{"_id":"f54d77cd2fbec4cba3751ec0897ae1a4","slug":"the-two-teens-immersed-in-the-bath-canal-death-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहाने गए दो किशोर नहर में डूबे, मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहाने गए दो किशोर नहर में डूबे, मौत
गोला गोकर्णनाथ
Updated Sat, 16 May 2015 08:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोतवाली क्षेत्र में स्थित बड़ी नहर में नहाने गए पांच किशोरों में दो की पानी में डूबकर मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही पीड़ित परिवारों में कोहराम मच गया। मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों शवाें को नहर से बाहर निकाला गया, जिसके बाद पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया।
नगर के मोहल्ला मुन्नूगंज निवासी योगेंद्र पाल सिंह का पुत्र 16 वर्षीय हितेश सिंह, मोहल्ला घोसियाना निवासी अनिल गुप्ता का 16 वर्र्षीय पुत्र कृष्णा, कुम्हारन टोला निवासी महेश पटवारी का पुत्र शिवांश, विकास चौराहा निवासी रामनरेश वर्मा का पुत्र आदर्श वर्मा और मुन्नूगंज निवासी भारत प्रसाद वर्मा का पुत्र शिवम वर्मा शनिवार को दो बाइकों से अंबारा जंगल स्थित नहर में नहाने के लिए गए थे। आदर्श और शिवम ने बताया कि नहर में नहाते समय हितेश सिंह डूबने लगा तो उसे बचाने के लिए कृष्णा भी नहर में कूद गया। नहर में गहराई अधिक होने के कारण दोनों किशोर डूबते चले गए। यह देख आदर्श और शिवम ने भी उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह गहराई अधिक होने के कारण अंदर नहीं जा सके। दो दोस्तों के डूबने के बाद तीनों किशोर घबरा गए और आनन-फानन में घर पर सूचना दी, जिसके बाद परिवार वाले घटनास्थल पर पहुंचे। सूचना मिलने पर एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता और कोतवाल एके उपाध्याय, एसएन द्विवेदी, शैलेंद्र सिंह आदि मौके पर पहुंचे। कोतवाल ने लापता किशोरों की नहर में तलाश कराने के लिए गोताखोर बुलाए, जिनके न मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम को बुलाया गया। कड़ी मशक्कत के बाद पहले कृष्णा और बाद में हितेश के शव को नहर से निकाला गया।
घटनास्थल और घरों पर पहुंचे तमाम सहपाठी
गोला गोकर्णनाथ। नहर में डूबे दोनों किशोर सेंट जांस इंटर कॉलेज में कक्षा 10 के छात्र थे। जैसे ही सहपाठियों को हितेश सिंह और कृष्णा के डूबने की खबर मिली तो वे पहले घटनास्थल और फिर दोनों के घरों पर गए। कॉलेज के शिक्षकों ने भी दोनों परिवारों को ढाढ़स बंधाया।
विज्ञापन
दोनों के साथ ही डूब गए सपने
गोला गोकर्णनाथ। बड़ी नहर में नहाते समय डूबे दोनों किशोर हितेश सिंह और कृष्णा हाईस्कूल के प्रतिभाशाली छात्र थे। उनके माता पिता ने अपने बच्चों के लिए काफी सपने संजोए थे। कृष्णा की बहन कविता ने बताया कि कृष्णा पढ़ाई में मेधावी रहा। वह प्रशासनिक अफसर बनकर देश और समाज सेवा का स्वप्न देखा करता था। इसी तरह हितेश भी मिलनसार था और प्रशासनिक सेवा के जरिए परिवार और नगर का नाम रोशन क रने की चाह रखता था। दोनों की मौत से परिवार वाले गमजदा हैं।
कृष्णा की मौत से बहन टूटी
गोला गोकर्णनाथ। नहर में डूबा कृष्णा अपने परिवार का इकलौता चिराग था। उसके कोई भाई नहीं, बल्कि बहन कविता है। भाई की मौत के बाद अब कविता पूरी तरह टूट गई है। उसके आंखों के आंसू रोके नहीं रुक रहे हैं।
डेंजर जोन बन रही है बड़ी नहर
गोला गोकर्णनाथ। जिस बड़ी नहर में आज दो किशोर डूबे हैं, नहर की गहराई अधिक होने के कारण उसमें इससे पहले भी कई छात्र और किशोर नहाते समय डूब चुके हैं। जंगल के बीच पेड़ों की छांव में गहरी नहर होने के कारण इसका शीतल जल अनायास ही गर्मी के मौसम में लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। प्रतिदिन तमाम लोग नहाने आते हैं। जरा सी चूक होने पर डूबने का खतरा रहता है। पिछले वर्ष मुन्नूगंज निवासी पिंटू की भी नहर में डूबकर मौत हो चुकी है, इससे पूर्व कालिका प्रसाद के पौत्र की भी इसी नहर में डूबकर मौत हो चुकी है।
कोतवाल, गोला एके उपाध्याय ने बताया कि परिवार वालों ने पोस्टमार्टम या किसी कार्रवाई से इंकार कर दिया है, जिसके कारण शवों का पंचनामा भरकर परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया गया है।
विज्ञापन
नगर के मोहल्ला मुन्नूगंज निवासी योगेंद्र पाल सिंह का पुत्र 16 वर्षीय हितेश सिंह, मोहल्ला घोसियाना निवासी अनिल गुप्ता का 16 वर्र्षीय पुत्र कृष्णा, कुम्हारन टोला निवासी महेश पटवारी का पुत्र शिवांश, विकास चौराहा निवासी रामनरेश वर्मा का पुत्र आदर्श वर्मा और मुन्नूगंज निवासी भारत प्रसाद वर्मा का पुत्र शिवम वर्मा शनिवार को दो बाइकों से अंबारा जंगल स्थित नहर में नहाने के लिए गए थे। आदर्श और शिवम ने बताया कि नहर में नहाते समय हितेश सिंह डूबने लगा तो उसे बचाने के लिए कृष्णा भी नहर में कूद गया। नहर में गहराई अधिक होने के कारण दोनों किशोर डूबते चले गए। यह देख आदर्श और शिवम ने भी उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह गहराई अधिक होने के कारण अंदर नहीं जा सके। दो दोस्तों के डूबने के बाद तीनों किशोर घबरा गए और आनन-फानन में घर पर सूचना दी, जिसके बाद परिवार वाले घटनास्थल पर पहुंचे। सूचना मिलने पर एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता और कोतवाल एके उपाध्याय, एसएन द्विवेदी, शैलेंद्र सिंह आदि मौके पर पहुंचे। कोतवाल ने लापता किशोरों की नहर में तलाश कराने के लिए गोताखोर बुलाए, जिनके न मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम को बुलाया गया। कड़ी मशक्कत के बाद पहले कृष्णा और बाद में हितेश के शव को नहर से निकाला गया।
विज्ञापन
घटनास्थल और घरों पर पहुंचे तमाम सहपाठी
गोला गोकर्णनाथ। नहर में डूबे दोनों किशोर सेंट जांस इंटर कॉलेज में कक्षा 10 के छात्र थे। जैसे ही सहपाठियों को हितेश सिंह और कृष्णा के डूबने की खबर मिली तो वे पहले घटनास्थल और फिर दोनों के घरों पर गए। कॉलेज के शिक्षकों ने भी दोनों परिवारों को ढाढ़स बंधाया।
विज्ञापन
दोनों के साथ ही डूब गए सपने
गोला गोकर्णनाथ। बड़ी नहर में नहाते समय डूबे दोनों किशोर हितेश सिंह और कृष्णा हाईस्कूल के प्रतिभाशाली छात्र थे। उनके माता पिता ने अपने बच्चों के लिए काफी सपने संजोए थे। कृष्णा की बहन कविता ने बताया कि कृष्णा पढ़ाई में मेधावी रहा। वह प्रशासनिक अफसर बनकर देश और समाज सेवा का स्वप्न देखा करता था। इसी तरह हितेश भी मिलनसार था और प्रशासनिक सेवा के जरिए परिवार और नगर का नाम रोशन क रने की चाह रखता था। दोनों की मौत से परिवार वाले गमजदा हैं।
कृष्णा की मौत से बहन टूटी
गोला गोकर्णनाथ। नहर में डूबा कृष्णा अपने परिवार का इकलौता चिराग था। उसके कोई भाई नहीं, बल्कि बहन कविता है। भाई की मौत के बाद अब कविता पूरी तरह टूट गई है। उसके आंखों के आंसू रोके नहीं रुक रहे हैं।
डेंजर जोन बन रही है बड़ी नहर
गोला गोकर्णनाथ। जिस बड़ी नहर में आज दो किशोर डूबे हैं, नहर की गहराई अधिक होने के कारण उसमें इससे पहले भी कई छात्र और किशोर नहाते समय डूब चुके हैं। जंगल के बीच पेड़ों की छांव में गहरी नहर होने के कारण इसका शीतल जल अनायास ही गर्मी के मौसम में लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। प्रतिदिन तमाम लोग नहाने आते हैं। जरा सी चूक होने पर डूबने का खतरा रहता है। पिछले वर्ष मुन्नूगंज निवासी पिंटू की भी नहर में डूबकर मौत हो चुकी है, इससे पूर्व कालिका प्रसाद के पौत्र की भी इसी नहर में डूबकर मौत हो चुकी है।
कोतवाल, गोला एके उपाध्याय ने बताया कि परिवार वालों ने पोस्टमार्टम या किसी कार्रवाई से इंकार कर दिया है, जिसके कारण शवों का पंचनामा भरकर परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया गया है।