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Lakhimpur Kheri Tikunia Case: चार्जशीट तैयार, आज हो सकती है दाखिल, छह तारीख से पहले पेश करने की है बाध्यता
Mon, 03 Jan 2022 10:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 03 Jan 2022 10:15 AM IST
सार
घटना के तीन महीने भी सोमवार (आज) को पूरे हो रहे हैं। वहीं सात अक्तूबर को पहली गिरफ्तारी के बाद 90 दिन पूरे होने से पहले ही हर हाल में छह जनवरी तक न्यायालय में चार्जशीट दाखिल होना है।
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सांकेतिक तस्वीर...
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
तिकुनिया कांड मामले में जांच टीम चार्जशीट आज दाखिल कर सकती है। चार्जशीट तैयार हो चुकी है, लीगल टीम की मंजूरी के लिए होमवर्क भी पूरा हो चुका है। घटना के तीन महीने भी सोमवार (आज) को पूरे हो रहे हैं। वहीं सात अक्तूबर को पहली गिरफ्तारी के बाद 90 दिन पूरे होने से पहले ही हर हाल में छह जनवरी तक न्यायालय में चार्जशीट दाखिल होना है।
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तीन अक्तूबर को तिकुनिया कस्बे में हुई हिंसा में चार किसानों और एक पत्रकार सहित आठ लोगों की जान गई थी। तिकुनिया कांड में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र का बेटा आशीष मिश्र मोनू समेत 13 आरोपी जिला कारागार में बंद है। आशीष मिश्र की गिरफ्तारी भले ही 10 अक्तूबर को हुई थी, मगर उससे पहले सात अक्तूबर को आशीष मिश्र के करीबी लवकुश और आशीष पांडेय को गिरफ्तार कर लिया गया था। दोनों को आठ अक्तूबर को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया था।
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कानून के जानकारों के मुताबिक हत्या जैसे जघन्य मामले में विवेचक को न्यायिक अभिरक्षा के पहले दिन से से 90 दिनों के भीतर जांच मुकम्मल कर चार्जशीट दाखिल करने की बाध्यता होती है। अगर ऐसा नहीं हो पाता है तो अभियुक्त को इसी आधार पर जमानत पर छोड़ना पड़ेगा। 90 दिन का समय छह जनवरी को पूरा हो रहा है।
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लिहाजा शीतकालीन अवकाश के दौरान ही चार्जशीट दाखिल करने से पहले कानूनी कसौटी और तकनीकी बिंदुओं पर निर्णायक संस्तुति देने के लिए में ही जांच टीम ने लीगल टीम को प्रस्तावित चार्जशीट भेज दी है। इस पर लगभग सहमति बन चुकी है।
देश की राजनीति की दशा और दिशा को प्रभावित करने वाले तिकुनिया कांड पर आम जन के साथ ही राजनीतिक पंडितों की भी नजर है। इसकी वजह केंद्रीय मंत्री के बेटे का इस मामले में आरोपी होना है। मामला हाईप्रोफाइल होने की वजह से मीडिया की सुर्खियों में रहा है।