{"_id":"68851beaafc1fe1c9603f51e","slug":"there-was-panic-in-dhaka-village-after-seeing-two-tigers-early-in-the-morning-lakhimpur-news-c-120-1-sbly1008-151682-2025-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: ढाका गांव में सुबह-सुबह दो बाघ दिखने से अफरा-तफरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: ढाका गांव में सुबह-सुबह दो बाघ दिखने से अफरा-तफरी
Sat, 26 Jul 2025 11:48 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 26 Jul 2025 11:48 PM IST
विज्ञापन
ढ़ाका गांव में ग्रामीणों की जमा भीड़। संवाद।
बांकेगंज। बरौंछा नाला क्षेत्र से एक साथ निकले दो बाघ ढ़ाका गांव में आबादी के पास पहुंच गए। यह देख ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने शोरगुल करने के साथ डंडे लहराकर उन्हें खदेड़ा तो वह गन्ने के खेतों में छिप गए।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन मैलानी रेंज की जटपुरा बीट के पास शनिवार सुबह-सुबह की यह घटना है। बाघ देखने के बाद महिलाएं और बच्चे तो घरों में दुबक गए। इसके बाद तमाम लोग हाथों में लाठी-डंडे लेकर शोरगुल मचाते हुए मौके पर पहुंचे तो बाघों को खदेड़ा। इसके बाद दोनों फिर से बरौंछा नाला की झाड़ियों में छिप गए। सूचना पर पहुंची वन कर्मियों की टीम ने पगचिह्न देखकर बाघ मौजूदगी की पुष्टि की है।
प्रधान राम किशुन और ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार रात 10 बजे बाघ आबादी के पास तक आने के बाद गन्ने के खेतों में छिप गया था। रातभर गुर्राने की आवाजें सुनाई देती रहीं। इसके बाद लोगों ने घरों के सामने आग जलाकर किसी तरह रात काटी। शनिवार अलसुबह दो बाघ गांव में आ गए। बाघों की आमद से लोगों का जीना मुहाल हो गया है।
विज्ञापन
किसानों की खेतीबाड़ी चौपट हो रही है। वन दरोगा राजाराम तिवारी टीम के साथ बाघ की निगरानी में जुटे रहे। बताया कि बाघ की मौजूदगी को देखते हुए नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन मैलानी रेंज की जटपुरा बीट के पास शनिवार सुबह-सुबह की यह घटना है। बाघ देखने के बाद महिलाएं और बच्चे तो घरों में दुबक गए। इसके बाद तमाम लोग हाथों में लाठी-डंडे लेकर शोरगुल मचाते हुए मौके पर पहुंचे तो बाघों को खदेड़ा। इसके बाद दोनों फिर से बरौंछा नाला की झाड़ियों में छिप गए। सूचना पर पहुंची वन कर्मियों की टीम ने पगचिह्न देखकर बाघ मौजूदगी की पुष्टि की है।
विज्ञापन
प्रधान राम किशुन और ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार रात 10 बजे बाघ आबादी के पास तक आने के बाद गन्ने के खेतों में छिप गया था। रातभर गुर्राने की आवाजें सुनाई देती रहीं। इसके बाद लोगों ने घरों के सामने आग जलाकर किसी तरह रात काटी। शनिवार अलसुबह दो बाघ गांव में आ गए। बाघों की आमद से लोगों का जीना मुहाल हो गया है।
विज्ञापन
किसानों की खेतीबाड़ी चौपट हो रही है। वन दरोगा राजाराम तिवारी टीम के साथ बाघ की निगरानी में जुटे रहे। बताया कि बाघ की मौजूदगी को देखते हुए नजर रखी जा रही है।