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Lakhimpur Kheri News: बाघ पकड़ने के लिए बांधे गए पड्डे का हुआ शिकार, देखता रह गया वन विभाग
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लखीमपुर खीरी। मूड़ा अस्सी और इमलिया निवासी युवकों पर मार डालने वाले बाघ को पकड़ने के लिए बांधे गए पड्डे का भी शिकार हो गया। पड्डे को मारकर बाघ वापस खेतों में चला गया।
निगरानी में जुटी वन विभाग की टीम ने बाघ की लोकेशन ट्रेस कर स्पॉट चिह्नित कर लिया है। चिह्नित क्षेत्र में ग्रामीणों का आवागमन रोक दिया गया है। 27 अगस्त को हैदराबाद थाना के गांव इमलिया निवासी अमरेश कुमार और तीन दिन पहले मूड़ा अस्सी गांव के जाकिर अली को मौत के घाट उतारने वाला बाघ अब तक वन विभाग की पकड़ में नहीं आया है। बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने मूड़ा अस्सी गांव के बाहर खेतों के समीप पड्डे को बांधा था। बाघ ने पड्डे को निवाला बनाया और वापस खेतों में घुस गया।
हालांकि वन विभाग स्पॉट चिह्नित करने का दावा कर रहा है। कानपुर चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक डाॅ. दया एवं डाॅ. नितेश कुमार कटियार वनकर्मियों के साथ क्षेत्र निगरानी में जुटे हैं। दक्षिण खीरी वन प्रभाग के डीएफओ संजय विश्वाल ने बताया कि चिह्नित जगह को आइसोलेट कर बाघ को बेहोश करने का प्रयास किया जा रहा है। बाघ को रेस्क्यू करने की प्रक्रिया के दौरान लोगों को इस क्षेत्र में जाने से रोका गया है। वनकर्मी इमलिया, अजान, मूड़ा जवाहर, घरथनियां व बांसगाव सहित समीपवर्ती ग्रामों में मानव वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के संबंध में ग्रामीणोंं को जागरूक कर रहे हैं। जागरूकता अभियान में बाघ मित्र, ग्रामीणों को वन्यजीव एवं जनमानस सुरक्षा के उपाय बता रहे हैं।
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निगरानी में जुटी वन विभाग की टीम ने बाघ की लोकेशन ट्रेस कर स्पॉट चिह्नित कर लिया है। चिह्नित क्षेत्र में ग्रामीणों का आवागमन रोक दिया गया है। 27 अगस्त को हैदराबाद थाना के गांव इमलिया निवासी अमरेश कुमार और तीन दिन पहले मूड़ा अस्सी गांव के जाकिर अली को मौत के घाट उतारने वाला बाघ अब तक वन विभाग की पकड़ में नहीं आया है। बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने मूड़ा अस्सी गांव के बाहर खेतों के समीप पड्डे को बांधा था। बाघ ने पड्डे को निवाला बनाया और वापस खेतों में घुस गया।
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हालांकि वन विभाग स्पॉट चिह्नित करने का दावा कर रहा है। कानपुर चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक डाॅ. दया एवं डाॅ. नितेश कुमार कटियार वनकर्मियों के साथ क्षेत्र निगरानी में जुटे हैं। दक्षिण खीरी वन प्रभाग के डीएफओ संजय विश्वाल ने बताया कि चिह्नित जगह को आइसोलेट कर बाघ को बेहोश करने का प्रयास किया जा रहा है। बाघ को रेस्क्यू करने की प्रक्रिया के दौरान लोगों को इस क्षेत्र में जाने से रोका गया है। वनकर्मी इमलिया, अजान, मूड़ा जवाहर, घरथनियां व बांसगाव सहित समीपवर्ती ग्रामों में मानव वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के संबंध में ग्रामीणोंं को जागरूक कर रहे हैं। जागरूकता अभियान में बाघ मित्र, ग्रामीणों को वन्यजीव एवं जनमानस सुरक्षा के उपाय बता रहे हैं।
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