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Lakhimpur Kheri News: तिकुनिया हिंसाः आरोपियों को नहीं मिली राहत, खारिज की गई डिस्चार्ज अर्जी

Tue, 06 Dec 2022 01:31 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 06 Dec 2022 01:31 AM IST
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Tikunia violence: The accused did not get relief, the discharge application was rejected
Tikunia violence: The accused did not get relief, the discharge application was rejected
आशीष मिश्र समेत सभी 13 आरोपियों पर आज तय होंगे आरोप
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क्रॉस केस मामले में आरोपियों पर तय हुए आरोप, 15 दिसंबर को होगी सुनवाई
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में आरोपियों की तरफ से आरोप खारिज करने की महीनों से चल रही कवायद पर सोमवार को विराम लग गया। प्रथम एडीजे सुनील कुमार वर्मा ने किसानों की हत्या मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्र समेत सभी 13 आरोपियों की डिस्चार्ज एप्लिकेशन खारिज कर दी। आरोप तय करने को लेकर आज मंगलवार छह दिसंबर की तारीख लगाई गई है। वहीं, क्रॉस केस मामले में अदालत ने चार आरोपियों पर आरोप तय करते हुए सुनवाई के लिए 15 दिसंबर की तारीख लगाई है।
यहां बता दें कि तिकुनिया हिंसा मामले में मुख्य आरोपी और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र समेत 13 आरोपी अंकित दास, आशीष पांडे, धर्मेंद्र बंजारा, सत्यम त्रिपाठी, नंदन सिंह बिष्ट, लतीफ उर्फ काले, सुमित जायसवाल समेत कुल 13 आरोपी जेल में बंद हैं, जबकि 14वेें आरोपी के तौर पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री मंत्री अजय मिश्र टेनी के रिश्तेदार वीरेंद्र शुक्ला जमानत पर जेल से बाहर हैं। वहीं, क्रॉस केस के मामले में गुरविंदर सिंह, गुरुप्रीत सिंह और कमलजीत सिंह पर हत्या, जबकि विचित्र सिंह पर आगजनी, मारपीट, बलवा और तोड़फोड़ के आरोप तय हुए।
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महीनों से चल रही थी कवायद, महज 15 दिन में निस्तारित हुए डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में पिछले कई महीनों से एसआईटी के तय आरोपों के खिलाफ आरोपियों के वकीलों की तरफ से आरोप खारिज करने को लेकर कवायद चल रही थी। जिला जज की अदालत से मामले की फाइल एडीजे कोर्ट में ट्रांसफर होने के बाद प्रथम एडीजे सुनील वर्मा ने महज 15 दिनों के अंदर आरोपियों की तरफ से पेश किए गए डिस्चार्ज प्रार्थना पत्रों को खारिज कर दिया। अपने आदेश में कहा कि मामला गंभीर है, ऐसे में मुकदमा जरूर चलेगा।
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तिकुनिया हिंसा मामले में प्रमुख आरोपी आशीष मिश्र मोनू सहित सभी 13 आरोपियों की ओर से डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र दिया गया था। दलील दी गई थी कि जो आरोप पत्र उनके खिलाफ दाखिल किया गया है, वह निराधार है। आरोप में पर्याप्त सबूत भी नहीं हैं, जिनके आधार पर मुकदमा चलाया जा सके। इस पर सुनवाई करते हुए एडीजे प्रथम सुनील वर्मा ने महज 15 दिनों के भीतर ही मुकदमा खत्म किए जाने की मांग खारिज कर दी। आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि मंगलवार को ही आरोपियों के खिलाफ चार्ज बनाया जाएगा।
अदालती सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश सिंह, शैलेंद्र सिंह गौड़, चांदनी सिंह, राम आशीष मिश्र सहित अनिल मिश्र मौजूद रहे तो अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी, अपर जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश सिंह मुन्ना, रवि प्रताप सिंह मौजूद रहे।

15 दिन पहले जिला जज के कोर्ट से ट्रांसफर हुआ था केस
लखीमपुर खीरी। दो नवंबर को जिले में आए नवागत जिला जज लक्ष्मीकांत शुक्ला ने तिकुनिया हिंसा से जुड़ी फाइल 19 नवंबर को एडीजे प्रथम के कोर्ट को ट्रांसफर की थी। मामले में 23 नवंबर को सुनवाई की तारीख लगाई गई थी। इससे पहले 16 नवंबर को तिकुनिया हिंसा से जुड़ी क्रॉस केस की फाइल भी एडीजे प्रथम कोर्ट को ट्रांसफर की गई थी, जिसमें 21 नवंबर को सुनवाई हुई थी। मामले में आरोपियों पर चार्ज बनाए जाने को लेकर कई महीनों से चल रही रसाकशी को भांपते हुए जिला जज लक्ष्मीकांत शुक्ला ने शीघ्र सुनवाई के लिए तिकुनिया हिंसा से जुड़ी पत्रावलियां एडीजे प्रथम सुनील कुमार वर्मा की अदालत में ट्रांसफर की थीं। संवाद

आगे होगी वादी की गवाही, चलेगा ट्रायल
डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि अब आगे मामले में वादी की गवाही होगी। ट्रायल शुरू होगा और मुकदमा आगे बढ़ेगा। वहीं क्रॉस केस में भी डिस्चार्ज एप्लिकेशन खारिज कर दी गई है।

एक सुर में चारों आरोपियों ने किया आरोपों से इनकार
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा के क्रॉस केस मामले में सोमवार को चार आरोपियों के खिलाफ आरोप तय हो गए। एडीजे प्रथम सुनील वर्मा ने चारों अभियुक्तों को उनके आरोप सुनाते हुए जवाब मांगा तो चारों ने लगाए जा रहे आरोपों से इनकार करते हुए मुकदमे की सुनवाई करने की मांग की। इस पर अदालत ने 15 दिसंबर की तारीख मुकर्रर की है। अभियोजन पक्ष को गवाही पेश करने के लिए आदेशित किया है।
तिकुनिया हिंसा मामले में पुलिस ने एसआईटी की ओर से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन एसआईटी ने गहन जांच-पड़ताल के बाद तीन आरोपियों के खिलाफ कोई आरोप न पाए जाने की बात कहते हुए उन्हें बरी किया था। गुरप्रीत सिंह, गुरविंदर सिंह और कमलजीत सिंह के खिलाफ हत्या के मामले में संलिप्तता की बात कहते हुए उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। चौथे आरोपी विचित्र सिंह को आगजनी, बलवा, हंगामा, तोड़फोड़ जैसी धाराओं में आरोपी बनाया था, लेकिन आरोपियों ने डिस्चार्ज एप्लीकेशन दाखिल कर लगाए गए आरोपों को चुनौती दी थी। चार्ज बनाए जाने के बिंदु पर लंबी सुनवाई के बाद पत्रावली एडीजे प्रथम सुनील वर्मा की अदालत में ट्रांसफर की गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने शनिवार को डिस्चार्ज अर्जी खारिज कर दी थी और आरोप बनाए जाने को लेकर सोमवार को आदेश दिया था।

सोमवार को अदालत ने आरोपियों को बताया कि उनके खिलाफ 3 अक्टूबर 2021 को तिकुनिया कस्बे में हुई हत्याओं की संलिप्तता के आरोप हैं, जबकि विचित्र सिंह को आगजनी तोड़फोड़ बलवा और हंगामा के मामले में आरोपित किया गया है। इस पर चारों आरोपियों ने एक सुर में लगाए गए आरोपों से इनकार किया और कहा कि गलत आरोप लगाए जा रहे हैं और वह मुकदमे की सुनवाई चाहते हैं। इस पर अदालत ने चारों आरोपियों के खिलाफ आरोप बनाते हुए अभियोजन पक्ष से गवाही पेश करने को कहा है। अब पत्रावली गवाही के लिए 15 दिसंबर को मुकर्रर की गई है।
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