तिकुनिया हिंसा: कोर्ट में गवाही देते वक्त भर आईं जगजीत सिंह की आंखें, आशीष मिश्र व अंकित दास का लिया नाम
लखीमपुर खीरी के तिकुनिया हिंसा मामले में गवाही शुरू हो गई है। शुक्रवार को वादी जगजीत सिंह ने बयान दर्ज कराए। अदालत में उन्होंने मंत्री पुत्र आशीष मिश्र मोनू के साथ ही अंकित दास को नामजद करते हुए बताया कि बाकी के नाम इस समय ध्यान नहीं हैं।
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लखीमपुर खीरी के तिकुनिया हिंसा मामले में एडीजे सुनील वर्मा की अदालत में गवाही शुरू हो गई है। अपने बयान दर्ज कराते हुए वादी जगजीत सिंह की आंखें सवा साल पहले के मंजर को याद कर भर आईं। अदालत ने इस मामले में जिरह के लिए 23 जनवरी की तारीख मुकर्रर की है। वहीं, क्रॉस केस मामले में इसी अदालत में किसानों की हत्या के आरोपी भाजपा सभासद सुमित जायसवाल ने अपने बयान दर्ज कराए।
अभियोजन पक्ष रखते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी ने अदालत में बताया कि तिकुनिया कस्बे में तीन अक्तूबर 2021 को बनवीरपुर में दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था, लेकिन किसानों के समूह में इसे लेकर धरना प्रदर्शन शुरू किया था।
इसी दौरान आरोपियों ने तेज रफ्तार गाड़ियों से रौंदकर चार किसानों को मौत के घाट उतार दिया था। मामले में नानपारा बहराइच निवासी वादी जगजीत सिंह ने अदालत में अपने बयान दर्ज कराते हुए बताया कि तीन अक्तूबर 2021 की मनहूस तारीख ने उनके भाई सहित कई किसानों की जिंदगी को बर्बाद कर दिया।
एफआईआर में केवल आशीष मिश्र नामजद
वादी मुकदमा ने एफआईआर में केवल आशीष मिश्र मोनू को नामजद किया था, बाकी उनके अज्ञात साथियों का हवाला दिया था। अदालती सुनवाई के दौरान वादी जगजीत सिंह ने मंत्री पुत्र आशीष मिश्र मोनू के साथ ही अंकित दास को नामजद करते हुए बताया कि बाकी के नाम इस समय ध्यान नहीं हैं। अदालत में मुख्य परीक्षा देने के दौरान ही गवाह जगजीत सिंह भावुक हो उठे।
अभियोजन पक्ष देख रहे जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी के साथ ही वादी जगजीत सिंह के व्यक्तिगत अधिवक्ता के रूप में सुरेश सिंह मुन्ना भी बयान के समय अदालत कक्ष में मौजूद रहे। बयान के बाद गवाह से जिरह भी शुरू हो चुकी है। शेष जिरह के लिए अदालत ने 23 जनवरी की तारीख मुकर्रर की है।
अदालत में कर दी तहरीर की पुष्टि
मुख्य परीक्षा के दौरान ही गवाह को तिकुनिया थाने में दी गई एफआईआर की तहरीर दिखाई गई, जिसे देखकर उसने बताया कि यह वही तहरीर है, जो उसने तिकुनिया थाने में दी थी। इस पर उसके साथ ही अन्य दो पीड़ितों के हस्ताक्षर हैं।