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कोशिशें बेकार, नहीं माने दुधवा कर्मी
पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)।
Updated Tue, 09 Feb 2016 10:32 PM IST
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दुधवा के आंदोलित कर्मियों को मनाने की कोशिशें मंगलवार को फिर बेकार साबित हुईं। फील्ड डायरेक्टर (एफडी) संजय सिंह ने दुधवा पर्यटन परिसर में पहुंचकर डीडी को साथ लेकर आंदोलित कर्मियों से बातचीत की लेकिन कर्मी नहीं माने और कहा कि वे तभी मानेंगे जब डीएम को निलंबित किया जाएगा। कहा कि अधिकारी उनके आंदोलन में साथ दें। फिलहाल एफडी मामले को शासन तक पहुंचाने की बात कहकर वापस चले गए । बाद में कर्मचारियों ने डीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
दुधवा के जिप्सी चालकों और किशनपुर के बैरियर कर्मियों ने डीएम पर कई आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि उनके इशारे पर ही एआरटीओ ने गलत तरीके से उनकी जिप्सी उठवाकर सीज कर दीं। उनके आंदोलन से पयर्टन ठप हो गया था लेकिन डीडी पीपी सिंह ने सरकारी वाहनों से पर्यटन शुरू कर दिया। एक दो दिन बाद सरकारी वाहन के चालक भी जिप्सी चालकों के पक्ष में चले गए और पर्यटन पूरी तरह से ठप हो गया। इसके बाद फेडरेशन आफ फारेस्ट की स्थानीय इकाई के आह्वान पर दुधवा के सभी कर्मी भी हड़ताल में शामिल हो गए और यहां पर्यटन के साथ विभागीय कार्य भी बंद हो गए।
मंगलवार को एफडी संजय सिंह, डिप्टी डायरेक्टर पीपी सिंह को लेकर दुधवा पर्यटन परिसर पहुंचे और कर्मियों से बात की। उन्होंने कर्मियों से दुधवा की छवि का वास्ता देकर आंदोलन खत्म करने को कहा, जिस पर कर्मियों ने कहा कि वे डीएम को निलंबित करवा दें तो अभी हड़ताल खत्म कर दी जाएगी। इस पर एफडी बोले कि उनके पास यह अधिकार नहीं हैं। कर्मियों ने कहा कि तो फिर वे भी उनके आंदोलन में शामिल हो जाएं। कहा कि यह मामला विभागीय स्तर से शासन को पहुंचाया जाना था ताकि शासन इस पर कार्रवाई कर उनकी मांग को पूरी करे। कहा कि शासन ने अब तक उनकी मांग को गंभीरता से नहीं लिया है जबकि मामला काफी गंभीर है और एक बार नहीं दो बार उनको प्रताड़ित किया गया है जब कि पहली बार वे विभागीय और प्रशासनिक अधिकारियों के कहने पर मान गए थे। कहा कि अब ऐसा नहीं होगा आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती। फिलहाल एफडी यह आश्वासन देकर चले गए कि उनकी मांग से उच्चाधिकारियों के जरिए शासन को अवगत कराया जाएगा।
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जारी है ऑन लाइन बुकिंग और परेशान हो रहे सैलानी
वन निगम ने ऑनलाइन बुकिंग बंद नहीं की है और सैलानियों का यहां रोज आना हो रहा है। यहां आकर सैलानी अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं।
वेब साइट पर अब सैलानियों ने बुकिंग निरस्त करना भी शुरू कर दिया है। ऐसे कई मामले सामने आए हैं।
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आंदोलन को खत्म कराने की कोशिश की जा रही है ताकि दुधवा से सैलानियों को मायूस न लौटना पड़े। जल्द ही इस मसले का कोई समाधान निकाल लिया जाएगा।
-पीपी सिंह, डीडी, दुधवा नेशनल पार्क
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दुधवा के जिप्सी चालकों और किशनपुर के बैरियर कर्मियों ने डीएम पर कई आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि उनके इशारे पर ही एआरटीओ ने गलत तरीके से उनकी जिप्सी उठवाकर सीज कर दीं। उनके आंदोलन से पयर्टन ठप हो गया था लेकिन डीडी पीपी सिंह ने सरकारी वाहनों से पर्यटन शुरू कर दिया। एक दो दिन बाद सरकारी वाहन के चालक भी जिप्सी चालकों के पक्ष में चले गए और पर्यटन पूरी तरह से ठप हो गया। इसके बाद फेडरेशन आफ फारेस्ट की स्थानीय इकाई के आह्वान पर दुधवा के सभी कर्मी भी हड़ताल में शामिल हो गए और यहां पर्यटन के साथ विभागीय कार्य भी बंद हो गए।
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मंगलवार को एफडी संजय सिंह, डिप्टी डायरेक्टर पीपी सिंह को लेकर दुधवा पर्यटन परिसर पहुंचे और कर्मियों से बात की। उन्होंने कर्मियों से दुधवा की छवि का वास्ता देकर आंदोलन खत्म करने को कहा, जिस पर कर्मियों ने कहा कि वे डीएम को निलंबित करवा दें तो अभी हड़ताल खत्म कर दी जाएगी। इस पर एफडी बोले कि उनके पास यह अधिकार नहीं हैं। कर्मियों ने कहा कि तो फिर वे भी उनके आंदोलन में शामिल हो जाएं। कहा कि यह मामला विभागीय स्तर से शासन को पहुंचाया जाना था ताकि शासन इस पर कार्रवाई कर उनकी मांग को पूरी करे। कहा कि शासन ने अब तक उनकी मांग को गंभीरता से नहीं लिया है जबकि मामला काफी गंभीर है और एक बार नहीं दो बार उनको प्रताड़ित किया गया है जब कि पहली बार वे विभागीय और प्रशासनिक अधिकारियों के कहने पर मान गए थे। कहा कि अब ऐसा नहीं होगा आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती। फिलहाल एफडी यह आश्वासन देकर चले गए कि उनकी मांग से उच्चाधिकारियों के जरिए शासन को अवगत कराया जाएगा।
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जारी है ऑन लाइन बुकिंग और परेशान हो रहे सैलानी
वन निगम ने ऑनलाइन बुकिंग बंद नहीं की है और सैलानियों का यहां रोज आना हो रहा है। यहां आकर सैलानी अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं।
वेब साइट पर अब सैलानियों ने बुकिंग निरस्त करना भी शुरू कर दिया है। ऐसे कई मामले सामने आए हैं।
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आंदोलन को खत्म कराने की कोशिश की जा रही है ताकि दुधवा से सैलानियों को मायूस न लौटना पड़े। जल्द ही इस मसले का कोई समाधान निकाल लिया जाएगा।
-पीपी सिंह, डीडी, दुधवा नेशनल पार्क