Lakhimpur Kheri: मैलानी-पीलीभीत के बीच ट्रेनें चलने में अभी लगेगा वक्त, बारिश में बह गई थी रेलवे की पुलिया
शाहगढ़ और संदेई हॉल्ट के बीच बंगला गांव के पास रेलवे की पुलिया संख्या 305 आठ जुलाई को बारिश में बह गई थी, जिससे ट्रक हवा में झूल गया था। तब से रेल ट्रैक को दुरुस्त किया जा रहा है।
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शाहगढ़-माला सेक्शन के शाहगढ़ और संदेई हॉल्ट के बीच बंगला गांव के पास रेलवे की एक पुलिया संख्या 305 आठ जुलाई को बारिश में बह गई थी, जिससे ट्रक हवा में झूल गया था। तभी से रेल प्रशासन ट्रैक को दुरुस्त करने में लगा हुआ है।
मैलानी से मालगाड़ी और डंपरों से साइट पर बोल्डर भेजा जा रहा है। साइट पर पहुंचने का रास्ता भी ठीक नहीं है। बारिश और कीचड़ से काम में और परेशानी आ रही है। इस कारण काम तीव्र गति से नहीं हो पा रहा।
ट्रैक दुरुस्त में लग सकते हैं 15 दिन
पता चला है कि ग्रामीण साइट पर जाने के लिए रास्ता बनाने में भी अड़चन पैदा कर रहे हैं। साइट पर काम करवा रहे जानकारों का कहना है कि जिस गति से काम चल रहा है, उसे देखते हुए कम से कम 15 दिन से पहले ट्रैक दुरुस्त होकर दोबारा आवागमन शुरू होना मुश्किल लग रहा है।
इज्जतनगर मंडल के पीआरओ राजेंद्र सिंह के मुताबिक रेल संचालन बहाली के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। रेलवे बोर्ड के अतिरिक्त सदस्य (इंजीनियरिंग) चंद्रप्रकाश गुप्ता, प्रमुख मुख्य इंजीनियर ब्रिज गोरखपुर रंजन यादव, डीआरएम रेखा यादव, चीफ ब्रिज इंजीनियर गोरखपुर राजीव अग्रवाल के निर्देशन में काम चल रहा है।
मैलानी-पीलीभीत के बीच चलनी थीं तीन नई पैसेंजर ट्रेनें
आमान परिवर्तित मैलानी-पीलीभीत रेलखंड पर मैलानी से पीलीभीत के बीच जल्द ही तीन नई पैसेंजर ट्रेनें शुरू होनी थीं। रेलवे बोर्ड ने चार जुलाई को जारी एक पत्र के माध्यम से इन नई ट्रेनों के संचालन और शाहगढ़ पैसेंजर का पीलीभीत तक विस्तार किए जाने की स्वीकृति दी थी। पुलिया बह जाने से इन ट्रेनों को संचालन भी खटाई में पड़ गया है।
इज्जतनगर मंडल के पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि माला-शाहगढ़ के बीच पुलिया संख्या 305 के रेस्टोरेशन के लिए इंजीनियरिंग विशेषज्ञों की देखरेख में कई श्रमिक काम में लगे हैं। वैगनों से लाए बोल्डर को मैटेरियल ट्रॉली और जेसीबी की मदद से बोल्डर, सिंडर कटान साइट पर डाला जा रहा है। जेसीबी, पोकलेन और तमाम श्रमिकों की मदद से रेस्टोरेशन का काम किया जा रहा है।