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तिकुनियां कांड: जांच में आई तेजी, 15 नवंबर होगा अहम दिन
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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड की विवेचना कर रही जांच टीम ने मामले की तफ्तीश और तेज कर दी है। 15 नवंबर को जिला अदालत में मुख्य आरोपी आशीष मिश्र की जमानत अर्जी पर सुनवाई है, जिसके लिए जांच टीम तेजी से साक्ष्य संकलन और अन्य रिपोर्ट जुटाने में जुटी है। मामले में बरामद असलहों की रिपोर्ट जांच टीम को मिल चुकी है, जिसे 15 नवंबर को जांच टीम कोर्ट में पेश कर सकती है।
तिकुनिया कांड में बैलिस्टिक रिपोर्ट मिलने के बाद जांच टीम 15 नवंबर को लेकर काफी तेजी में है। उधर, सुप्रीम कोर्ट भी मामले में जांच टीम को फटकार लगा चुका है, जिसके बाद टीम तेजी से पर फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। पहले एक बार खारिज और दो बार आशीष मिश्र की जमानत पर सुनवाई टल चुकी है। इसके बाद एफएसएल रिपोर्ट के साथ ही, जांच टीम केस डायरी और अन्य रिपोर्ट की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। जांच में मिस हुए कारतूस की भी रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस सूत्रों की मानें तो जांच टीम अगले 10 दिन में चार्जशीट भी दाखिल कर सकती है। हालांकि, जिम्मेदार यह कह रहे हैं कि पूरे साक्ष्य संकलन के बाद ही चार्जशीट दाखिल हो सकेगी। इससे पहले कोर्ट ने 28 अक्तूबर को जांच टीम से केस डायरी तलब की थी। अब 15 नवंबर को सुनवाई के समय ही जिला अदालत में जांच टीम केस डायरी, एफएसएल रिपोर्ट और अन्य जांचों के बारे में अदालत को जानकारी देगी। सुप्रीम कोर्ट में किसान मोर्चा के लीगल पैनल से जुड़े वकील वासु कुकरेजा ने भी बताया कि 15 नवंबर को जिला अदालत में सुनवाई है, जहां पर जांच टीम द्वारा दी गई एफएसएल रिपोर्ट को रखा जाएगा।
साक्ष्य संकलन का काम तेजी से किया जा रहा है। पूरी विवेचना और साक्ष्य संकलन के बाद ही केस डायरी और अन्य रिपोर्ट कोर्ट में रखी जाएगी। विवेचना अभी जारी है। तेजी से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
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- अरुण कुमार सिंह, एएसपी
जांच टीम में सदस्यों की संख्या बढ़ी, नौ से बढ़कर 25 लोगों की टीम
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में शुरुआत में नौ सदस्यीय जांच कर रही टीम अब बढ़कर 25 तक पहुंच गई है। इससे पहले नौ सदस्यीय जांच टीम थी, जिसमें डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल को मुखिया बनाया गया था। वह अब भी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। लेकिन, अब इसमें सदस्यों की संख्या बढ़कर 25 तक हो गई है। स्थानीय स्तर पर जांच टीम का नेतृत्व कर रहे एएसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि, दोनों केस में एक विवेचक और दो सह विवेचक हैं। एफआईआर नंबर 219 में विद्याराम दिवाकर के साथ दो सह विवेचक जबकि, एफआईआर नंबर 220 के विवेचक सुधीर पांडेय और उनके साथ दो और सह विवेचक हैं। एएसपी ने बताया कि पूरे रेंज के जिले के पुलिस कर्मी जांच टीम में शामिल होकर सहयोग कर रहे हैं। हर किसी को अलग अलग काम दिया गया है। दूसरे जिलों से आने वाले पुलिसकर्मी काम पूरा होने के बाद फिर वापस चले जाते हैं।
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तिकुनिया कांड में बैलिस्टिक रिपोर्ट मिलने के बाद जांच टीम 15 नवंबर को लेकर काफी तेजी में है। उधर, सुप्रीम कोर्ट भी मामले में जांच टीम को फटकार लगा चुका है, जिसके बाद टीम तेजी से पर फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। पहले एक बार खारिज और दो बार आशीष मिश्र की जमानत पर सुनवाई टल चुकी है। इसके बाद एफएसएल रिपोर्ट के साथ ही, जांच टीम केस डायरी और अन्य रिपोर्ट की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। जांच में मिस हुए कारतूस की भी रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस सूत्रों की मानें तो जांच टीम अगले 10 दिन में चार्जशीट भी दाखिल कर सकती है। हालांकि, जिम्मेदार यह कह रहे हैं कि पूरे साक्ष्य संकलन के बाद ही चार्जशीट दाखिल हो सकेगी। इससे पहले कोर्ट ने 28 अक्तूबर को जांच टीम से केस डायरी तलब की थी। अब 15 नवंबर को सुनवाई के समय ही जिला अदालत में जांच टीम केस डायरी, एफएसएल रिपोर्ट और अन्य जांचों के बारे में अदालत को जानकारी देगी। सुप्रीम कोर्ट में किसान मोर्चा के लीगल पैनल से जुड़े वकील वासु कुकरेजा ने भी बताया कि 15 नवंबर को जिला अदालत में सुनवाई है, जहां पर जांच टीम द्वारा दी गई एफएसएल रिपोर्ट को रखा जाएगा।
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साक्ष्य संकलन का काम तेजी से किया जा रहा है। पूरी विवेचना और साक्ष्य संकलन के बाद ही केस डायरी और अन्य रिपोर्ट कोर्ट में रखी जाएगी। विवेचना अभी जारी है। तेजी से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
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- अरुण कुमार सिंह, एएसपी
जांच टीम में सदस्यों की संख्या बढ़ी, नौ से बढ़कर 25 लोगों की टीम
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में शुरुआत में नौ सदस्यीय जांच कर रही टीम अब बढ़कर 25 तक पहुंच गई है। इससे पहले नौ सदस्यीय जांच टीम थी, जिसमें डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल को मुखिया बनाया गया था। वह अब भी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। लेकिन, अब इसमें सदस्यों की संख्या बढ़कर 25 तक हो गई है। स्थानीय स्तर पर जांच टीम का नेतृत्व कर रहे एएसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि, दोनों केस में एक विवेचक और दो सह विवेचक हैं। एफआईआर नंबर 219 में विद्याराम दिवाकर के साथ दो सह विवेचक जबकि, एफआईआर नंबर 220 के विवेचक सुधीर पांडेय और उनके साथ दो और सह विवेचक हैं। एएसपी ने बताया कि पूरे रेंज के जिले के पुलिस कर्मी जांच टीम में शामिल होकर सहयोग कर रहे हैं। हर किसी को अलग अलग काम दिया गया है। दूसरे जिलों से आने वाले पुलिसकर्मी काम पूरा होने के बाद फिर वापस चले जाते हैं।