका है। जबकि दृष्टिबाधित, विकलांग, बुजुर्ग और बेगुनाह लोगों पर वनाधिकार कानून लागू कराने के लिए कार्य करने पर वन विभाग ने फर्जी मुकदमे लादे हैं।
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इन मुकदमों को चार जून को होने वाली जनसुनवाई में ज्यूरी के सामने पेश किया जाएगा। मृतकों के परिजन अपना बयान देंगे। सभी 2200 लोगों को एकत्र किया जाएगा। अखिल भारतीय वन जन श्रमजीवी यूनियन के राष्ट्रीय सलाहकार धनंजय उपाध्याय ने कहा कि ज्यूरी टीम में उनके अलावा वनाधिकार कानून नियामवली ड्राफ्टिंग कमेटी की नंदिनी सुंदर, पूर्व सहायक निदेशक जनजाति निदेशालय समाज कल्याण डीएन सिंह, पूर्व डीजीसी लखीमपुर धर्मेंद्र शुक्ला, लखनऊ उच्च न्यायालय की अधिवक्ता नंदिनी वर्मा, यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोकालो गोंड व अमित सेन गुप्ता आदि लोग शामिल होंगे। 05 जून को संगठन का वार्षिक प्रतिनिधि सम्मेलन भी यहां आयोजित होगा।