{"_id":"67e4473c882e6c396d0b2271","slug":"three-pyres-were-lit-together-the-whole-village-cried-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1008-142163-2025-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: एक साथ जलीं तीन चिताएं, रोया पूरा गांव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: एक साथ जलीं तीन चिताएं, रोया पूरा गांव
विज्ञापन
भीरा के ग्राम शाहपुर में रोते बिलखते मृतकों के परजिन। सोशल मीडिया
बिजुआ। मंगलवार को गोला-खुटार मार्ग पर हुई सड़क दुर्घटना में मरने वाले एक ही परिवार के चार लोगाें का बुधवार को अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ जलीं तीन चिताओं को देख पूरा गांव रो उठा।
मंगलवार को गोला-खुटार मार्ग पर महुरेना बीट के सामने ऋषिकेश डिपो की बस की चपेट में आकर एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई थी। इसमें एक आठ वर्ष का बच्चा भी शामिल था। इसमें भीरा थाना क्षेत्र के ग्राम शाहपुर के निवासी 70 वर्षीय दाताराम, उनका 40 वर्षीय पुत्र शिव कुमार, शिवकुमार की 35 वर्षीय पत्नी राधा देवी और आठ वर्ष के पुत्र विद्यांश की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी।
बुधवार को जब चारों लोगों के शव पोस्टमॉर्टम के बाद गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। उनको देखने के लिए पास-पड़ोस के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। उनके अंतिम संस्कार के लिए तीन चिताएं बनाई गईं। इसमें एक पर दाताराम दूसरी पर शिवकुमार व उनकी पत्नी राधा देवी तथा तीसरी पर आठ वर्षीय बालक विद्यांश की चिता बनाई गई। उनकी चिता देखकर गांव के लोग तथा महिलाओं में कोहराम मच गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार को गोला-खुटार मार्ग पर महुरेना बीट के सामने ऋषिकेश डिपो की बस की चपेट में आकर एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई थी। इसमें एक आठ वर्ष का बच्चा भी शामिल था। इसमें भीरा थाना क्षेत्र के ग्राम शाहपुर के निवासी 70 वर्षीय दाताराम, उनका 40 वर्षीय पुत्र शिव कुमार, शिवकुमार की 35 वर्षीय पत्नी राधा देवी और आठ वर्ष के पुत्र विद्यांश की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी।
विज्ञापन
बुधवार को जब चारों लोगों के शव पोस्टमॉर्टम के बाद गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। उनको देखने के लिए पास-पड़ोस के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। उनके अंतिम संस्कार के लिए तीन चिताएं बनाई गईं। इसमें एक पर दाताराम दूसरी पर शिवकुमार व उनकी पत्नी राधा देवी तथा तीसरी पर आठ वर्षीय बालक विद्यांश की चिता बनाई गई। उनकी चिता देखकर गांव के लोग तथा महिलाओं में कोहराम मच गया।
विज्ञापन