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तिकुनिया कांड : मंत्री पुत्र की कहां होगी दिवाली, अब 3 नवंबर को होगा फैसला
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केंद्रीय राज्यमंत्री का बेटा आरोपी बेटा आशीष।
प्रमुख आरोपी आशीष मिश्र की जमानत अर्जी पर सुनवाई टली
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड के प्रमुख आरोपी आशीष मिश्र की जमानत अर्जी पर सुनवाई टल गई है। मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए जिला अदालत ने उनकी जमानत पर सुनवाई के लिए 3 नवंबर की तारीख मुकर्रर की है। उधर, 4 नवंबर को दिवाली है। ऐसे में अब मंत्री पुत्र की दिवाली जेल में मनेगी या घर पर इसका फैसला 3 नवंबर को जिला अदालत करेगी।
बृहस्पतिवार को अभियुक्त की जमानत अर्जी पर जिला जज मुकेश मिश्र ने सुनवाई शुरू की। इसी बीच अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने स्थगन प्रार्थना पत्र अग्रसारित करते हुए पंद्रह दिन के लिये अनुरोध किया। इसके बाद जिला जज ने जमानत अर्जी की सुनवाई आगे बढ़ाते हुए अब तीन नवंबर की तिथि नियत की है।
पहले से तय थी तीन नवंबर की तारीख
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड के मामले में सबसे पहले गिरफ्तार हुए आशीष पांडेय और लवकुश राना की ओर से दी गई जमानत अर्जी सुनवाई के लिए लंबित चली आ रही है। उसमें भी तीन नवंबर की तिथि तय है, इस तरह तीन नवंबर को इस मामले में अब तीन जमानतों की एक साथ सुनवाई तय की गई है। इसी आधार पर आशीष मिश्र की जमानत सुनवाई के लिए जिला अदालत ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट के साथ विवेचक से संपूर्ण केस डायरी तलब की है। संवाद
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जांच टीम ने सुमित, गुरविंदर समेत पांच को रिमांड पर लिया
लखीमपुर खीरी। जांच टीम ने बृहस्पतिवार को 219 नंबर एफआईआर के आरोपी सुमित जायसवाल, नंदन सिंह बिष्ट, सत्यम त्रिपाठी, शिशुपाल को दो दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया और उनसे सवाल जवाब किए। वहीं, 220 नंबर एफआईआर में जांच टीम ने पीट पीटकर हत्या मामले में आरोपी गुरविंदर सिंह को तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड में ले लिया। सुमित जायसवाल, नंदन सिंह बिष्ट, सत्यम त्रिपाठी और शिशुपाल 30 अक्तूबर तक पुलिस रिमांड में जबकि, गुरुविंदर सिंह 31 अक्तूबर तक पुलिस कस्टडी रिमांड में रहेंगे। संवाद
30-35 गवाहों को मिले गनर
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जांच टीम गवाहों की सुरक्षा व्यवस्था भी पुख्ता कर रही है। मामले में जहां लगातार पूछताछ जारी है। वहीं अदालत के आदेश के बाद सभी गवाहों के 164 के बयान दर्ज करवाए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी 10-12 लोग पुलिस लाइन के क्राइम ब्रांच दफ्तर पहुंचे। इस दौरान गवाहों ने बताया कि उन्होंने खुद को खतरा महसूस करते हुए जांच टीम से अपनी सुरक्षा की भी गुहार लगाई है। मामले में भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष दिलबाग सिंह ने बताया कि मंत्री टेनी का पिछला बैकग्राउंड क्या रहा है। हर कोई जानता है। ऐसे में गवाहों की सुरक्षा जरूरी है। उन्होंने बताया कि जांच टीम भी उन गवाहों को सुरक्षा मुहैया करा रही है, जो सुरक्षा चाहते हैं। उन्होंने बताया कि जिनके पास लाइसेंसी हथियार हैं, उनके हथियार जमा कराए जा रहे हैं और उन्हें पुलिस की तरफ से एक गनर दिया जा रहा है। बताया कि 30 से 35 गवाहों को सुरक्षा दी जा रही है। संवाद
जांच के लिए त्रिवेंद्रम भेजे गए मोबाइल, फोरेंसिक लैब की भी नहीं मिली रिपोर्ट
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में जिला जज की अदालत में पहली जमानत अर्जी पर सुनवाई बृहस्पतिवार को तय थी। सुबह से ही इस हाईप्रोफाइल मामले की वजह से अदालत में सरगर्मी थी। अदालत में मुख्य विवेचक विद्याराम दिवाकर ने स्थगन अर्जी देते हुए बताया कि घटना में प्रयुक्त मोबाइल जांच के लिए त्रिवेंद्रम गए हैं। वहीं फोरंसिक लैब से भी जांच रिपोर्ट अब तक प्राप्त हुई हो सकी है। बताया कि बाढ़ विभीषिका के कारण अभी समुचित गवाहों के बयान भी दर्ज नहीं हो सके हैं। इसलिए जमानत अर्जी का विरोध करने के लिए पंद्रह दिनों का समय दिया जाए। वहीं वाद लिपिक नीरज चौधरी ने बताया कि मामले में सह अभियुक्तों की जमानत अर्जी तीन नवंबर को नियत है। इस पर जिला जज मुकेश मिश्र ने मुख्य आरोपी आशीष मिश्र की जमानत सुनवाई के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट के साथ विवेचक से संपूर्ण केस डायरी तलब की है। संवाद
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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड के प्रमुख आरोपी आशीष मिश्र की जमानत अर्जी पर सुनवाई टल गई है। मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए जिला अदालत ने उनकी जमानत पर सुनवाई के लिए 3 नवंबर की तारीख मुकर्रर की है। उधर, 4 नवंबर को दिवाली है। ऐसे में अब मंत्री पुत्र की दिवाली जेल में मनेगी या घर पर इसका फैसला 3 नवंबर को जिला अदालत करेगी।
बृहस्पतिवार को अभियुक्त की जमानत अर्जी पर जिला जज मुकेश मिश्र ने सुनवाई शुरू की। इसी बीच अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने स्थगन प्रार्थना पत्र अग्रसारित करते हुए पंद्रह दिन के लिये अनुरोध किया। इसके बाद जिला जज ने जमानत अर्जी की सुनवाई आगे बढ़ाते हुए अब तीन नवंबर की तिथि नियत की है।
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पहले से तय थी तीन नवंबर की तारीख
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड के मामले में सबसे पहले गिरफ्तार हुए आशीष पांडेय और लवकुश राना की ओर से दी गई जमानत अर्जी सुनवाई के लिए लंबित चली आ रही है। उसमें भी तीन नवंबर की तिथि तय है, इस तरह तीन नवंबर को इस मामले में अब तीन जमानतों की एक साथ सुनवाई तय की गई है। इसी आधार पर आशीष मिश्र की जमानत सुनवाई के लिए जिला अदालत ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट के साथ विवेचक से संपूर्ण केस डायरी तलब की है। संवाद
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जांच टीम ने सुमित, गुरविंदर समेत पांच को रिमांड पर लिया
लखीमपुर खीरी। जांच टीम ने बृहस्पतिवार को 219 नंबर एफआईआर के आरोपी सुमित जायसवाल, नंदन सिंह बिष्ट, सत्यम त्रिपाठी, शिशुपाल को दो दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया और उनसे सवाल जवाब किए। वहीं, 220 नंबर एफआईआर में जांच टीम ने पीट पीटकर हत्या मामले में आरोपी गुरविंदर सिंह को तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड में ले लिया। सुमित जायसवाल, नंदन सिंह बिष्ट, सत्यम त्रिपाठी और शिशुपाल 30 अक्तूबर तक पुलिस रिमांड में जबकि, गुरुविंदर सिंह 31 अक्तूबर तक पुलिस कस्टडी रिमांड में रहेंगे। संवाद
30-35 गवाहों को मिले गनर
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जांच टीम गवाहों की सुरक्षा व्यवस्था भी पुख्ता कर रही है। मामले में जहां लगातार पूछताछ जारी है। वहीं अदालत के आदेश के बाद सभी गवाहों के 164 के बयान दर्ज करवाए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी 10-12 लोग पुलिस लाइन के क्राइम ब्रांच दफ्तर पहुंचे। इस दौरान गवाहों ने बताया कि उन्होंने खुद को खतरा महसूस करते हुए जांच टीम से अपनी सुरक्षा की भी गुहार लगाई है। मामले में भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष दिलबाग सिंह ने बताया कि मंत्री टेनी का पिछला बैकग्राउंड क्या रहा है। हर कोई जानता है। ऐसे में गवाहों की सुरक्षा जरूरी है। उन्होंने बताया कि जांच टीम भी उन गवाहों को सुरक्षा मुहैया करा रही है, जो सुरक्षा चाहते हैं। उन्होंने बताया कि जिनके पास लाइसेंसी हथियार हैं, उनके हथियार जमा कराए जा रहे हैं और उन्हें पुलिस की तरफ से एक गनर दिया जा रहा है। बताया कि 30 से 35 गवाहों को सुरक्षा दी जा रही है। संवाद
जांच के लिए त्रिवेंद्रम भेजे गए मोबाइल, फोरेंसिक लैब की भी नहीं मिली रिपोर्ट
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में जिला जज की अदालत में पहली जमानत अर्जी पर सुनवाई बृहस्पतिवार को तय थी। सुबह से ही इस हाईप्रोफाइल मामले की वजह से अदालत में सरगर्मी थी। अदालत में मुख्य विवेचक विद्याराम दिवाकर ने स्थगन अर्जी देते हुए बताया कि घटना में प्रयुक्त मोबाइल जांच के लिए त्रिवेंद्रम गए हैं। वहीं फोरंसिक लैब से भी जांच रिपोर्ट अब तक प्राप्त हुई हो सकी है। बताया कि बाढ़ विभीषिका के कारण अभी समुचित गवाहों के बयान भी दर्ज नहीं हो सके हैं। इसलिए जमानत अर्जी का विरोध करने के लिए पंद्रह दिनों का समय दिया जाए। वहीं वाद लिपिक नीरज चौधरी ने बताया कि मामले में सह अभियुक्तों की जमानत अर्जी तीन नवंबर को नियत है। इस पर जिला जज मुकेश मिश्र ने मुख्य आरोपी आशीष मिश्र की जमानत सुनवाई के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट के साथ विवेचक से संपूर्ण केस डायरी तलब की है। संवाद