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गली में आज चांद निकला

Fri, 30 Oct 2015 11:18 PM IST
लखीमपुर खीरी
लखीमपुर खीरी Updated Fri, 30 Oct 2015 11:18 PM IST
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Today the moon turned out into the street
अपने पति के दीर्घायु होने की कामना के साथ सौभाग्य का प्रतीक करवा चौथ व्रत रख कर महिलाओं ने श्रद्धा, भक्ति और प्रेम का रस घोलते हुए गणेश जी और माता गौरी की पूजा की। शुक्रवार को सुबह से महिलाओं ने करवा पूजा की तैयारियां शुरू कर दी थीं। ब्रह्म मुहूर्त में महिलाओं ने सूक्ष्म जलपान कर सरगी खाने की परंपरा पूरी की। इसके बाद पूरे दिन उपवास रखा। शाम को पूरा शृंगार करने के बाद चांद निकलने पर गणेश गौरी की पूजा कर अपने पति के हाथ से उपवास तोड़ा।
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करवा की तैयारियों को लेकर पूरे दिन बाजार में रौनक रही। महिलाओं ने ब्यूटी पार्लर जाकर शृंगार कराया और हथेलियों पर मेहंदी रचाई। उपवास रखने वाली महिलाओं ने दोपहर से ही सजना संवरना शुरू कर दिया था। शाम तक पूरी तरह सज धज कर तैयार हो गई और आकर्षक ढंग से भोजन थाल सजाकर करवा के विभिन्न आकर्षक रंगों से रंग कर उसमें मिठाइयां, पकवान आदि भर कर पूजा अर्चना की। चांद निकलने पर छलनी से चांद के साथ अपने पति के दर्शन कर उनके हाथों से उपवास तोड़ा।
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उधर लोगों ने अपने पत्नियों को उपहार देकर अपने पति की गई मंगल कामनाओं के लिए उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। करवा को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह दिखाई दिया। शहर में अधिकतर महिलाओं ने करवा चौथ का पोस्टर लगाकर पूजा की तो ग्रामीण महिलाओं ने दीवारों पर आकर्षक चित्रकारी कर सामूहिक पूजा की।
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बांकेगंज। कस्बे में करवा चौथ व्रत को लेकर महिलाओं ने शुक्रवार सुबह से ही तैयारी शुरू कर दी। शाम को होने वाले पूजन के लिए युवतियों ने दोपहर से ही सजना संवरना शुरू कर दिया। इसको लेकर महिलाओं ने हाथों पर मेहंदी रचाने के साथ ही कलाइयों में मैचिंग की रंग-बिरंगी चूड़ियां पहनी। सायंकाल शिवानी माहेश्वरी, सीमा माहेश्वरी, ममता माहेश्वरी, सुशीला-सुनीता गोयल, पिंकी अग्रवाल आदि ने छलनी में चंद्रमा और पति को एक साथ देखकर चंद्र देवता को अर्घ्य दिया। साथ ही पति में चंद्रमा की शांति, संौदर्य और उसके अमरत्व की कामना करते हुए विधि-विधान से पूजन के बाद पति के हाथों पानी पीकर उपवास तोड़ा।
मैलानी। करवा चौथ के दिन यहां बाजार तथा साप्ताहिक बाजार में खूब भीड़ रही। महिलाओं ने सौंदर्य प्रसाधन सामग्री तथा चूड़ियां खरीदीं। शुक्रवार को लगने वाली साप्ताहिक बाजार में भी देहात क्षेत्र के लोगों की भीड़ रही।
गोला गोकर्णनाथ। नगर सहित क्षेत्र की सुहागिनों ने पति की दीर्घायु और सुख समृद्धि की कामना को लेकर निर्जल व्रत किया। महिलाओं ने घर में साफ सफाई कर पकवान बनाए। महिलाओं ने मिट्टी और पीतल के करबे में सींकें लगाकर, पिन्नी आदि पकवान बनाकर रखे और चंद्रदेव के दर्शन कर उन्हें अर्घ्य देकर पूजन किया। इस मौके पर नई नवेली दुल्हनों में काफी उत्साह दिखा।
ममरी।
करवा चौथ के मौके पर सुहागिन महिलाओं ने दिन भर निर्जल व्रत रखकर शाम को चंद्रमा के उदय होने पर माता गौरी का विधि विधान से पूजन कर सिंदूर से अपनी मांग भरी और ज्योति जलाकर पति के दीर्घायु होने की कामनाएं की। साथ ही चंद्र देवता के छलनी दिखाकर पति के चरण स्पर्श किए। इस मौके पर प्रत्येक घर में करवा चौथ का पूजन का सिलसिला जारी रहा।
करवा चौथ पर चढ़ा आधुनिकता का रंग
बांकेगंज।
आधुनिक युग में महिलाओं के खानपान, रहन-सहन और पहनावे में चाहे जितना बदलाव क्यों न आया हो लेकिन करवा चौथ व्रत के पीछे छिपी भावना और उसके मनाने के ढंग में अभी बदलाव नहीं आया है। ये दीगर बात है कि दशकों पहले यह महज एक घरेलू त्योहार माना जाता था जिस पर आज आधुनिकता का मुलम्मा चढ़ गया है। बाजार भी इसका भरपूर फायदा उठा रहा है। बावजूद इसके नवविवाहिता हो या बड़ी उम्र की महिलाएं सभी इस त्योहार को लेकर उत्साहित रहीं।
‘दूरियों से फर्क नहीं पड़ता’
बिजुआ।
करवा चौथ का व्रत से बड़ा सुहागिनों के लिए कोई पर्व नही। किसी के साजन पास हैं तो कोई अपने साजन का इंतजार कर रहा है। सजना के दूर होने से इन्हें कोई मलाल नही बस अपने साजन के साथ होने का अहसास बहुत है।
पड़रिया तुला की अर्चना सिंह के पति ओमकार सिंह फौज में हैं। फौज की नौकरी करते हुए शायद ही कभी नौ साल में करवा एक साथ मनाने का मौका मिला हो, अर्चना अपना व्रत शौहर के फोटो को देखकर पूरा करेंगी। देशसेवा में गए ओमकार की गैरमौजूदगी से अर्चना को कोई मलाल नहीं, कहती हैं, कि मांग का सिंदूर सलामत रहे, दूरियों से फर्क नही पड़ता।

गोला की अनुग्या टीचर हैं, शौहर अनुराग मिश्रा बिजुआ के बीईओ हैं, अनुराग मिश्रा को अपने घर महोली -सीतापुर  गांव अनुग्या के साथ जाना है, लेकिन देर शाम तक विभागीय मीटिंगों में शामिल रहे, याद आया  कि ये दिन तो किसी और के नाम है, ऐसे में घर पर कोई उनका इंतजार कर रहा है। सारे काम छोड़ अनुराग चंदा निकलने से पहले अनुग्या को लेकर घर निकल गए।

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