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तिकुनिया कांड: अर्जी पर हुई बहस, अगली सुनवाई 29 को
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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में प्रथम एडीजे सुनील वर्मा की अदालत में बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से बहस हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने अर्जी पर फैसले के लिए 29 जून की तारीख मुकर्रर की है।
जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि तिकुनिया हिंसा मामले में पिछले गवाह प्रभुजीत सिंह के बयान के दौरान बचाव पक्ष की ओर से क्रॉस केस के अपराध संख्या 220 वाले मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई फोटो एल्बम की कानूनी वैधता को लेकर अर्जी दाखिल की गई। बताया गया कि गवाह से अलग फोटोग्राफ दिखाकर सवाल पूछे जा सकते है। अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील सिंह मुन्ना, डीजीसी अरविंद त्रिपाठी, सुरेश सिंह मुन्ना ने बचाव पक्ष की अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि यह छूट किस प्रावधान के तहत दी गई। इसका खुलासा नहीं किया गया है।
यह भी बताया कि यह क्रॉस केस नहीं है। दो अलग-अलग घटनाएं हुई थीं। एक पहले थी तो दूसरी बाद में घटित हुई। अदालत में फोटो एल्बम दिखाकर सवाल पूछने को लेकर प्रार्थनापत्र पर दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत में अगली बहस के लिए 29 जून की तारीख मुकर्रर की है। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश सिंह, शैलेंद्र सिंह गौड़, अवधेश दुबे, रामाशीष, अनिल त्रिवेदी सहित कई वकील मौजूद रहे।
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जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि तिकुनिया हिंसा मामले में पिछले गवाह प्रभुजीत सिंह के बयान के दौरान बचाव पक्ष की ओर से क्रॉस केस के अपराध संख्या 220 वाले मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई फोटो एल्बम की कानूनी वैधता को लेकर अर्जी दाखिल की गई। बताया गया कि गवाह से अलग फोटोग्राफ दिखाकर सवाल पूछे जा सकते है। अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील सिंह मुन्ना, डीजीसी अरविंद त्रिपाठी, सुरेश सिंह मुन्ना ने बचाव पक्ष की अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि यह छूट किस प्रावधान के तहत दी गई। इसका खुलासा नहीं किया गया है।
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यह भी बताया कि यह क्रॉस केस नहीं है। दो अलग-अलग घटनाएं हुई थीं। एक पहले थी तो दूसरी बाद में घटित हुई। अदालत में फोटो एल्बम दिखाकर सवाल पूछने को लेकर प्रार्थनापत्र पर दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत में अगली बहस के लिए 29 जून की तारीख मुकर्रर की है। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश सिंह, शैलेंद्र सिंह गौड़, अवधेश दुबे, रामाशीष, अनिल त्रिवेदी सहित कई वकील मौजूद रहे।
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