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तप रही तराई, रुला रही बिजली
लखीमपुर
Updated Sun, 24 May 2015 11:10 PM IST
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दिन पर दिन बढ़ती तपिश से हाहाकार मच गया है। बाजार बेजार हो गए हैं। दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। हालात यह हैं कि सुबह नौ बजे ही घर से निकलना दूभर हो जाता है। दिन चढ़ने के साथ आग बरसने लगती है, जिसके चलते लोगों का हाल-बेहाल है। तेज धूप से भीषण गर्मी के कारण दिन में सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है। रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जिले में जहां बढ़ते तापमान से जनजीवन प्रभावित हो गया है, वहीं फाल्टों के कारण होने वाली बिजली कटौती लोगों को रुला रही है।
सावधान, जरूरी हो तभी निकलें बाहर
रविवार को भी तपिश सुबह से ही परवान चढ़ गई, जिससे मौसम का मिजाज काफी गर्म हो गया। ऐसे में शरीर का तापक्रम गड़बड़ाने से कई गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं, इसलिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है वरना हीट स्ट्रोक (लू) की चपेट में आ सकते हैं। शनिवार को पारा जहां 43 डिग्री था वहीं रविवार को इससे भी ऊपर निकल गया। ऊपर से गर्म हवाओं ने लोगों को पसीने से तर कर दिया। हीट स्ट्रोक यानी लू की चपेट में आकर सावधानी न बरतने पर लोग बुखार, पीलिया, संक्रमित भोजन करने से फूड प्वाइजनिंग सहित कई बीमारियों का शिकार हो सकते हैं। चिकित्सकों के मुताबिक हीट स्ट्रोक में शरीर से पसीना आना बंद हो जाता है जो, काफी खतरनाक होता है। तेज धूप से लाल दाने निकल जाते हैं, जिन्हें चेचक भी कहा जाता है।
डॉक्टरों की राय में लापरवाही पड़ सकती है भारी
डिप्टी सीएमओ डॉ. रविंद्र नाथ वर्मा का कहना है कि अधिक गर्मी और तेज धूप में निकलने से संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। शरीर का तापक्रम नियंत्रित करने वाला हाईपोथेलमस सिस्टम फेल हो जाता है। ऐसे में कान, नाक और गले को बचाना जरूरी है। वहीं फिजीशियन डॉ अनुराग सेठ कहते हैं कि डिहाईड्रेशन, शरीर से पसीने के रूप में पानी का क्षरण हीट स्ट्रोक (लू) का बड़ा कारण है। इसकी चपेट में आने से शरीर का तापक्रम बढ़ जाता है। लू की चपेट में आने वाले मरीज का पहले तापक्रम कम करना चाहिए। उसे पानी से नहला कर ओआरएस का घोल पिलाना चाहिए। गर्मी से बचाव के लिए लापरवाही भारी पड़ सकती है।
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लू लगने की बीमारी के लक्षण
सिर दर्द होना, चक्कर आना, तेज बुखार होना, बेहोशी जैसी स्थित आना, थकान महसूस होना, शरीर में अकड़न होना।
यह बरतें एहतियात
- ओआरएस और नींबू प्याज का इस्तेमाल करें।
- तला भुना गरिष्ठ भोजन खाने से बचें।
- फलों का अधिक सेवन करें, धूप में कम निकलें।
- छाता, कैंप या भीगा कपड़ा सिर पर डालकर निकलें।
- दिनभर खूब पानी पिएं, हल्के और सूती कपड़े पहने।
- धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन लोशन लगाएं।
फाल्टों ने छीना दिन का चैन, रातों की नींद
पारा जैसे-जैसे ऊपर जा रहा है, वैसे-वैसे शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमराती जा रही है। शहर की नई बस्ती, शिव कॉलोनी और सिविल लाइंस में ट्रांसफार्मर में फाल्ट होने की वजह से शनिवार की रात बिजली ने खूब परेशान किया। कई मुहल्लों में ओवरलोडिंग के चलते तार टूटे। शहरवासियों को बामुश्किल दस घंटे से अधिक बिजली नहीं मिल पा रही है। उस दौरान भी फाल्ट होने से क्षेत्र की सप्लाई बंद कर दी जाती है। इससे दिन का चैन और रात की नींद उड़ गई है।
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सावधान, जरूरी हो तभी निकलें बाहर
रविवार को भी तपिश सुबह से ही परवान चढ़ गई, जिससे मौसम का मिजाज काफी गर्म हो गया। ऐसे में शरीर का तापक्रम गड़बड़ाने से कई गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं, इसलिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है वरना हीट स्ट्रोक (लू) की चपेट में आ सकते हैं। शनिवार को पारा जहां 43 डिग्री था वहीं रविवार को इससे भी ऊपर निकल गया। ऊपर से गर्म हवाओं ने लोगों को पसीने से तर कर दिया। हीट स्ट्रोक यानी लू की चपेट में आकर सावधानी न बरतने पर लोग बुखार, पीलिया, संक्रमित भोजन करने से फूड प्वाइजनिंग सहित कई बीमारियों का शिकार हो सकते हैं। चिकित्सकों के मुताबिक हीट स्ट्रोक में शरीर से पसीना आना बंद हो जाता है जो, काफी खतरनाक होता है। तेज धूप से लाल दाने निकल जाते हैं, जिन्हें चेचक भी कहा जाता है।
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डॉक्टरों की राय में लापरवाही पड़ सकती है भारी
डिप्टी सीएमओ डॉ. रविंद्र नाथ वर्मा का कहना है कि अधिक गर्मी और तेज धूप में निकलने से संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। शरीर का तापक्रम नियंत्रित करने वाला हाईपोथेलमस सिस्टम फेल हो जाता है। ऐसे में कान, नाक और गले को बचाना जरूरी है। वहीं फिजीशियन डॉ अनुराग सेठ कहते हैं कि डिहाईड्रेशन, शरीर से पसीने के रूप में पानी का क्षरण हीट स्ट्रोक (लू) का बड़ा कारण है। इसकी चपेट में आने से शरीर का तापक्रम बढ़ जाता है। लू की चपेट में आने वाले मरीज का पहले तापक्रम कम करना चाहिए। उसे पानी से नहला कर ओआरएस का घोल पिलाना चाहिए। गर्मी से बचाव के लिए लापरवाही भारी पड़ सकती है।
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लू लगने की बीमारी के लक्षण
सिर दर्द होना, चक्कर आना, तेज बुखार होना, बेहोशी जैसी स्थित आना, थकान महसूस होना, शरीर में अकड़न होना।
यह बरतें एहतियात
- ओआरएस और नींबू प्याज का इस्तेमाल करें।
- तला भुना गरिष्ठ भोजन खाने से बचें।
- फलों का अधिक सेवन करें, धूप में कम निकलें।
- छाता, कैंप या भीगा कपड़ा सिर पर डालकर निकलें।
- दिनभर खूब पानी पिएं, हल्के और सूती कपड़े पहने।
- धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन लोशन लगाएं।
फाल्टों ने छीना दिन का चैन, रातों की नींद
पारा जैसे-जैसे ऊपर जा रहा है, वैसे-वैसे शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमराती जा रही है। शहर की नई बस्ती, शिव कॉलोनी और सिविल लाइंस में ट्रांसफार्मर में फाल्ट होने की वजह से शनिवार की रात बिजली ने खूब परेशान किया। कई मुहल्लों में ओवरलोडिंग के चलते तार टूटे। शहरवासियों को बामुश्किल दस घंटे से अधिक बिजली नहीं मिल पा रही है। उस दौरान भी फाल्ट होने से क्षेत्र की सप्लाई बंद कर दी जाती है। इससे दिन का चैन और रात की नींद उड़ गई है।