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वैदिक मंत्रों के साथ हुई मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा
लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 15 Apr 2015 05:32 PM IST
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ऋषि आश्रम में बुधवार को मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस मौके पर हवन, यज्ञ और भंडारे का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम जी महाराज उपस्थित रहे।
ऋषि आश्रम के नव निर्मित देवालयों में बुधवार को व्यवसाई प्रेमशंकर अग्रवाल ने हनुमान जी, सिद्धेश्वरी मां दुर्गा जी, त्र्यंबकेश्वर महादेव, मां पार्वती, गणेश जी तथा नंदी जी के अलावा ऋषि आश्रम के संस्थापक स्वामी नारदानंद जी की मूर्तियों की स्थापना कराई। इस मौके पर हवन और यज्ञ हुआ। प्रेमशंकर अग्रवाल और उनकी पत्नी रश्मि अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, स्मृति अग्रवाल, दीपक अग्रवाल और निमिषा अग्रवाल ने यज्ञ में आहुतियां दीं। जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम जी महाराज ने सभी को आशीर्वाद दिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में ही ऐसा चमत्कार हैं कि भगवान के निर्गुण और सगुण दोनों रूपों की उपासना की जाती है। प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर पंडित वटुक शास्त्री, पं.रामदेव शास्त्री, कृष्ण कुमार गौड़ और भवानी सहित तमाम लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन भंडारे के साथ हुआ। इसमें शहर के सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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ऋषि आश्रम के नव निर्मित देवालयों में बुधवार को व्यवसाई प्रेमशंकर अग्रवाल ने हनुमान जी, सिद्धेश्वरी मां दुर्गा जी, त्र्यंबकेश्वर महादेव, मां पार्वती, गणेश जी तथा नंदी जी के अलावा ऋषि आश्रम के संस्थापक स्वामी नारदानंद जी की मूर्तियों की स्थापना कराई। इस मौके पर हवन और यज्ञ हुआ। प्रेमशंकर अग्रवाल और उनकी पत्नी रश्मि अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, स्मृति अग्रवाल, दीपक अग्रवाल और निमिषा अग्रवाल ने यज्ञ में आहुतियां दीं। जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम जी महाराज ने सभी को आशीर्वाद दिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में ही ऐसा चमत्कार हैं कि भगवान के निर्गुण और सगुण दोनों रूपों की उपासना की जाती है। प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर पंडित वटुक शास्त्री, पं.रामदेव शास्त्री, कृष्ण कुमार गौड़ और भवानी सहित तमाम लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन भंडारे के साथ हुआ। इसमें शहर के सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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