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संदीप हत्याकांडः संदीप को मारने के लिए रामकुमार ने ली थी दो लाख की सुपारी
सार
आलू की टिक्की में मिलाकर खिलाई गई थी नशीली दवा, जेल भेजे गए आरोपी
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संदीप वर्मा (फाइल फोटो)
विस्तार
कॉल डिटेल ने खोला संदीप हत्याकांड
ध्यान भटकाने के लिए मृतक के मोबाइल से पत्नी को भेजा फिरौती का मेसेज
अब तक गायब एक टांग और दो हाथ बरामद नहीं कर पाई पुलिस, बिसरा प्रिजर्व
गोला गोकर्णनाथ (लखीमपुर खीरी)। सोमवार को कोतवाली पुलिस ने हैदराबाद थाना क्षेत्र के काजरकोरी निवासी संदीप कुमार वर्मा की निर्मम हत्या के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अभियुक्तों ने पुलिस को उलझाया तो खूब, लेकिन कॉल डिटेल ने सारा राज खोल दिया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद विसरा प्रिजर्व कर आला कत्ल बगौड़ी बरामद करने के साथ ही आरोपियों को जेल भेज दिया है।
काजरकोरी निवासी संदीप कुमार वर्मा की ताऊ के पुत्र की हत्या के प्रयास के मुकदमे में गवाही देने पर अभियुक्तों ने हत्या कर दी थी। मृतक के ताऊ के पुत्र पर प्राणघातक हमले का मुकदमा गांव के ही प्यारेलाल और प्यारेलाल के दोनों पुत्रों पवन कुमार, रुचित कुमार पर चल रहा है। संदीप कुमार वर्मा और उसके पिता मुनीश चंद्र वर्मा इसमें गवाह थे। प्राणघातक हमले में विपक्षियों नेे संदीप वर्मा को रास्ते से हटाने का फैसला ले लिया और संदीप कुमार वर्मा के बचपन के सहपाठी रहे रामकुमार के साथ मिलकर घटना को अंजाम दे डाला। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रामकुमार ने संदीप कुमार वर्मा को ठिकाने लगाने के लिए विपक्षियों से दो लाख रुपये की सुपारी ली थी।
शातिर अपराधी रामकुमार ने एक नवंबर की सुबह अपने भाई के मोबाइल से संदीप को फोन करके बुलाया। पूर्व परिचित और सहपाठी होने के कारण संदीप रामकुमार का मंसूबा ना जान सका और उस पर भरोसा कर लिया। जड़ौरा गांव के पास गन्ने के खेत में ले जाकर रामकुमार ने चाट की टिक्की में संदीप को नशीली दवाई खिला दी, फिर चारपाई के मचवा से हत्या कर दी। उधर, घटना से ध्यान भटकाने और पुलिस को उलझाने के लिए रामकुमार ने मृतक की पत्नी और संदीप के कई अन्य परिचितों को फिरौती का मेसेज और कॉल कर दी। इससे संदीप के परिवार वालों ने अपहरण का संदेह जताते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया। क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीम कॉल डिटेल को खंगालती हुई आरोपी रामकुमार के भाई तक जा पहुंची। पूछताछ में निर्दयता पूर्वक की गई संदीप कुमार वर्मा की हत्या का राज खुल गया। अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने आला कत्ल चारपाई का पाया, फरसानुमा बगौड़ी, मृतक का कीपैड मोबाइल, मृतक के खून से सने कपड़े बरामद कर लिए। उधर, अभियुक्तों द्वारा जिस दरिंदगी के साथ अंग भंग कर संदीप कुमार वर्मा की हत्या की गई है उससे मृतक के पिता मुनीश चंद्र, भाई विवेक वर्मा और पत्नी मीरा देवी सहित परिवार के सदस्य दहशत में है।
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पुलिस बरामद नहीं कर पाई एक टांग और दो हाथ
कोतवाली पुलिस अभियुक्तों द्वारा मृतक के शव के काटकर गायब किए गए एक टांग और दो हाथों को अभी बरामद नहीं कर पाई है। प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार पांडे ने बताया कि जिस स्थान पर मृतक का क्षतविक्षत शव मिला है वहां काफी झाड़ झंकार और जंगली क्षेत्र है।
संदीप के लापता अंगों की तलाश में ली डॉग स्कवाड की मदद
ममरी। कोतवाली गोला के एसआई कृष्ण कुमार यादव के साथ रविवार की शाम जड़ौरा गांव पहुंची डॉग स्क्वायड टीम ने काजरकोरी गांव निवासी मृतक संदीप वर्मा के लापता अंगों को तलाश करने की कोशिश की। घटनास्थल के आसपास गन्ने में कई घंटे तलाश किया, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। प्रधानपति आशीष मिश्रा ने बताया कि टीम का मानना है कि मृतक के लापता अंगों एक पैर दोनों हाथ या तो वन्यजीव खा गए हैं या फिर हत्यारों ने उन्हें सरायन नदी के पानी में फेंक दिया है। बताया कि घंटों की मशक्कत के बाद टीम खाली हाथ वापस लौट गई। संवाद
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ध्यान भटकाने के लिए मृतक के मोबाइल से पत्नी को भेजा फिरौती का मेसेज
अब तक गायब एक टांग और दो हाथ बरामद नहीं कर पाई पुलिस, बिसरा प्रिजर्व
गोला गोकर्णनाथ (लखीमपुर खीरी)। सोमवार को कोतवाली पुलिस ने हैदराबाद थाना क्षेत्र के काजरकोरी निवासी संदीप कुमार वर्मा की निर्मम हत्या के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अभियुक्तों ने पुलिस को उलझाया तो खूब, लेकिन कॉल डिटेल ने सारा राज खोल दिया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद विसरा प्रिजर्व कर आला कत्ल बगौड़ी बरामद करने के साथ ही आरोपियों को जेल भेज दिया है।
काजरकोरी निवासी संदीप कुमार वर्मा की ताऊ के पुत्र की हत्या के प्रयास के मुकदमे में गवाही देने पर अभियुक्तों ने हत्या कर दी थी। मृतक के ताऊ के पुत्र पर प्राणघातक हमले का मुकदमा गांव के ही प्यारेलाल और प्यारेलाल के दोनों पुत्रों पवन कुमार, रुचित कुमार पर चल रहा है। संदीप कुमार वर्मा और उसके पिता मुनीश चंद्र वर्मा इसमें गवाह थे। प्राणघातक हमले में विपक्षियों नेे संदीप वर्मा को रास्ते से हटाने का फैसला ले लिया और संदीप कुमार वर्मा के बचपन के सहपाठी रहे रामकुमार के साथ मिलकर घटना को अंजाम दे डाला। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रामकुमार ने संदीप कुमार वर्मा को ठिकाने लगाने के लिए विपक्षियों से दो लाख रुपये की सुपारी ली थी।
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शातिर अपराधी रामकुमार ने एक नवंबर की सुबह अपने भाई के मोबाइल से संदीप को फोन करके बुलाया। पूर्व परिचित और सहपाठी होने के कारण संदीप रामकुमार का मंसूबा ना जान सका और उस पर भरोसा कर लिया। जड़ौरा गांव के पास गन्ने के खेत में ले जाकर रामकुमार ने चाट की टिक्की में संदीप को नशीली दवाई खिला दी, फिर चारपाई के मचवा से हत्या कर दी। उधर, घटना से ध्यान भटकाने और पुलिस को उलझाने के लिए रामकुमार ने मृतक की पत्नी और संदीप के कई अन्य परिचितों को फिरौती का मेसेज और कॉल कर दी। इससे संदीप के परिवार वालों ने अपहरण का संदेह जताते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया। क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीम कॉल डिटेल को खंगालती हुई आरोपी रामकुमार के भाई तक जा पहुंची। पूछताछ में निर्दयता पूर्वक की गई संदीप कुमार वर्मा की हत्या का राज खुल गया। अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने आला कत्ल चारपाई का पाया, फरसानुमा बगौड़ी, मृतक का कीपैड मोबाइल, मृतक के खून से सने कपड़े बरामद कर लिए। उधर, अभियुक्तों द्वारा जिस दरिंदगी के साथ अंग भंग कर संदीप कुमार वर्मा की हत्या की गई है उससे मृतक के पिता मुनीश चंद्र, भाई विवेक वर्मा और पत्नी मीरा देवी सहित परिवार के सदस्य दहशत में है।
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पुलिस बरामद नहीं कर पाई एक टांग और दो हाथ
कोतवाली पुलिस अभियुक्तों द्वारा मृतक के शव के काटकर गायब किए गए एक टांग और दो हाथों को अभी बरामद नहीं कर पाई है। प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार पांडे ने बताया कि जिस स्थान पर मृतक का क्षतविक्षत शव मिला है वहां काफी झाड़ झंकार और जंगली क्षेत्र है।
संदीप के लापता अंगों की तलाश में ली डॉग स्कवाड की मदद
ममरी। कोतवाली गोला के एसआई कृष्ण कुमार यादव के साथ रविवार की शाम जड़ौरा गांव पहुंची डॉग स्क्वायड टीम ने काजरकोरी गांव निवासी मृतक संदीप वर्मा के लापता अंगों को तलाश करने की कोशिश की। घटनास्थल के आसपास गन्ने में कई घंटे तलाश किया, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। प्रधानपति आशीष मिश्रा ने बताया कि टीम का मानना है कि मृतक के लापता अंगों एक पैर दोनों हाथ या तो वन्यजीव खा गए हैं या फिर हत्यारों ने उन्हें सरायन नदी के पानी में फेंक दिया है। बताया कि घंटों की मशक्कत के बाद टीम खाली हाथ वापस लौट गई। संवाद