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Lakhimpur Kheri News: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाघ के हमले हुई गैंडे की मौत की पुष्टि
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दुधवा में गैंडे के शव मिले वाले स्थान पर जायजा लेते डीडी।
तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया गैंडे के शव का पोस्टमार्टम,
कैमरे में बाघिन और तीन शावकों की तस्वीर कैद
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व में चल रही गैंडा पुनर्वासन योजना फेज वन में मृत पाए गए नर गैंडे का मंगलवार को तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाघ द्वारा गैंडे को मारे जाने की बात कही जा रही है। उधर, 15 दिन से दुधवा में गैंडे का शव पड़ा रहा, लेकिन किसी की नजर नहीं पड़ी। इसको लेकर गश्त पर भी सवाल उठ रहे हैं।
दुधवा नेशनल पार्क के सोनारीपुर रेंज में गैंडा पुनर्वासन योजना फेज वन में सोमवार की सुबह गश्त कर रही वन कर्मियों की टीम को ककरहा बीट के छोटा पुराना ताल के पास एक नर गैंडे का शव मिला था। शव देखने पर 10-15 दिन पुराना लग रहा था। सूचना पर पहुंचे दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी बी प्रभाकर,उपनिदेशक दुधवा डॉ. टी रंगाराजू ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। गैंडे के शव के ईद-गिर्द बाघ के पगचिह्न और मल मिला है।
आशंका है कि बाघ के संघर्ष में गैंडे की मौत हुई है। पार्क प्रशासन ने गैंडे के शव को कब्जे में लेकर मंगलवार को तीन डॉक्टरों पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर, पलिया पशु चिकित्सालय के सीवीओ डॉ. इस्लामुद्दीन और डब्ल्यूटीआई के डॉ. खनिन से पीएम करवाया। डॉक्टरों का दावा है कि गैंडे की मौत बाघ के हमले में हुई है।
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दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी बी प्रभाकर, दुधवा नेशनल पार्क उपनिदेशक डॉ. टी रंगाराजू, रेंजर सोनारीपुर सुरेंद्र कुमार, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी रोहित रवि आदि मौजूद रहे।
46 गैंडों में अब शेष 45 की संख्या, कैमरे में बाघिन की दिखी तस्वीर
दुधवा नेशनल पार्क के गैंडा पुनर्वासन क्षेत्र के फेज वन और टू में कुल 46 गैंडे थे। एक गैंडे की मौत के बाद संख्या घटकर 45 रह गई है। बाघ के हमले में मारे गया नर गैंडा राजेश्वरी की संतान थी। बाघ से संघर्ष में गैंडे की मौत के बाद गैंडा पुनर्वासन क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। पुनर्वासन क्षेत्र में गैंडों और सक्रिय बाघों के लिए पांच कैमरे लगाए गए हैं। घटनास्थल पर लगाए गए कैमरे में सोमवार दोपहर बाद एक कैमरे में बाघिन और उसके तीन शावकों की तस्वीर कैद हुई है। पोस्टमार्टम के बाद गैंडे के शव को दफना दिया गया।
2020 से अब तक पांच गैंडों की मौत, गश्त पर उठे सवाल
07एलकेएच404 पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क में सन् 1984 में एक सींग वाले गैंडे की नस्ल को बढ़ावा देने के लिये गैंडा पुर्नवास परियोजना फेज वन की शुरूआत की गई थी। लेकिन फेज वन परियोजना के गैंडों को साल 2020 से नजर लगनी शुरू हुई जो फरवरी 2023 तक जारी है। 2020 का मार्च महीना पार्क की परियोजना के लिए ठीक नहीं रहा। 2020 के मार्च माह की 14 तारीख को दक्षिण सोनारीपुर रेंज के सलूकापुर क्षेत्र में स्थित गैंडा पुर्नवास परियोजना की छोटी पलिया बीट के कक्ष संख्या चार में एक नवजात दो माह के मादा गैंडा शिशु का शव पड़ा मिला था। वहीं दस दिन के अंदर ही दक्षिण सोनारीपुर रेंज की ही सलूकापुर क्षेत्र के ककरहा बीट के कक्ष संख्या पांच के पास एक डेढ-दो साल के नर गैंडा का अधखाया शव मिला था। इसके बाद 2021 की जनवरी में ही एक नवजात गैंडा की मौत हो गई थी। नौ अप्रैल 2021 को भी बेलरायां रेंज में छंगा नाला प्रक्षेत्र में एक नन्हे गैंडा शिशु का शव मिला था, जिसकी मौत पानी में डूबने की वजह से होना बताया गया था। लगातार हो रही गैंडों की मौत के बाद भी पार्क प्रशासन द्वारा गैंडों के लिए कोई कारगर प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
सोमवार को गैंडा पुनर्वासन योजना फेज वन में एक नर गैंडे का शव पाया गया था। जिसका मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिर्पोट में बाघथ हमले से गैंडे की मौत होने की पुष्टि हुई है।
- बी प्रभाकर,अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक / एफडी दुधवा टाइगर रिजर्व।
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कैमरे में बाघिन और तीन शावकों की तस्वीर कैद
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व में चल रही गैंडा पुनर्वासन योजना फेज वन में मृत पाए गए नर गैंडे का मंगलवार को तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाघ द्वारा गैंडे को मारे जाने की बात कही जा रही है। उधर, 15 दिन से दुधवा में गैंडे का शव पड़ा रहा, लेकिन किसी की नजर नहीं पड़ी। इसको लेकर गश्त पर भी सवाल उठ रहे हैं।
दुधवा नेशनल पार्क के सोनारीपुर रेंज में गैंडा पुनर्वासन योजना फेज वन में सोमवार की सुबह गश्त कर रही वन कर्मियों की टीम को ककरहा बीट के छोटा पुराना ताल के पास एक नर गैंडे का शव मिला था। शव देखने पर 10-15 दिन पुराना लग रहा था। सूचना पर पहुंचे दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी बी प्रभाकर,उपनिदेशक दुधवा डॉ. टी रंगाराजू ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। गैंडे के शव के ईद-गिर्द बाघ के पगचिह्न और मल मिला है।
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आशंका है कि बाघ के संघर्ष में गैंडे की मौत हुई है। पार्क प्रशासन ने गैंडे के शव को कब्जे में लेकर मंगलवार को तीन डॉक्टरों पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर, पलिया पशु चिकित्सालय के सीवीओ डॉ. इस्लामुद्दीन और डब्ल्यूटीआई के डॉ. खनिन से पीएम करवाया। डॉक्टरों का दावा है कि गैंडे की मौत बाघ के हमले में हुई है।
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दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी बी प्रभाकर, दुधवा नेशनल पार्क उपनिदेशक डॉ. टी रंगाराजू, रेंजर सोनारीपुर सुरेंद्र कुमार, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी रोहित रवि आदि मौजूद रहे।
46 गैंडों में अब शेष 45 की संख्या, कैमरे में बाघिन की दिखी तस्वीर
दुधवा नेशनल पार्क के गैंडा पुनर्वासन क्षेत्र के फेज वन और टू में कुल 46 गैंडे थे। एक गैंडे की मौत के बाद संख्या घटकर 45 रह गई है। बाघ के हमले में मारे गया नर गैंडा राजेश्वरी की संतान थी। बाघ से संघर्ष में गैंडे की मौत के बाद गैंडा पुनर्वासन क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। पुनर्वासन क्षेत्र में गैंडों और सक्रिय बाघों के लिए पांच कैमरे लगाए गए हैं। घटनास्थल पर लगाए गए कैमरे में सोमवार दोपहर बाद एक कैमरे में बाघिन और उसके तीन शावकों की तस्वीर कैद हुई है। पोस्टमार्टम के बाद गैंडे के शव को दफना दिया गया।
2020 से अब तक पांच गैंडों की मौत, गश्त पर उठे सवाल
07एलकेएच404 पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क में सन् 1984 में एक सींग वाले गैंडे की नस्ल को बढ़ावा देने के लिये गैंडा पुर्नवास परियोजना फेज वन की शुरूआत की गई थी। लेकिन फेज वन परियोजना के गैंडों को साल 2020 से नजर लगनी शुरू हुई जो फरवरी 2023 तक जारी है। 2020 का मार्च महीना पार्क की परियोजना के लिए ठीक नहीं रहा। 2020 के मार्च माह की 14 तारीख को दक्षिण सोनारीपुर रेंज के सलूकापुर क्षेत्र में स्थित गैंडा पुर्नवास परियोजना की छोटी पलिया बीट के कक्ष संख्या चार में एक नवजात दो माह के मादा गैंडा शिशु का शव पड़ा मिला था। वहीं दस दिन के अंदर ही दक्षिण सोनारीपुर रेंज की ही सलूकापुर क्षेत्र के ककरहा बीट के कक्ष संख्या पांच के पास एक डेढ-दो साल के नर गैंडा का अधखाया शव मिला था। इसके बाद 2021 की जनवरी में ही एक नवजात गैंडा की मौत हो गई थी। नौ अप्रैल 2021 को भी बेलरायां रेंज में छंगा नाला प्रक्षेत्र में एक नन्हे गैंडा शिशु का शव मिला था, जिसकी मौत पानी में डूबने की वजह से होना बताया गया था। लगातार हो रही गैंडों की मौत के बाद भी पार्क प्रशासन द्वारा गैंडों के लिए कोई कारगर प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
सोमवार को गैंडा पुनर्वासन योजना फेज वन में एक नर गैंडे का शव पाया गया था। जिसका मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिर्पोट में बाघथ हमले से गैंडे की मौत होने की पुष्टि हुई है।
- बी प्रभाकर,अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक / एफडी दुधवा टाइगर रिजर्व।

दुधवा में गैंडे के शव मिले वाले स्थान पर जायजा लेते डीडी।

दुधवा में गैंडे के शव मिले वाले स्थान पर जायजा लेते डीडी।