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वनकर्मी करते रहे कांबिंग नहीं दिखा बाघ
अमर उजाला ब्यूरो सिकंद्राबाद।
Updated Wed, 14 Dec 2016 10:37 PM IST
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tiger
- फोटो : अमर उजाला
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वन कर्मियों को दिखे पगमार्क
थाना नीमगांव क्षेत्र के गांव अमेठी फिर गांव यंगपुर में बाघ देखे जाने का ग्रामीण दावा तो कर रहे हैं, लेकिन बुधवार को मौके पर पहुंची वनविभाग की टीम ने कांबिंग की, लेकिन उसका अतापता नहीं चला। हालांकि कांबिंग के दौरान वनकर्मियों को ताजे पगमार्क मिले।
गांव अमेठी के कुछ किसानों को सोमवार की शाम खेतों से काम निपटाकर घर लौटते समय बाघ दिखाई पड़ा था। इससे ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गई। ग्रामीणों की सूचना पर मंगलवार की सुबह वन कर्मियों की टीम गांव पहुंची और खेतों से पगमार्कों का नमूना लिया और ग्रामीणों के साथ कई खेतों में कांबिंग की, लेकिन बाघ नहीं दिखा। टीम के जाने के बाद शाम को गांव यंगपुर-अमेठी के बीच बाघ फिर दिखा। बुधवार को मैगलगंज रेंज के वनक्षेत्राधिकारी रविंद्र कुमार सक्सेना, डिप्टी रेंजर प्रभात श्रीवास्तव, वनरक्षक उमेश वर्मा, रविकांत वर्मा मौके पर पहुंचे और खेतों में बाघ की तलाश की। रेंजर ने बताया कि इस दौरान ताजा पगमार्क मिले हैं। उन्होंने बाघ के होने की बात से साफ इंकार किया और बताया कि प्रथम दृष्टया लकड़बग्घे जैसे जानवर के पगमार्क प्रतीत हो रहे हैं।
गैंडा सरैंचा गांव के खेतों में पहुंचा
खीरी टाउन। सीतापुर जनपद से खीरी जिले में घुसा गैंडा पीलभीत-बस्ती रोड के आस-पास ही चहलकदमी कर रहा है। मंगलवार को पहाड़ापुर गांव के पास खेतों में मौजूद गैंडा रामापुर होते हुए सरैंचा तक पहुंच गया।
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गैंडे के पगमार्क को देखते हुए वनकर्मी बुधवार को सरैंचा पहुंचे और दिन भर खेतों की खाक छानते रहे लेकिन उन्हें उसके दीदार नहीं हुए। वन रक्षक रवि सचान ने बताया कि रामापुर से सरैंचा गांव के पास तक गैंडे के पगमार्क दिखाई दिए हैं। उधर डीएफओ अखिलेश पांडेय ने बताया कि गैंडे के पीलीभीत बस्ती हाईवे के आसपास मौजूद होने के संकेत मिले हैं। गैंडे की गतिविधियों और मूवमेंट की लगातार निगरानी कराई जा रही है।
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थाना नीमगांव क्षेत्र के गांव अमेठी फिर गांव यंगपुर में बाघ देखे जाने का ग्रामीण दावा तो कर रहे हैं, लेकिन बुधवार को मौके पर पहुंची वनविभाग की टीम ने कांबिंग की, लेकिन उसका अतापता नहीं चला। हालांकि कांबिंग के दौरान वनकर्मियों को ताजे पगमार्क मिले।
गांव अमेठी के कुछ किसानों को सोमवार की शाम खेतों से काम निपटाकर घर लौटते समय बाघ दिखाई पड़ा था। इससे ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गई। ग्रामीणों की सूचना पर मंगलवार की सुबह वन कर्मियों की टीम गांव पहुंची और खेतों से पगमार्कों का नमूना लिया और ग्रामीणों के साथ कई खेतों में कांबिंग की, लेकिन बाघ नहीं दिखा। टीम के जाने के बाद शाम को गांव यंगपुर-अमेठी के बीच बाघ फिर दिखा। बुधवार को मैगलगंज रेंज के वनक्षेत्राधिकारी रविंद्र कुमार सक्सेना, डिप्टी रेंजर प्रभात श्रीवास्तव, वनरक्षक उमेश वर्मा, रविकांत वर्मा मौके पर पहुंचे और खेतों में बाघ की तलाश की। रेंजर ने बताया कि इस दौरान ताजा पगमार्क मिले हैं। उन्होंने बाघ के होने की बात से साफ इंकार किया और बताया कि प्रथम दृष्टया लकड़बग्घे जैसे जानवर के पगमार्क प्रतीत हो रहे हैं।
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गैंडा सरैंचा गांव के खेतों में पहुंचा
खीरी टाउन। सीतापुर जनपद से खीरी जिले में घुसा गैंडा पीलभीत-बस्ती रोड के आस-पास ही चहलकदमी कर रहा है। मंगलवार को पहाड़ापुर गांव के पास खेतों में मौजूद गैंडा रामापुर होते हुए सरैंचा तक पहुंच गया।
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गैंडे के पगमार्क को देखते हुए वनकर्मी बुधवार को सरैंचा पहुंचे और दिन भर खेतों की खाक छानते रहे लेकिन उन्हें उसके दीदार नहीं हुए। वन रक्षक रवि सचान ने बताया कि रामापुर से सरैंचा गांव के पास तक गैंडे के पगमार्क दिखाई दिए हैं। उधर डीएफओ अखिलेश पांडेय ने बताया कि गैंडे के पीलीभीत बस्ती हाईवे के आसपास मौजूद होने के संकेत मिले हैं। गैंडे की गतिविधियों और मूवमेंट की लगातार निगरानी कराई जा रही है।