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टैबलेट के जरिये बूथों की होगी वेबकास्टिंग
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Sun, 22 Jan 2017 11:36 PM IST
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- फोटो : getty images
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- निर्वाचन आयोग ने निक्सी एजेंसी को सौंपी जिम्मेदारी
विधानसभा चुनाव में कुल पोलिंग बूथों के 10 फीसदी बूथों पर मतदान प्रक्रिया की वेबकास्टिंग की जाएगी। निर्वाचन आयोग ने बूथों की वेबकास्टिंग के लिए दिल्ली की एजेंसी निक्सी को जिम्मेदारी सौंपी है, जो टैबलेट के जरिये बूथों की वेबकास्टिंग कराएगी।
जिले में 1645 पोलिंग स्टेशनों पर कुल 2698 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें से 10 फीसदी यानी करीब 270 बूथों पर मतदान का आनलाइन प्रसारण किया जाना है। इससे जिला निर्वाचन कार्यालय से लेकर निर्वाचन आयोग पोलिंग बूथों पर सीधी नजर रखेगा। पहले जिले स्तर पर ही वेबकास्टिंग कराने के लिए टेंडर निकाले गए थे, लेकिन किसी एजेंसी ने वेबकास्टिंग के लिए हामी नहीं भरी थी। सूत्रों की माने तो बजट कम होने के चलते अन्य जिलों में भी टेंडर नहीं हो सके थे, लिहाजा निर्वाचन आयोग ने दिल्ली की निक्सी एजेंसी को पूरे उत्तर प्रदेश में वेबकास्टिंग की जिम्मेदारी सौंप दी है। अपर जिला निर्वाचन अधिकारी उमेश नारायण पांडेय ने बताया कि क्रिटिकल बूथों पर वेबकास्टिंग कराने का जोर रहेगा। कई स्थानों पर नेटवर्क की समस्या होने के चलते टैबलेट के जरिये प्रसारण कराया जाएगा। टैबलेट में दो सिम डालने के लिए स्लाट रहेगा, जिसमें बीएसएनएल और वोडाफोन के सिम प्रयोग किए जा सकते हैं।
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विधानसभा चुनाव में कुल पोलिंग बूथों के 10 फीसदी बूथों पर मतदान प्रक्रिया की वेबकास्टिंग की जाएगी। निर्वाचन आयोग ने बूथों की वेबकास्टिंग के लिए दिल्ली की एजेंसी निक्सी को जिम्मेदारी सौंपी है, जो टैबलेट के जरिये बूथों की वेबकास्टिंग कराएगी।
जिले में 1645 पोलिंग स्टेशनों पर कुल 2698 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें से 10 फीसदी यानी करीब 270 बूथों पर मतदान का आनलाइन प्रसारण किया जाना है। इससे जिला निर्वाचन कार्यालय से लेकर निर्वाचन आयोग पोलिंग बूथों पर सीधी नजर रखेगा। पहले जिले स्तर पर ही वेबकास्टिंग कराने के लिए टेंडर निकाले गए थे, लेकिन किसी एजेंसी ने वेबकास्टिंग के लिए हामी नहीं भरी थी। सूत्रों की माने तो बजट कम होने के चलते अन्य जिलों में भी टेंडर नहीं हो सके थे, लिहाजा निर्वाचन आयोग ने दिल्ली की निक्सी एजेंसी को पूरे उत्तर प्रदेश में वेबकास्टिंग की जिम्मेदारी सौंप दी है। अपर जिला निर्वाचन अधिकारी उमेश नारायण पांडेय ने बताया कि क्रिटिकल बूथों पर वेबकास्टिंग कराने का जोर रहेगा। कई स्थानों पर नेटवर्क की समस्या होने के चलते टैबलेट के जरिये प्रसारण कराया जाएगा। टैबलेट में दो सिम डालने के लिए स्लाट रहेगा, जिसमें बीएसएनएल और वोडाफोन के सिम प्रयोग किए जा सकते हैं।
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