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वन अधिकारियों ने बाघ से बचाव के टिप्स दिए
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ममरी। बाघ सुरक्षा माह के तहत महेशपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में हुई बैठक में डीएफओ समीर कुमार, डब्लूडब्लूएफ के अधिकारियों ने बाघ से बचाव के टिप्स दिए।
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के कोऑर्डिनेटर डॉ. मुदित गुप्ता ने वन्यजीवों की पहचान उनके व्यवहार के बारे में बताया। परियोजना अधिकारी डॉ. दबीर हसन ने बाघ तेंदुए की पहचान के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि बाघ, बाघिन, तेंदुए के पग चिह्नों में काफी भिन्नता होती है, साथ ही उनके व्यवहार में भी अंतर होता है। जिसे भली-भांति समझ लेना चाहिए। डीएफओ समीर कुमार ने बाघ व तेंदुए से बचाव करने के तरीके बताए। बैठक में एसडीओ रविशंकर शुक्ला, रेंजर मोबीन आरिफ आदि वन कर्मी, बाघ मित्र स्कूली बच्चे मौजूद रहे।
बांध पर मिले बाघ के पगचिह्न
गुलरिया। अकालगढ़ में कांति सिंह के घर के समीप से रविवार की रात बाघ बांध के ऊपर से गुजरा। सुबह पैरों के निशान देख ग्रामीण सकते में आ गए। उन्होंने फार्म मालिक कांति सिंह को सूचना दी। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने बाघ के पगचिह्न होने की पुष्टि की। शारदा नदी की तराई में हजारों एकड़ गन्ने के फार्म हैं। जिसमें बाघ व अन्य वन्यजीव विचरण करते रहते हैं। जिससे क्षेत्र में दहशत है। संवाद
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डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के कोऑर्डिनेटर डॉ. मुदित गुप्ता ने वन्यजीवों की पहचान उनके व्यवहार के बारे में बताया। परियोजना अधिकारी डॉ. दबीर हसन ने बाघ तेंदुए की पहचान के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि बाघ, बाघिन, तेंदुए के पग चिह्नों में काफी भिन्नता होती है, साथ ही उनके व्यवहार में भी अंतर होता है। जिसे भली-भांति समझ लेना चाहिए। डीएफओ समीर कुमार ने बाघ व तेंदुए से बचाव करने के तरीके बताए। बैठक में एसडीओ रविशंकर शुक्ला, रेंजर मोबीन आरिफ आदि वन कर्मी, बाघ मित्र स्कूली बच्चे मौजूद रहे।
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बांध पर मिले बाघ के पगचिह्न
गुलरिया। अकालगढ़ में कांति सिंह के घर के समीप से रविवार की रात बाघ बांध के ऊपर से गुजरा। सुबह पैरों के निशान देख ग्रामीण सकते में आ गए। उन्होंने फार्म मालिक कांति सिंह को सूचना दी। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने बाघ के पगचिह्न होने की पुष्टि की। शारदा नदी की तराई में हजारों एकड़ गन्ने के फार्म हैं। जिसमें बाघ व अन्य वन्यजीव विचरण करते रहते हैं। जिससे क्षेत्र में दहशत है। संवाद
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