बाघों की मौत पर CM सख्त: दुधवा के फील्ड डायरेक्टर और डीएफओ हटाए गए, अब विशेषज्ञों की टीम करेगी जांच
दुधवा में रेंजर, डिप्टी रेंजर और वन दरोगा के निलंबन के आदेश के बाद अब फील्ड डायरेक्टर और डीएफओ को हटा दिया गया है। वहीं सरकार ने वन मंत्री की अध्यक्षता वाली कमेटी की रिपोर्ट को पर्याप्त नहीं माना है। अब विशेषज्ञों की टीम मामले की जांच करेगी।
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लखीमपुर खीरी के दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर बी. प्रभाकर और बफरजोन के डीएफओ एस. संदेरशा को हटा दिया गया है। साथ ही मामले की जांच विशेषज्ञों की उच्चस्तरीय टीम से कराने का फैसला किया गया है। दुधवा के फील्ड डायरेक्टर की जिम्मेदारी अब बरेली के मुख्य वन संरक्षक ललित वर्मा को दी गई है।
दुधवा में 10 दिनों के भीतर तीन बाघों व एक तेंदुए की मौत पर सख्त हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में एक कमेटी मौके पर भेजी। कमेटी की रिपोर्ट सरकार पर्याप्त नहीं मान रही है, जिस तरह से जांच से पहले दुधवा में बयान दिए गए, उसे भी ठीक नहीं माना गया।
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बी. प्रभाकर को अब जैव विविधता बोर्ड के सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। डीएफओ एस. सुंदेरशा को इसी पद पर एटा भेजा गया है। विशेषज्ञों की कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद अफसरों पर विभागीय कार्रवाई भी तय मानी जा रही है। बरेली के मुख्य वन संरक्षक का चार्ज वहां के वन संरक्षक विजय सिंह को दिया गया है।
जैसा बयान, वैसी ही रिपोर्ट
नौ जून को मैलानी रेंज में बाघ का शव मिलने के बाद दुधवा के फील्ड डायरेक्टर ने दूसरे ताकतवर बाघ से आपसी संघर्ष में मौत होने की आशंका जताई थी। जांच में बाघ के सभी अंग सुरक्षित मिलने की बात कहते हुए अवैध शिकार से भी इनकार किया था।ये भी पढ़ें- बूढ़ी मुर्गियों का बनेगा अचार: मशीन में विकसित होंगे चूजे, CARI के वैज्ञानिकों ने विकसित की तकनीक
उसी रात सीएम योगी के आदेश पर जांच के लिए दुधवा पहुंचे वन मंत्री भी फील्ड डायरेक्टर के तर्कों को दोबारा था। मामले की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट भी इन्हीं बयानों के इर्द-गिर्द भेजी गई।
कतर्नियाघाट में दिखा घायल बाघ
रविवार को पूरे दुधवा टाइगर रिजर्व में सघन तलाशी अभियान चलाया गया तो कतर्नियाघाट में एक बाघ घायल हालत में दिखाई दिया। वह लंगड़ाता हुआ चलता नजर आया। उसका इलाज कराने के लिए उसे बेहोश करने की अनुमति मिल गई है।
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टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने बताया कि बाघ का रेस्क्यू करने के लिए उसकी लोकेशन ट्रेस की जा रही है। जल्द ही बेहोश कर उसका इलाज शूरू किया जाएगा। तीन बाघ और तेंदुए की मौत के बाद शुरू किए गए तलाशी अभियान में फील्ड स्टाफ के साथ एसटीपीएफ (स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स) के जवानों को भी लगाया गया है। यह अभियान दुधवा नेशनल पार्क, किशनपुर सेंक्चुरी, बफरजोन और कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार में चलेगा।