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आबादी के निकट शावकों संग बाघिन ने डाला डेरा
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बांकेगंज। कस्बा से दो किलोमीटर दूर स्थित चौधीपुर गांव के पास गन्ने के खेतों में शावकों संग बाघिन ने डेरा डाल रखा है। पिछले दो दिन से ग्रामीणों को बाघिन के दहाड़ने की आवाज सुनाई दे रही है। इसको लेकर लोगों में दहशत है। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी है।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज की जटपुरा बीट अंतर्गत और बांकेगंज कस्बा से तीन किलोमीटर दूर स्थित चौधीपुर गांव के निकट शनिवार सवेरे गन्ना छीलने गए मजदूरों को जुते पड़े एक खेत में बाघिन और शावक के पगचिह्न दिखाई पड़े। यह देख उनके होश उड़ गए और भाग खड़े हुए। ग्रामीणों ओमप्रकाश, सोनू, गोल्डी गोयल, संतोष कुमार, तिलक राम आदि का कहना है कि कई दिन से आबादी के पास गन्ने के खेतों में डेरा जमाए बाघिन के रुक-रुककर दहाड़ लोगों को सुनाई देती रहती हैं। लोगों का कहना है कि पांच किलोमीटर के दायरे में शावकों संग बाघिन आबादी से सटे गन्ने के खेतों में चहलकदमी कर रही है। पिछले चार-पांच सालों से सर्दियों का मौसम शुरू होते ही जंगल से निकलकर बाघ, बाघिन और तेंदुए आबादी के निकट गन्ने के खेतों में डेरा जमा कर बैठ जाते हैं। उधर मौके पर पहुंचे फॉरेस्टर मोहम्मद उमर,राजेंद्र वर्मा,वन रक्षक आकाश खरवार और रामपाल यादव ने पगचिह्न देखकर बाघिन और शावकों की मौजूदगी की पुष्टि की है।
मैलानी रेंज की जटपुरा बीट अंतर्गत चौधीपुर गांव के निकट गन्ने के खेत में बाघिन और शावकों की मौजूदगी की सूचना मिली है। वन कर्मियों की टीम गठित कर बाघिन और शावकों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। फिर भी ग्रामीणों को सतर्कता बरतनी चाहिए। किसान भाइयों से अपील है कि समूह बनाकर और हांका लगाने के बाद गन्ना छोलाई करें। बाघ, बाघिन और शावकों के दिखलाई पड़ने पर इसकी सूचना वन विभाग को दें।
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- डॉ अनिल कुमार पटले, उपनिदेशक, डीटीआर, बफरजोन
बाघ की दहशत, विद्युत कर्मी ने भागकर बचाई जान
ममरी। हैदराबाद थाना क्षेत्र के आबादी के निकट गांवों में बाघ की चहलकदमी से ग्रामीणों में दहशत है। शनिवार को संविदा बिजली कर्मी सुरेश कुमार ने बाघ देख भागकर जान बचाई।
परेली के प्रधान बिजेंद्र पटेल, रामसिंह, श्यामसुंदर, नन्हेलाल, झारा के रवि कुमार, बिजलीकर्मी सुरेश कुमार का कहना है कि शनिवार सुबह बाघ झारा, परेली गांव के मध्य तालाब के पास खड़ा देखा गया, जिसे देख उनके होश उड़ गए। परेली गांव की लाइन ठीक करने जा रहे बिजली कर्मी ने भागकर जान बचाई। गांव वालों के शोर मचाने पर बाघ रोड पार कर गन्ने के खेत में घुस गया। उधर ग्राम पंचायत इब्राहिमपुर, अयोध्यापुर गांव की आबादी में शुक्रवार की रात आए बाघ ने रामनरेश, गजराज, राकेश, सुरेश की पशुशाला में बंधे मवेशियों पर हमला करने की कोशिश की। पशुओं के रंभाने, कुत्तों के भौंकने पर जागे ग्रामीणों के शोर मचाने, आग जलाने पर बाघ गन्ने के खेत में घुस गया।
प्रधान प्रतिनिधि रामकुमार वर्मा ने बताया कि बाघ के पगचिहन रामनरेश के दरवाजे पर बने मिले हैं। प्रधान की सूचना पर शनिवार सुबह गांव पहुंचे फारेस्टर रामप्रसाद, राजेश कुमार ने बाघ के आबादी में घुसने, पगचिह्न मिलने की पुष्टि कर बताया कि बाघ शिकार की तलाश में वहां पहुंचा है, जिसकी सूचना रेंजर मोबीन आरिफ को दे दी गई है, साथ ही पगचिह्नों के आधार पर बाघ की लोकेशन का पता लगाया जा रहा है।
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दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज की जटपुरा बीट अंतर्गत और बांकेगंज कस्बा से तीन किलोमीटर दूर स्थित चौधीपुर गांव के निकट शनिवार सवेरे गन्ना छीलने गए मजदूरों को जुते पड़े एक खेत में बाघिन और शावक के पगचिह्न दिखाई पड़े। यह देख उनके होश उड़ गए और भाग खड़े हुए। ग्रामीणों ओमप्रकाश, सोनू, गोल्डी गोयल, संतोष कुमार, तिलक राम आदि का कहना है कि कई दिन से आबादी के पास गन्ने के खेतों में डेरा जमाए बाघिन के रुक-रुककर दहाड़ लोगों को सुनाई देती रहती हैं। लोगों का कहना है कि पांच किलोमीटर के दायरे में शावकों संग बाघिन आबादी से सटे गन्ने के खेतों में चहलकदमी कर रही है। पिछले चार-पांच सालों से सर्दियों का मौसम शुरू होते ही जंगल से निकलकर बाघ, बाघिन और तेंदुए आबादी के निकट गन्ने के खेतों में डेरा जमा कर बैठ जाते हैं। उधर मौके पर पहुंचे फॉरेस्टर मोहम्मद उमर,राजेंद्र वर्मा,वन रक्षक आकाश खरवार और रामपाल यादव ने पगचिह्न देखकर बाघिन और शावकों की मौजूदगी की पुष्टि की है।
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मैलानी रेंज की जटपुरा बीट अंतर्गत चौधीपुर गांव के निकट गन्ने के खेत में बाघिन और शावकों की मौजूदगी की सूचना मिली है। वन कर्मियों की टीम गठित कर बाघिन और शावकों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। फिर भी ग्रामीणों को सतर्कता बरतनी चाहिए। किसान भाइयों से अपील है कि समूह बनाकर और हांका लगाने के बाद गन्ना छोलाई करें। बाघ, बाघिन और शावकों के दिखलाई पड़ने पर इसकी सूचना वन विभाग को दें।
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- डॉ अनिल कुमार पटले, उपनिदेशक, डीटीआर, बफरजोन
बाघ की दहशत, विद्युत कर्मी ने भागकर बचाई जान
ममरी। हैदराबाद थाना क्षेत्र के आबादी के निकट गांवों में बाघ की चहलकदमी से ग्रामीणों में दहशत है। शनिवार को संविदा बिजली कर्मी सुरेश कुमार ने बाघ देख भागकर जान बचाई।
परेली के प्रधान बिजेंद्र पटेल, रामसिंह, श्यामसुंदर, नन्हेलाल, झारा के रवि कुमार, बिजलीकर्मी सुरेश कुमार का कहना है कि शनिवार सुबह बाघ झारा, परेली गांव के मध्य तालाब के पास खड़ा देखा गया, जिसे देख उनके होश उड़ गए। परेली गांव की लाइन ठीक करने जा रहे बिजली कर्मी ने भागकर जान बचाई। गांव वालों के शोर मचाने पर बाघ रोड पार कर गन्ने के खेत में घुस गया। उधर ग्राम पंचायत इब्राहिमपुर, अयोध्यापुर गांव की आबादी में शुक्रवार की रात आए बाघ ने रामनरेश, गजराज, राकेश, सुरेश की पशुशाला में बंधे मवेशियों पर हमला करने की कोशिश की। पशुओं के रंभाने, कुत्तों के भौंकने पर जागे ग्रामीणों के शोर मचाने, आग जलाने पर बाघ गन्ने के खेत में घुस गया।
प्रधान प्रतिनिधि रामकुमार वर्मा ने बताया कि बाघ के पगचिहन रामनरेश के दरवाजे पर बने मिले हैं। प्रधान की सूचना पर शनिवार सुबह गांव पहुंचे फारेस्टर रामप्रसाद, राजेश कुमार ने बाघ के आबादी में घुसने, पगचिह्न मिलने की पुष्टि कर बताया कि बाघ शिकार की तलाश में वहां पहुंचा है, जिसकी सूचना रेंजर मोबीन आरिफ को दे दी गई है, साथ ही पगचिह्नों के आधार पर बाघ की लोकेशन का पता लगाया जा रहा है।