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फसल बचाने के लिए आवारा पशु पंचायत भवन में किए बंद
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बांकेगंज की ग्रंट 18 पंचायत भवन में बंद गोवंश।
ग्रंट नंबर 18 के ग्रामीणों ने डीएम से की पशुओं को गोशाला भेजने की मांग
ग्रामीण बोले, पशुओं के दो दिन के चारे-पानी का वह खुद कर रहे हैं इंतजाम
बांकेगंज। ब्लॉक क्षेत्र की पंचायत ग्रंट नंबर 18 के ग्रामीणों ने रविवार को खेतों में घूमने वाले गोवंश को पकड़कर पंचायत भवन में बंद कर दिया। ग्रामीणों ने इन पशुओं के दो दिन के चारे का भी इंतजाम करने की बात कही है। इसके बाद की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने डीएम से इन पशुओं को गोशाला में भिजवाने की मांग की है।
ब्लॉक क्षेत्र की पंचायत ग्रंट नंबर 18 में सैकड़ों की संख्या में छुट्टा पशु सड़कों और खेतों में घूमते दिखाई पड़ रहे हैं। यह लावारिस पशु एक तरफ जहां किसानों की फसलों को चरकर बर्बाद कर रहे हैं, वहीं लोगों पर हमला कर उन्हें जख्मी भी कर रहे हैं। इन लावारिस पशुओं से परेशान ग्रामीणों का आरोप है कि सैकड़ों की संख्या में घूम रहे बेसहारा पशुओं का कोई पुरसाहाल नहीं है।
पंचायत कर्मियों की लापरवाही के चलते इन लावारिस पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में नहीं रखा जा रहा है। शिकायत के बावजूद जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। खामियाजा किसानों को लावारिस पशुओं से होने वाले फसलों के नुकसान के रूप में भुगतना पड़ रहा है। आदर्श, कौशल, विजय आदि ग्रामीणों का कहना है कि इस बावत ग्रंट नंबर 18 के पंचायत सचिव से कई बार शिकायत की भी गई, लेकिन न तो सचिव और न ही पंचायत मित्र का ध्यान इस ओर जा रहा है।
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उधर, ग्रंट नंबर 18 के प्रधान नीरज ने बताया कि क्षेत्र में घूम रहे लावारिस गोवंश केवल किसानों के लिए ही मुसीबत नहीं बने हुए है, बल्कि यह पशु आए दिन आमजनों पर हमला कर उन्हें घायल कर रहे हैं। तीन माह पहले सांड़ ने हमला कर मिश्रीलाल को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उधर, शनिवार को ग्रामीणों ने क्षेत्र में घूम रहे 30 से अधिक गोवंश को पकड़कर दो दिन के चारे की व्यवस्था के साथ पंचायत भवन में बंद कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन में रखे गए इन गोवंश के चारे-पानी का इंतजाम दो दिन वह खुद करेंगे। इसके बाद की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर संबधित अधिकारी और कर्मी पर कार्रवाई की जाएगी।
- अनिल कुमार सिंह, सीडीओ, खीरी
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ग्रामीण बोले, पशुओं के दो दिन के चारे-पानी का वह खुद कर रहे हैं इंतजाम
बांकेगंज। ब्लॉक क्षेत्र की पंचायत ग्रंट नंबर 18 के ग्रामीणों ने रविवार को खेतों में घूमने वाले गोवंश को पकड़कर पंचायत भवन में बंद कर दिया। ग्रामीणों ने इन पशुओं के दो दिन के चारे का भी इंतजाम करने की बात कही है। इसके बाद की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने डीएम से इन पशुओं को गोशाला में भिजवाने की मांग की है।
ब्लॉक क्षेत्र की पंचायत ग्रंट नंबर 18 में सैकड़ों की संख्या में छुट्टा पशु सड़कों और खेतों में घूमते दिखाई पड़ रहे हैं। यह लावारिस पशु एक तरफ जहां किसानों की फसलों को चरकर बर्बाद कर रहे हैं, वहीं लोगों पर हमला कर उन्हें जख्मी भी कर रहे हैं। इन लावारिस पशुओं से परेशान ग्रामीणों का आरोप है कि सैकड़ों की संख्या में घूम रहे बेसहारा पशुओं का कोई पुरसाहाल नहीं है।
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पंचायत कर्मियों की लापरवाही के चलते इन लावारिस पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में नहीं रखा जा रहा है। शिकायत के बावजूद जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। खामियाजा किसानों को लावारिस पशुओं से होने वाले फसलों के नुकसान के रूप में भुगतना पड़ रहा है। आदर्श, कौशल, विजय आदि ग्रामीणों का कहना है कि इस बावत ग्रंट नंबर 18 के पंचायत सचिव से कई बार शिकायत की भी गई, लेकिन न तो सचिव और न ही पंचायत मित्र का ध्यान इस ओर जा रहा है।
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उधर, ग्रंट नंबर 18 के प्रधान नीरज ने बताया कि क्षेत्र में घूम रहे लावारिस गोवंश केवल किसानों के लिए ही मुसीबत नहीं बने हुए है, बल्कि यह पशु आए दिन आमजनों पर हमला कर उन्हें घायल कर रहे हैं। तीन माह पहले सांड़ ने हमला कर मिश्रीलाल को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उधर, शनिवार को ग्रामीणों ने क्षेत्र में घूम रहे 30 से अधिक गोवंश को पकड़कर दो दिन के चारे की व्यवस्था के साथ पंचायत भवन में बंद कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन में रखे गए इन गोवंश के चारे-पानी का इंतजाम दो दिन वह खुद करेंगे। इसके बाद की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर संबधित अधिकारी और कर्मी पर कार्रवाई की जाएगी।
- अनिल कुमार सिंह, सीडीओ, खीरी