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Lakhimpur Kheri News: तिकुनिया हिंसाः गवाह के भाई पर हमले के मामले में दो दिन बाद आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज
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प्रतीकात्मक ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
पीड़ित के भाई ने तिकुनिया पुलिस पर लगाया तहरीर बदलवाने का आरोप
पुलिस बोली, इस मामले का तिकुनिया हिंसा से कोई लेना-देना नहीं
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा के गवाह प्रभुजीत सिंह के भाई सर्वजीत सिंह पर शुक्रवार की रात एक पार्टी में हुए कातिलाना हमले के मामले मेें पुलिस ने दो दिन बाद रिपोर्ट दर्ज कर ली। इसमें दो आरोपी विकास कुमार चावला और विक्रम सिंह नामजद किए गए हैं। गवाह प्रभुजीत सिंह ने पुलिस पर तहरीर बदलवाने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस का कहना है कि इस मसले का तिकुनिया हिंसा से कोई लेना-देना नहीं है।
कलहोरी निवासी सर्वजीत सिंह और गवाह प्रभुजीत सिंह शुक्रवार को अपने मित्र अनुज गुुप्ता के लड़के के मुंडन संस्कार की पार्टी में शामिल होने तिकुनिया स्थित शिवा पैलेस गए थे। वहीं पार्टी में विपक्षी विकास कुमार चावला निवासी तिकुनिया पहले से मौजूद था। प्रभुजीत सिंह का आरोप है कि आरोपी विकास चावला ने पहले उसके साथ विवाद करने की कोशिश की लेकिन गनर साथ होने के कारण वह चला गया। कुछ देर बाद आरोपी विकास चावला ने चंदनचौकी क्षेत्र के गांव सरदारपुरवा बेलापरसुआ निवासी अपने साथी विक्रम सिंह के साथ तलवार लेकर आ गया। फिर सर्वजीत सिंह के सिर पर तलवार से वार करके गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस घटना के बाद हमलावर मौके से भाग निकला।
उधर, पुलिस मीडिया सेल की ओर से जारी प्रेस नोट के माध्यम से बताया गया है कि इस संबंध में पीड़ित की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। इस पूरे घटनाक्रम का एक वर्ष पूर्व तिकुनिया हिंसा से कोई लेना-देना नहीं है। वादी पक्ष के द्वारा भी ऐसा कोई आरोप नहीं लगाया गया है।
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पीड़ित पक्ष का पुलिस पर संगीन आरोप
गवाह प्रभुजीत सिंह ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी गई। नौ दिसंबर को तहरीर दी लेकिन थाना प्रभारी राजू राव ने कहा कि उन पर दबाव है। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं कर सकते। बताया कि तहरीर में तिकुनिया हिंसा के मुख्य आरोपी आशीष कुमार मिश्रा उर्फ मोनू का भी नाम लिखा था। क्योंकि हमलावर विकास कुमार चावला तिकुनिया हिंसा के मुख्य आरोपी आशीष कुमार मिश्र का पूर्व में मुनीम था। वर्तमान में भी वह उनका खास कार्यकर्ता है, जिससे वह गवाहों से रंजिश रखता है। आरोप लगाया कि पुलिस ने इस तथ्य को हटाकर रिपोर्ट दर्ज की है।
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पुलिस बोली, इस मामले का तिकुनिया हिंसा से कोई लेना-देना नहीं
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा के गवाह प्रभुजीत सिंह के भाई सर्वजीत सिंह पर शुक्रवार की रात एक पार्टी में हुए कातिलाना हमले के मामले मेें पुलिस ने दो दिन बाद रिपोर्ट दर्ज कर ली। इसमें दो आरोपी विकास कुमार चावला और विक्रम सिंह नामजद किए गए हैं। गवाह प्रभुजीत सिंह ने पुलिस पर तहरीर बदलवाने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस का कहना है कि इस मसले का तिकुनिया हिंसा से कोई लेना-देना नहीं है।
कलहोरी निवासी सर्वजीत सिंह और गवाह प्रभुजीत सिंह शुक्रवार को अपने मित्र अनुज गुुप्ता के लड़के के मुंडन संस्कार की पार्टी में शामिल होने तिकुनिया स्थित शिवा पैलेस गए थे। वहीं पार्टी में विपक्षी विकास कुमार चावला निवासी तिकुनिया पहले से मौजूद था। प्रभुजीत सिंह का आरोप है कि आरोपी विकास चावला ने पहले उसके साथ विवाद करने की कोशिश की लेकिन गनर साथ होने के कारण वह चला गया। कुछ देर बाद आरोपी विकास चावला ने चंदनचौकी क्षेत्र के गांव सरदारपुरवा बेलापरसुआ निवासी अपने साथी विक्रम सिंह के साथ तलवार लेकर आ गया। फिर सर्वजीत सिंह के सिर पर तलवार से वार करके गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस घटना के बाद हमलावर मौके से भाग निकला।
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उधर, पुलिस मीडिया सेल की ओर से जारी प्रेस नोट के माध्यम से बताया गया है कि इस संबंध में पीड़ित की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। इस पूरे घटनाक्रम का एक वर्ष पूर्व तिकुनिया हिंसा से कोई लेना-देना नहीं है। वादी पक्ष के द्वारा भी ऐसा कोई आरोप नहीं लगाया गया है।
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पीड़ित पक्ष का पुलिस पर संगीन आरोप
गवाह प्रभुजीत सिंह ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी गई। नौ दिसंबर को तहरीर दी लेकिन थाना प्रभारी राजू राव ने कहा कि उन पर दबाव है। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं कर सकते। बताया कि तहरीर में तिकुनिया हिंसा के मुख्य आरोपी आशीष कुमार मिश्रा उर्फ मोनू का भी नाम लिखा था। क्योंकि हमलावर विकास कुमार चावला तिकुनिया हिंसा के मुख्य आरोपी आशीष कुमार मिश्र का पूर्व में मुनीम था। वर्तमान में भी वह उनका खास कार्यकर्ता है, जिससे वह गवाहों से रंजिश रखता है। आरोप लगाया कि पुलिस ने इस तथ्य को हटाकर रिपोर्ट दर्ज की है।