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इस साल भी शादी अनुदान योजना पर सस्पेंस बरकरार
लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 17 Apr 2015 07:08 PM IST
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गरीब बेटियों की शादी के लिए शासन से मिलने वाले अनुदान पर इस वर्ष भी सस्पेंस बरकरार है। शासन से अब तक योजना के लिए बजट का प्रावधान नहीं किया गया है। लगातार यह दूसरा वित्तीय वर्ष है, जिसमें समाज कल्याण विभाग को बजट नहीं मिला है। हालांकि शासन से योजना को बंद करने संबंधी कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला है, लेकिन अधिकारी योजना को बंद होना मान रहे हैं। शायद यही कारण है कि अब संबंधित विभाग आवेदन तक नहीं ले रहा है।
अनुदान योजना में सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग और एससीएसटी परिवारों को शासन से पात्र लोगों को 20 हजार रुपये शादी अनुदान दिया जाता था। वर्ष 2013-14 और वर्ष 2015-16 में इस योजना के अंतर्गत शासन से बजट नहीं मिला है। यूं कहें कि पूरी योजना सिर्फ कागजों पर चल रही है। जिससे न तो किसी को लाभ मिल पा रहा है और आगे भी लाभ मिलने की उम्मीद नहीं है। विभागीय अधिकारियों की माने तो करीब दो वर्षों से शादी अनुदान योजना में शासन से बजट न मिलने के कारण अब ग्रामीण भी आवेदन करने नहीं आ रहे हैं। विभाग में योजना के अंतर्गत एक भी आवेदन पेडिंग नहीं है, क्योंकि विभाग इस योजना के अंतर्गत आवेदन ले ही नहीं रहा है।
कक्षा एक से आठ तक की छात्रवृत्ति भी लटकी
शादी-अनुदान योजना की तरह ही कक्षा एक से लेकर कक्षा आठ तक के विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति भी लटकी हुई है। वर्ष 2014-15 की तरह वर्ष 2015-16 में भी छात्रवृत्ति के लिए शासन से बजट का प्रावधान नहीं किया गया है। जिले के परिषदीय स्कूलों में करीब पांच लाख विद्यार्थी हैं, जो छात्रवृत्ति योजना से वंचित हैं।
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समाज कल्याण अधिकारी वीके सिंह ने बताया कि शादी अनुदान योजना और छात्रवृत्ति योजना बंद करने को लेकर शासन से कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला है, लेकिन इन दोनों योजनाओं में अब तक कोई बजट भी नहीं मिला है। इसलिए शादी अनुदान योजना में कोई आवेदन भी नहीं लिया जा रहा है। शासन से अगर बजट पास किया जाएगा तो पात्रों को योजना का लाभ दिया जाएगा।
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अनुदान योजना में सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग और एससीएसटी परिवारों को शासन से पात्र लोगों को 20 हजार रुपये शादी अनुदान दिया जाता था। वर्ष 2013-14 और वर्ष 2015-16 में इस योजना के अंतर्गत शासन से बजट नहीं मिला है। यूं कहें कि पूरी योजना सिर्फ कागजों पर चल रही है। जिससे न तो किसी को लाभ मिल पा रहा है और आगे भी लाभ मिलने की उम्मीद नहीं है। विभागीय अधिकारियों की माने तो करीब दो वर्षों से शादी अनुदान योजना में शासन से बजट न मिलने के कारण अब ग्रामीण भी आवेदन करने नहीं आ रहे हैं। विभाग में योजना के अंतर्गत एक भी आवेदन पेडिंग नहीं है, क्योंकि विभाग इस योजना के अंतर्गत आवेदन ले ही नहीं रहा है।
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कक्षा एक से आठ तक की छात्रवृत्ति भी लटकी
शादी-अनुदान योजना की तरह ही कक्षा एक से लेकर कक्षा आठ तक के विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति भी लटकी हुई है। वर्ष 2014-15 की तरह वर्ष 2015-16 में भी छात्रवृत्ति के लिए शासन से बजट का प्रावधान नहीं किया गया है। जिले के परिषदीय स्कूलों में करीब पांच लाख विद्यार्थी हैं, जो छात्रवृत्ति योजना से वंचित हैं।
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समाज कल्याण अधिकारी वीके सिंह ने बताया कि शादी अनुदान योजना और छात्रवृत्ति योजना बंद करने को लेकर शासन से कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला है, लेकिन इन दोनों योजनाओं में अब तक कोई बजट भी नहीं मिला है। इसलिए शादी अनुदान योजना में कोई आवेदन भी नहीं लिया जा रहा है। शासन से अगर बजट पास किया जाएगा तो पात्रों को योजना का लाभ दिया जाएगा।